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सीटी स्कैन के इंतजार में मरीज की मौत, परिजनों ने हंगामा किया
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सीटी स्कैन के इंतजार में मरीज की मौत, हंगामा
मेडिकल कॉलेज। सीटी स्कैन के इंतजार में डायग्नोस्टिक सेंटर के बाहर स्ट्रेचर पर ही मरीज की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि यदि मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन पर दोपहर बाद भी जांच की जाती तो मरीज की जान बच सकती थी।
कुशीनगर के भलुहि गद्दारीपट्टी के श्रीकांत त्रिपाठी (40) को रविवार को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया। शाम करीब चार बजे डाक्टरों ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। मेडिसिन विभाग में स्थित सीटी स्कैन सेंटर दो बजे बंद हो जाता है इसलिए परिवार के लोग श्रीकांत को लेकर ट्रामा सेंटर के पास स्थित इंद्रा डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे। यहां पहले से सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों की लाइन थी। परिवार के लोग बारी का इंतजार कर ही रहे थे कि श्रीकांत की सांसें थम गईं। इसके बाद शव स्ट्रेचर पर रखकर परिजनों ने ट्रामा सेंटर के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मेडिकल चौकी प्रभारी प्रभारी गौरव कनौजिया ने समझाबुझा कर लोगों को शांत कराया।
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मेडिकल कॉलेज। सीटी स्कैन के इंतजार में डायग्नोस्टिक सेंटर के बाहर स्ट्रेचर पर ही मरीज की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि यदि मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन पर दोपहर बाद भी जांच की जाती तो मरीज की जान बच सकती थी।
कुशीनगर के भलुहि गद्दारीपट्टी के श्रीकांत त्रिपाठी (40) को रविवार को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया। शाम करीब चार बजे डाक्टरों ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। मेडिसिन विभाग में स्थित सीटी स्कैन सेंटर दो बजे बंद हो जाता है इसलिए परिवार के लोग श्रीकांत को लेकर ट्रामा सेंटर के पास स्थित इंद्रा डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे। यहां पहले से सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों की लाइन थी। परिवार के लोग बारी का इंतजार कर ही रहे थे कि श्रीकांत की सांसें थम गईं। इसके बाद शव स्ट्रेचर पर रखकर परिजनों ने ट्रामा सेंटर के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मेडिकल चौकी प्रभारी प्रभारी गौरव कनौजिया ने समझाबुझा कर लोगों को शांत कराया।
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