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मोबाइल एप पर मिलेगी दवाओं की जानकारी
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2015 02:21 AM IST
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जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध टीकों की जानकारी स्वास्थ्य अफसरों को रोजाना मिलेगी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए एक एप तैयार कराया है, जिसके जरिए उपलब्ध वैक्सीन और स्टोर में मौजूद वैक्सीन की सूची रोजाना अपडेट होगी। साथ ही कोल्ड चैन टूटते ही इसकी जानकारी भी मिल जाएगी।
इसके पहले इसे वेबसाइट पर अपलोड होने की ही सुविधा थी जो महीने में सिर्फ एक बार ही हो पाती है। मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद है।
संयुक्त राष्ट्र के तहत कार्य करने वाली संस्था यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम ने यह एप लाजिस्टिमो नाम की कंपनी से तैयार करवाया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका प्रयोग बीते एक साल से प्रदेश के दो जिलों शाहजहांपुर व बरेली में सफलता से किया जा रहा है।
अब यह कार्यक्रम एक साथ देश के चार प्रदेशों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान में शुरू किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को इसके लिए गोरखपुर मुख्यालय में कार्यशाला होगी। 12 दिसंबर से मंडल के बाकी जिलों और प्रदेश में अन्य स्थानों पर प्रशिक्षण होगा।
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वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए दो से आठ डिग्री सेल्सियस का तापमान जरूरी है। जैसे ही यह तापमान इससे कम या अधिक होगा मोबाइल व इंटरनेट के जरिए स्टॉक और अन्य विवरण के साथ ही कोल्ड चेन की भी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है लेकिन इसके प्रयोग के लिए यूजर आईडी सिर्फ अधिकारियों व संबंधित स्टॉफ के पास होगा। यदि कोई बाहरी व्यक्ति इसकी जानकारी चाहेगा तो वह जिला स्तर से प्रिंट आउट प्राप्त कर सकता है।
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इसके पहले इसे वेबसाइट पर अपलोड होने की ही सुविधा थी जो महीने में सिर्फ एक बार ही हो पाती है। मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद है।
संयुक्त राष्ट्र के तहत कार्य करने वाली संस्था यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम ने यह एप लाजिस्टिमो नाम की कंपनी से तैयार करवाया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका प्रयोग बीते एक साल से प्रदेश के दो जिलों शाहजहांपुर व बरेली में सफलता से किया जा रहा है।
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अब यह कार्यक्रम एक साथ देश के चार प्रदेशों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान में शुरू किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को इसके लिए गोरखपुर मुख्यालय में कार्यशाला होगी। 12 दिसंबर से मंडल के बाकी जिलों और प्रदेश में अन्य स्थानों पर प्रशिक्षण होगा।
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वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए दो से आठ डिग्री सेल्सियस का तापमान जरूरी है। जैसे ही यह तापमान इससे कम या अधिक होगा मोबाइल व इंटरनेट के जरिए स्टॉक और अन्य विवरण के साथ ही कोल्ड चेन की भी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है लेकिन इसके प्रयोग के लिए यूजर आईडी सिर्फ अधिकारियों व संबंधित स्टॉफ के पास होगा। यदि कोई बाहरी व्यक्ति इसकी जानकारी चाहेगा तो वह जिला स्तर से प्रिंट आउट प्राप्त कर सकता है।