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बुद्ध के पारगमन को मुफ्त दिखाएगा तारामंडल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 07 May 2016 08:24 PM IST
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बुद्ध के पारगमन
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खगोल जगत की महत्वपूर्ण घटना ‘बुद्ध के पारगमन’ को दिखाने के लिए वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला ने विशेष इंतजाम किया है। नौ मई को होने वाली इस खगोलीय घटना को दिखाने के लिए विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। उन्हें यह घटना मुफ्त दिखाई जाएगी। यही नहीं इस दिन नक्षत्रशाला के दोपहर तीन से छह बजे के शो को भी मुफ्त कर दिया गया है।
नक्षत्रशाला के प्रभारी महादेव पांडेय ने बताया कि इस खगोलीय घटना को देखने का समय शाम चार बजे से छह बजे का होगा। इसके लिए नक्षत्रशाला में टेलीस्कोप, विशेष सोलर फिल्टर चश्मे और दूरबीन का इंतजाम किया गया है। प्रभारी ने सभी से यह भी अनुरोध किया है कि वे पारगमन की घटना को नंगी आंखों से देखने का प्रयास न करें, वरना आंखें खराब हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि नौ मई को बुध ग्रह सूर्य के सामने से होकर गुजरता हुआ दिखाई देगा। यह घटना एक शताब्दी में औसतन 13 से 14 बार ही घटित होती है। फिलहाल 2016 के बाद यह पारगमन नवंबर 2019 में एक बार फिर देखा जा सकेगा।
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बरतनी होगी ये सावधानी
बुद्ध पारगमन की घटना के दिन नक्षत्रशाला में शाम तीन से छह बजे तक स्लोगन तथा प्रश्न बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। सबसे अच्छा स्लोगन व प्रश्न बनाने वाले विद्यार्थियों को 500-500 रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे।
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नक्षत्रशाला के प्रभारी महादेव पांडेय ने बताया कि इस खगोलीय घटना को देखने का समय शाम चार बजे से छह बजे का होगा। इसके लिए नक्षत्रशाला में टेलीस्कोप, विशेष सोलर फिल्टर चश्मे और दूरबीन का इंतजाम किया गया है। प्रभारी ने सभी से यह भी अनुरोध किया है कि वे पारगमन की घटना को नंगी आंखों से देखने का प्रयास न करें, वरना आंखें खराब हो सकती हैं।
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उन्होंने बताया कि नौ मई को बुध ग्रह सूर्य के सामने से होकर गुजरता हुआ दिखाई देगा। यह घटना एक शताब्दी में औसतन 13 से 14 बार ही घटित होती है। फिलहाल 2016 के बाद यह पारगमन नवंबर 2019 में एक बार फिर देखा जा सकेगा।
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बरतनी होगी ये सावधानी
- बुध के पारगमन को नंगी आंखों से न देखें।
- रंगीन व एक्स-रे फिल्म, धूप के चश्मे के इस्तेमाल से बचे।
- कांच या रंगीन पानी से परावर्तित सूर्य को सीधे न देखें।
- पारगमन देखने के लिए सोलर फिल्टर का उपयोग करें।
- बेल्डिंग ग्लास से भी पारगमन को देखना सुरक्षित रहेगा।
बुद्ध पारगमन की घटना के दिन नक्षत्रशाला में शाम तीन से छह बजे तक स्लोगन तथा प्रश्न बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। सबसे अच्छा स्लोगन व प्रश्न बनाने वाले विद्यार्थियों को 500-500 रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे।