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50 हजार बच्चों को नहीं मिल रहा दूध
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:15 AM IST
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गोरखपुर। परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील में बच्चों को दूध पिलाने को लेकर भले ही शासन स्तर से सख्ती की जा रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर हेडमास्टर के साथ अधिकारी भी रुचि नहीं ले रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पांच ब्लॉक ब्लॉकों के 50 हजार बच्चों को नियमित दूध नहीं मिल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खंड शिक्षाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्हें विभाग की ओर से अर्ध शासकीय पत्र (डीओ लेटर) जारी किया गया है, स्थिति में सुधार न होने पर अब उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग में मार्च और अप्रैल महीने की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें पाया गया है कि गोला, पाली, जंगल कौड़िया, कैंपियरगंज और सहजनवां ब्लॉक में 10 से 20 फीसदी बच्चों को दूध पिलाया जा रहा है। ज्यादातर स्कूलों में हेडमास्टर और प्रधान के बीच सामंजस्य का अभाव पाया गया है। सबसे खराब स्थिति गोला की है, यहां 10 फीसदी बच्चों को ही दूध पिलाया गया है। सबसे अच्छी स्थिति सरदारनगर और ब्रह्मपुर ब्लॉक की है। दोनों ब्लॉकों में 95 फीसदी बच्चों को दूध पिलाया गया है।
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बीएसए ओपी यादव ने बताया कि बच्चों को दूध पिलाने के मामले में पांच ब्लॉकों की स्थिति खराब मिली है। यहां खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस दिया गया था लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। लापरवाही के आरोप में इन्हें डीओ लेटर जारी किया गया है। इसके बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पांच ब्लॉक ब्लॉकों के 50 हजार बच्चों को नियमित दूध नहीं मिल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खंड शिक्षाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्हें विभाग की ओर से अर्ध शासकीय पत्र (डीओ लेटर) जारी किया गया है, स्थिति में सुधार न होने पर अब उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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बेसिक शिक्षा विभाग में मार्च और अप्रैल महीने की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें पाया गया है कि गोला, पाली, जंगल कौड़िया, कैंपियरगंज और सहजनवां ब्लॉक में 10 से 20 फीसदी बच्चों को दूध पिलाया जा रहा है। ज्यादातर स्कूलों में हेडमास्टर और प्रधान के बीच सामंजस्य का अभाव पाया गया है। सबसे खराब स्थिति गोला की है, यहां 10 फीसदी बच्चों को ही दूध पिलाया गया है। सबसे अच्छी स्थिति सरदारनगर और ब्रह्मपुर ब्लॉक की है। दोनों ब्लॉकों में 95 फीसदी बच्चों को दूध पिलाया गया है।
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बीएसए ओपी यादव ने बताया कि बच्चों को दूध पिलाने के मामले में पांच ब्लॉकों की स्थिति खराब मिली है। यहां खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस दिया गया था लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। लापरवाही के आरोप में इन्हें डीओ लेटर जारी किया गया है। इसके बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।