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डीएम दफ्तर में अब हर रोज मिनी तहसील दिवस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 06 May 2017 01:37 AM IST
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डीएम कार्यालय।
- फोटो : Amar Ujala
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एक ही जगह पर विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए अब तहसील दिवस का इंतजार करने की जरूरत नहीं। डीएम दफ्तर में ही हर रोज मिनी तहसील दिवस लगने लगा है। फरियादियों की सहूलियत के लिए डीएम राजीव रौतेला ने जनता दर्शन के दौरान सभी प्रमुख विभागों के अफसराें को मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
खासकर के उन विभाग के अफसराें को जरूर, जिनके पास रोजाना पीड़ित फरियाद लेकर पहुंचते हैं। डीएम की इस पहल से लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत तो मिलेगी ही, मामलों के निस्तारण को लेकर अफसरों के टालू रवैये में भी सुधार होगा।
जनता दर्शन के दौरान समाज कल्याण विभाग, जिला पूर्ति, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास विभाग, जिला विकलांग कल्याण विभाग समेत करीब 10 विभागों के अफसर मौजूद रह रहे हैं। इनके अलावा भी अगर कोई फरियादी डीएम के पास किसी दूसरे विभाग से जुड़े मामलों में प्रार्थनापत्र लेकर पहुंच रहा है तो डीएम उस विभाग के अफसरों को मौके पर तलब भी कर रहे हैं। छोटे मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं और जो थोड़े पेंचीदे या जिनमें मौके पर निरीक्षण आदि की जरूरत है, उनके निस्तारण की मियाद तय की जा रही है।
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सुबह 11 बजे जनता दर्शन का समय खत्म होने के बाद उस दिन आने वाली सभी समस्याआें और उनमें मौके पर निस्तारित हुए मामलों की समीक्षा की जा रही है। जो मामले नहीं निस्तारित हो पाए, उन्हें लेकर डीएम संबंधित अफसर से ये भी पूछ रहे हैं कि वे मामले कब तक निस्तारित हो जाएंगे। यही नहीं अफसरों को मामलों का निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है।
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खासकर के उन विभाग के अफसराें को जरूर, जिनके पास रोजाना पीड़ित फरियाद लेकर पहुंचते हैं। डीएम की इस पहल से लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत तो मिलेगी ही, मामलों के निस्तारण को लेकर अफसरों के टालू रवैये में भी सुधार होगा।
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जनता दर्शन के दौरान समाज कल्याण विभाग, जिला पूर्ति, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास विभाग, जिला विकलांग कल्याण विभाग समेत करीब 10 विभागों के अफसर मौजूद रह रहे हैं। इनके अलावा भी अगर कोई फरियादी डीएम के पास किसी दूसरे विभाग से जुड़े मामलों में प्रार्थनापत्र लेकर पहुंच रहा है तो डीएम उस विभाग के अफसरों को मौके पर तलब भी कर रहे हैं। छोटे मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं और जो थोड़े पेंचीदे या जिनमें मौके पर निरीक्षण आदि की जरूरत है, उनके निस्तारण की मियाद तय की जा रही है।
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सुबह 11 बजे जनता दर्शन का समय खत्म होने के बाद उस दिन आने वाली सभी समस्याआें और उनमें मौके पर निस्तारित हुए मामलों की समीक्षा की जा रही है। जो मामले नहीं निस्तारित हो पाए, उन्हें लेकर डीएम संबंधित अफसर से ये भी पूछ रहे हैं कि वे मामले कब तक निस्तारित हो जाएंगे। यही नहीं अफसरों को मामलों का निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है।