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घरों तक बिल नहीं पहुंचा तो भुगतेंगे एक्सईएन-जेई
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 03 Jun 2016 08:29 PM IST
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बिल
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को वाराणसी में हुई गोरखपुर समेत पूर्वांचल के सभी जोन की समीक्षा बैठक के दौरान उपभोक्ताओं तक बिल न पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर उपभोक्ताओं तक बिल नहीं पहुंचा तो इसके लिए एक्सईएन और जेई जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि शहरी वितरण खंडों में 70 से 90 फीसदी तक बिलिंग हो रही है, मगर उपभोक्ता जहां बिल न पहुंचने से परेशान हैं वहीं विभाग का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक शहर में सभी विद्युत उपभोक्ताओं की रीडिंग के अनुसार बिलिंग नहीं होगी, तब तक शत प्रतिशत राजस्व वसूलने में कठिनाई होगी। उपभोक्ताओं को सही बिल, सही समय पर प्राप्त होगा तभी राजस्व वसूली के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इसीलिए अधिशासी अभियंता (वितरण) और अवर अभियंता (वितरण) को इस काम के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार बनाया गया है। अधीक्षण अभियंता (वितरण) द्वारा प्रत्येक सप्ताह शत- प्रतिशत बिलिंग एवं शत-प्रतिशत बिल वितरण के संबंध में उपखंड अधिकारी/अवर अभियंता (वितरण) की समीक्षा की जाएगी।
एमडी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर महानगरों में 24 घंटे, जिला मुख्यालयों में 20 घंटे तथा गांवों 14 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसके बदले विद्युत उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूलना जेई, एक्सईएन (वितरण) का भी दायित्व है मगर कई खंडों द्वारा लक्ष्य के अनुरूप राजस्व नहीं वसूला जा रहा है। बैठक में गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आजमगढ़, बस्ती, मिर्जापुर के सभी मुख्य अभियंता (वितरण) और एससी (वितरण) मौजूद थे।
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पूर्वांचल के 1.17 लाख उपभोक्ताओं की कटेगी बिजली
पिछले वित्तीय वर्ष में एकमुश्त समाधान योजना के तहत पूर्वांचल में करीब 27.22 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया था। इनमें से गोरखपुर में सर्वाधिक 7.22 लाख, बस्ती में 3.65 लाख, इलाहाबाद में 4.58 लाख, वाराणसी में 6.30 लाख, मिर्जापुर में 1.61 लाख तथा आजमगढ़ में 3.84 लाख उपभोक्ता शामिल हैं, मगर इनमें से करीब 1.17 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने पंजीकरण कराने के बाद बकाया नहीं जमा किया। इसपर एमडीए ने सभी एक्सईएन (वितरण) को निर्देश दिया है कि इन सभी के कनेक्शन पहले काट दिए जाएं और फिर बकाये की वसूली की जाए। उन्होंने एससी (वितरण) को इसकी समीक्षा करने को कहा।
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उन्होंने कहा कि जब तक शहर में सभी विद्युत उपभोक्ताओं की रीडिंग के अनुसार बिलिंग नहीं होगी, तब तक शत प्रतिशत राजस्व वसूलने में कठिनाई होगी। उपभोक्ताओं को सही बिल, सही समय पर प्राप्त होगा तभी राजस्व वसूली के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इसीलिए अधिशासी अभियंता (वितरण) और अवर अभियंता (वितरण) को इस काम के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार बनाया गया है। अधीक्षण अभियंता (वितरण) द्वारा प्रत्येक सप्ताह शत- प्रतिशत बिलिंग एवं शत-प्रतिशत बिल वितरण के संबंध में उपखंड अधिकारी/अवर अभियंता (वितरण) की समीक्षा की जाएगी।
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एमडी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर महानगरों में 24 घंटे, जिला मुख्यालयों में 20 घंटे तथा गांवों 14 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसके बदले विद्युत उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूलना जेई, एक्सईएन (वितरण) का भी दायित्व है मगर कई खंडों द्वारा लक्ष्य के अनुरूप राजस्व नहीं वसूला जा रहा है। बैठक में गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आजमगढ़, बस्ती, मिर्जापुर के सभी मुख्य अभियंता (वितरण) और एससी (वितरण) मौजूद थे।
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पूर्वांचल के 1.17 लाख उपभोक्ताओं की कटेगी बिजली
पिछले वित्तीय वर्ष में एकमुश्त समाधान योजना के तहत पूर्वांचल में करीब 27.22 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया था। इनमें से गोरखपुर में सर्वाधिक 7.22 लाख, बस्ती में 3.65 लाख, इलाहाबाद में 4.58 लाख, वाराणसी में 6.30 लाख, मिर्जापुर में 1.61 लाख तथा आजमगढ़ में 3.84 लाख उपभोक्ता शामिल हैं, मगर इनमें से करीब 1.17 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने पंजीकरण कराने के बाद बकाया नहीं जमा किया। इसपर एमडीए ने सभी एक्सईएन (वितरण) को निर्देश दिया है कि इन सभी के कनेक्शन पहले काट दिए जाएं और फिर बकाये की वसूली की जाए। उन्होंने एससी (वितरण) को इसकी समीक्षा करने को कहा।