फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   many patients returned to the hospital treatment

बिना इलाज अस्पताल से लौटे कई मरीज

Fri, 25 Dec 2015 03:10 AM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 25 Dec 2015 03:10 AM IST
विज्ञापन
सुबह आठ से साढ़े ग्यारह बजे तक पैथोलॉजी में ब्लड सैंपल लेने का नियम हैं, मगर अक्सर समय से काउंटर न खुलने की शिकायतें आती थीं। इसके बाद एसआईसी ने हाजिरी रजिस्टर को लेकर सख्ती कर दी। इसी के चलते बुधवार को अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। इसका असर बृहस्पतिवार को साफ देखने को मिला। लैब में निर्धारित समय के बाद किसी की जांच नहीं की गई। इसका परिणाम यह हुआ कि कई मरीज बिना इलाज कराए ही लौटने को मजबूर हो गए। हरनहीं से आए शैलेंद्र को समय की दुहाई देकर जांच करने से मना कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने निजी पैथोलॉजी में जांच कराई। उन्होंने बताया कि यदि वह घर लौटते और दोबारा जिला अस्पताल आते तो सौ रुपये की जांच से ज्यादा खर्च किराए में हो जाता। शैलेंद्र की तरह दूर-दराज से आए कई अन्य मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन


एसएसपी से जांच की फरियाद की
गोरखपुर। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को जांच कराने पहुंचे एसएसपी उस समय भौचक हो गए जब एक महिला उनके पास पहुंचकर जांच कराने की फरियाद की। दरअसल, खजनी की सुभावती जांच कराने के लिए आई थी मगर उसे आने में ही देरी हो गई। पैथोलॉजी में जाने के बाद कर्मचारी ने देरी से आने की बात कहते हुए जांच के लिए अगले दिन आने को कहा। परेशान होकर वह लौट रही थी कि रास्ते में जांच कराने पहुंचे एसएसपी से उसकी मुलाकात हो गई। पहले तो एसएसपी ने कोई मुकदमा समझा मगर जब उसने जांच की बात कही तो वह इधर उधर देखने लगे। पास में खड़े चिकित्सा अधीक्षक से उन्होंने जांच कराने को कहा।
विज्ञापन

इनसेट
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
गोरखपुर। जिला अस्पताल में बुधवार को हुई घटना का ब्योरा शासन को भेज दिया गया है। एसआईसी ने बृहस्पतिवार को भेजी गई रिपोर्ट में कर्मचारियों द्वारा अभद्रता करने, कक्ष में आकर धमकी देने, अपशब्द कहने समेत सभी मामलों का जिक्र किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
एसआईसी ने दो, कर्मचारियों ने दी छह तहरीर
गोरखपुर। जिला अस्पताल में बुधवार को हुए विवाद के बाद डॉक्टरों का हाजिरी रजिस्टर फाड़ने की तहरीर के बाद एसआईसी ने कर्मचारियों द्वारा चेंबर में आकर हंगामा करने की दूसरी तहरीर पुलिस को दी। इसमें उन्होंने गाली देने, धमकी देने का आरोप लगाया है। उधर, कर्मचारियों की ओर से छह अलग-अलग लोगों ने तहरीर दी है। इनमें दो महिला नर्सों की अश्लील हरकत का आरोप लगाने वाली भी एक तहरीर है।

कर्मचारियों ने घटना की निंदा की
गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सदस्यों ने महिला अस्पताल में जिला अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक की। इस दौरान बुधवार को जिला अस्पताल में आपत्तिजनक एवं अशोभनीय कार्रवाई कर व्यवधान उत्पन्न करनेे की निंदा की गई। महिला कर्मचारियों ने एसआईसी पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, महिला कर्मियों के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष बीबी सिंह, नवीन श्रीवास्तव, शेषकुमार, सुदामा, बीपी सिंह, एपी त्रिपाठी, कलावती, डीके सिंह आदि उपस्थित रहे।

अलग से लगाएं

हॉस्पिटल में हंगामा करने वाले डॉक्टर को दे रहे धमकी
एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मांगी सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हॉस्पिटल में हंगामा करने वाले लोगों पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर रवींद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को एसएसपी से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने धमकी देने वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए सुरक्षा मांगी है। एसएसपी ने एसओ शाहपुर को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

रेल बिहार कॉलोनी में क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर रवींद्र सिंह बृहस्पतिवार की दोपहर में एसएसपी से मिले। 17 दिसंबर की रात हॉस्पिटल में हंगामा करने वाले मरीज के परिचितों पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने जान को खतरा बताकर सुरक्षा की मांग की। डॉक्टर रवींद्र ने एसएसपी को बताया कि बीमार बच्चे को उन्होंने हॉस्पिटल से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। ऐसे में रात में क्लिनिक पर जुटे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे एसओ ने लोगों को हटाया था। हंगामा करने वाले लोग चार दिन से उनके मोबाइल पर फोन कर जान से मारने की धमकी दे रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed