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डॉक्टरों के जाति प्रमाण पत्र पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 26 Jun 2016 08:15 PM IST
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पीपीगंज के रहने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों के डॉक्टर बनने पर सवाल उठ गए हैं। वहीं के रहने वाले एक शख्स ने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेज कर जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताया है। आरोप है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए ही उन्हें एमबीबीएस में दाखिला लिया था। पीएमओ कार्यालय से पत्र मिलने के बाद एसएसपी ने सीओ कैंपियरगंज को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। आदेश मिलने पर सीओ ने जांच शुरू कर दी है।
पीपीगंज थाना क्षेत्र के जसवल गांव निवासी अमित स्वरूप ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि गांव के रामप्रसाद के परिवार के श्याम मोहन, सुनील कुमार, पंकज कुमार, पवन कुमार, पुनीत ने सीपीएमटी परीक्षा में अनुसूचित जाति और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित के प्रमाणपत्र लगाकर शामिल हुए। इसी आधार पर उन्हें दाखिला मिला है और वह सरकारी नौकरी भी पा गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक ये लोग बनिया जाति के हैं जो पिछड़ी में आते हैं। इनके बाबा कोई स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे।
चार लोग सरकारी नौकरी में है और पुनीत एमबीबीएस चतुर्थ सेमेस्टर में हैं। सभी ने आगरा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था। सीओ आफिस के मुताबिक इस मामले में जांच शुरू करने के साथ ही बयान भी दर्ज किया जा रहा है।
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पीपीगंज थाना क्षेत्र के जसवल गांव निवासी अमित स्वरूप ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि गांव के रामप्रसाद के परिवार के श्याम मोहन, सुनील कुमार, पंकज कुमार, पवन कुमार, पुनीत ने सीपीएमटी परीक्षा में अनुसूचित जाति और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित के प्रमाणपत्र लगाकर शामिल हुए। इसी आधार पर उन्हें दाखिला मिला है और वह सरकारी नौकरी भी पा गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक ये लोग बनिया जाति के हैं जो पिछड़ी में आते हैं। इनके बाबा कोई स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे।
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चार लोग सरकारी नौकरी में है और पुनीत एमबीबीएस चतुर्थ सेमेस्टर में हैं। सभी ने आगरा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था। सीओ आफिस के मुताबिक इस मामले में जांच शुरू करने के साथ ही बयान भी दर्ज किया जा रहा है।
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