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मेडिकल कॉलेज में फिर हुई मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2017 09:37 PM IST
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मेडिकल कॉलेज
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तीमारदार का पर्चे पर अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लिखने को कहना मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को इतना नागवार गुजरा कि वह मरीज और तीमारदार के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। यही नहीं, मौके पर मौजूद गार्ड ने तो घर वालों और मरीज की पिटाई भी कर दी। सूचना मिलने पर पहुंचे विभागाध्यक्ष ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। उन्होंने मरीज का अल्ट्रासाउंड भी कराया।
कुशीनगर के पडरौना के महान पांडेय गोरखनाथ क्षेत्र में किराए के मकान में रहते हैंा। सोमवार को उन्होंने पेट में दर्द होने पर अपने पुत्र अरुण पांडेय (12) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घर वाले सुबह 10 बजे अरुण को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। ईएनटी विभाग में डॉक्टर ने जांच कर उसे सर्जरी विभाग भेज दिया। सर्जरी विभाग में डॉक्टर ने दवा लिख दी।
दोपहर तीन बजे के करीब घर वाले अरुण को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टर से अरुण की अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए कहा पर डॉक्टर ने इन्कार कर दिया। घर वालों ने जब वजह पूछी तो डॉक्टर ने नहीं बताई। आरोप है कि दोबारा पूछने पर डॉक्टर नाराज हो गए और बदसलूकी पर उतर आए। तभी मौके पर गार्ड पहुंच गया और उसने मरीज और घर वालों की पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच किसी ने सर्जरी विभाग के हेड डॉ. योगेश पाल को सूचना दे दी।
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उन्होंने बीच-बचाव कर लोगों को शांत कराया। जांच के दौरान उन्हें जब मरीज की एक्स-रे रिपोर्ट पर संदेह हुआ तो वह मरीज को खुद लेकर विभाग में पहुंचे और दुबारा जांच कराई। यहीं नहीं, उन्होंने मरीज का अल्ट्रासाउंड भी कराया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मारपीट की घटना की जानकारी नहीं हैं। मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी।
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कुशीनगर के पडरौना के महान पांडेय गोरखनाथ क्षेत्र में किराए के मकान में रहते हैंा। सोमवार को उन्होंने पेट में दर्द होने पर अपने पुत्र अरुण पांडेय (12) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घर वाले सुबह 10 बजे अरुण को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। ईएनटी विभाग में डॉक्टर ने जांच कर उसे सर्जरी विभाग भेज दिया। सर्जरी विभाग में डॉक्टर ने दवा लिख दी।
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दोपहर तीन बजे के करीब घर वाले अरुण को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टर से अरुण की अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए कहा पर डॉक्टर ने इन्कार कर दिया। घर वालों ने जब वजह पूछी तो डॉक्टर ने नहीं बताई। आरोप है कि दोबारा पूछने पर डॉक्टर नाराज हो गए और बदसलूकी पर उतर आए। तभी मौके पर गार्ड पहुंच गया और उसने मरीज और घर वालों की पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच किसी ने सर्जरी विभाग के हेड डॉ. योगेश पाल को सूचना दे दी।
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उन्होंने बीच-बचाव कर लोगों को शांत कराया। जांच के दौरान उन्हें जब मरीज की एक्स-रे रिपोर्ट पर संदेह हुआ तो वह मरीज को खुद लेकर विभाग में पहुंचे और दुबारा जांच कराई। यहीं नहीं, उन्होंने मरीज का अल्ट्रासाउंड भी कराया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मारपीट की घटना की जानकारी नहीं हैं। मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी।