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मेडिकल छात्रों ने रैगिंग से किया इन्कार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 19 Feb 2017 12:31 AM IST
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मेडिकल कॉलेज गोरखपुर।
- फोटो : Amar Ujala
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यू-ट्यूब पर पड़ी एक डाक्टयूमेंटी फिल्म में मेडिकल कालेज में रैगिंग के दृश्य को लेकर कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने शनिवार को विस्तृत पड़ताल की। टीम के सदस्यों ने डाक्यूमेंट्री फिल्म देखने के साथ ही एमबीबीएस के 2015 और 2016 बैच के सभी विद्यार्थियों से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान दोनों ही दर्जों के विद्यार्थियों ने लिखित बयान दिया कि कॉलेज में रैगिंग जैसी कोई गतिविधि नहीं होती है। जूनियर्स ने कहा कि सीनियर्स उनकी पूरी मदद करते हैं। पढ़ाई संबंधी किसी भी तरह की दिक्कत आने पर उनका पूरा सहयोग मिलता है। कहा कि यू-ट्यूब पर पड़ी डाक्यूमेंट्री में रैगिंग का सीन सिर्फ और सिर्फ उस फिल्म तक ही सीमित है। उनकी जानकारी में कैंपस में कभी भी रैगिंग नहीं हुई।
हालांकि छात्रों के लिखित बयान के बाद भी कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी का कहना था कि कमेटी में प्रिंसिपल और टीचर्स के होने की वजह से हो सकता है कि छात्र कुछ बताने से डर रहे हों। ऐसे में कमेटी के सदस्य व सीओ गोरखनाथ चारू निगम ने दोनों बैच के विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए उन्हें दो दिन का मौका दिया कि अगर किसी को भी रैगिंग संबंधित कोई शिकायत करनी हो तो वह सीधे उन्हें फोन कर सकता है। दो दिन बाद कमेटी की फिर बैठक होगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि रैगिंग पर जागरूकता के लिए 17 से 19 दिसंबर तक अवेयरनेस ब्लेज- 2016 कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान एक डाक्यूमेंटी फिल्म भी बनाई गई थी जिसमें रैगिंग का भी दृश्य था। कालेज के एक छात्र ने इस फिल्म को प्रमोट करने के लिए उसे यू- ट्यूब पर लोड कर दिया। आल इंडिया हृूमन एंटी रैंगिग कमेटी की इस पर नजर पड़ी तो मामले को संज्ञान में लेते हुए रिपोर्ट मांगी। प्राचार्य का कहना है कि डाक्यूमेंटी फिल्म के साथ छेड़-छाड़ कर किसी ने यह टेक्स्ट जोड़ दिया कि -इस तरह होती है बीआरडी मेडिकल कालेज में रैगिंग। आल इंडिया हृूमन एंटी रैंगिग कमेटी ने इसी को गंभीरता से लिया है।
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बैठक के दौरान कमेटी के अध्यक्ष व कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. राजीव मिश्र, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट जीपी श्रीवास्तव, सीओ गोरखनाथ चारू निगम, डॉ. माहिम मित्तल, डॉ. वीणा आदित्या समेत कई सदस्य मौजूद रहे ।
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हालांकि छात्रों के लिखित बयान के बाद भी कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी का कहना था कि कमेटी में प्रिंसिपल और टीचर्स के होने की वजह से हो सकता है कि छात्र कुछ बताने से डर रहे हों। ऐसे में कमेटी के सदस्य व सीओ गोरखनाथ चारू निगम ने दोनों बैच के विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए उन्हें दो दिन का मौका दिया कि अगर किसी को भी रैगिंग संबंधित कोई शिकायत करनी हो तो वह सीधे उन्हें फोन कर सकता है। दो दिन बाद कमेटी की फिर बैठक होगी।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि रैगिंग पर जागरूकता के लिए 17 से 19 दिसंबर तक अवेयरनेस ब्लेज- 2016 कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान एक डाक्यूमेंटी फिल्म भी बनाई गई थी जिसमें रैगिंग का भी दृश्य था। कालेज के एक छात्र ने इस फिल्म को प्रमोट करने के लिए उसे यू- ट्यूब पर लोड कर दिया। आल इंडिया हृूमन एंटी रैंगिग कमेटी की इस पर नजर पड़ी तो मामले को संज्ञान में लेते हुए रिपोर्ट मांगी। प्राचार्य का कहना है कि डाक्यूमेंटी फिल्म के साथ छेड़-छाड़ कर किसी ने यह टेक्स्ट जोड़ दिया कि -इस तरह होती है बीआरडी मेडिकल कालेज में रैगिंग। आल इंडिया हृूमन एंटी रैंगिग कमेटी ने इसी को गंभीरता से लिया है।
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बैठक के दौरान कमेटी के अध्यक्ष व कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. राजीव मिश्र, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट जीपी श्रीवास्तव, सीओ गोरखनाथ चारू निगम, डॉ. माहिम मित्तल, डॉ. वीणा आदित्या समेत कई सदस्य मौजूद रहे ।