फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   medical service doctor gorakhpur

डा. संतलाल ने जीवनभर की चिकित्सा सेवा, मौत के बाद डॉक्टरों को देंगे शिक्षा में मदद

Wed, 18 Dec 2019 11:11 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 11:11 AM IST
विज्ञापन
medical service doctor  gorakhpur
गोरखपुर में डॉ. संतलाल का पार्थिव शरीर एम्स गोरखपुर प्रबंधन को सौंपा
जीवनभर लोगों को चिकित्सा सेवा देने वाले कानपुर निवासी पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल का पार्थिव शरीर उनकी इच्छा के अनुसार, मंगलवार को एम्स गोरखपुर को सौंप दिया गया।
विज्ञापन


युग दधीचि देहदान संस्थान कानपुर के अध्यक्ष मनोज सेंगर और उनकी पत्नी माधवी सेंगर डॉ. संतलाल का पार्थिव शरीर लेकर शाम छह बजे एम्स पहुंचे। यहां सेंगर दंपति ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रजिस्ट्रार करुणेश प्रताप तथा एनाटॉमी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. विवेक मिश्रा को पार्थिव शरीर सौंपा।
विज्ञापन


मनोज सेंगर ने बताया कि डॉ. संतलाल वर्ष 1995 में उन्नाव में सरकारी चिकित्सा अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2009 में वह युग दधीचि देहदान संस्थान के संपर्क में आए। इसी वर्ष उन्होंने देहदान का संकल्पपत्र भरा था। 16 दिसंबर की शाम कानपुर माल रोड स्थित आवास पर उनका निधन हो गया। उनके पुत्र डॉ. ज्ञानप्रकाश ने उन्हें सूचना दी। कागजी कार्रवाई पूर्ण होने के बाद परिवार ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर विदा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एम्स के छात्रों को पढ़ाई में मिलेगी मदद
मनोज सेंगर ने बताया कि पुरुष शरीर मिलने से एम्स के विद्यार्थियों को मानव शरीर रचना सहित अन्य चिकित्सा शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। रजिस्ट्रार करुणेश प्रताप ने देहदान के लिए एम्स की ओर से संस्थान के अध्यक्ष एवं महासचिव का आभार जताया।


मनोज सेंगर 2003 से चला रहे हैं संस्थान
कानपुर निवासी मनोज सेंगर तथा महासचिव माधवी सेंगर वर्ष 2003 से यह संस्थान चला रहे हैं। इसकी प्रेरणा उन्हें आजाद हिंद फौज की मानवती आर्या से मिली थी जिन्होंने अपने पति का शरीर कानपुर मेडिकल कॉलेज को दान किया था। सेंगर दंपति ने बताया कि प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ विष्णुकांत शास्त्री ने उन्हें संस्थान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया था। संस्थान इसके पहले 22 अक्तूबर को एम्स को ज्योतिमा दीक्षित का पार्थिव शरीर सौंप चुका है। संस्थान अब तक देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को 219 मानव शरीर दान कर चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed