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तनाव कम करने को ले रहे मंत्रों का सहारा
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तनाव कम करने को ले रहे मंत्रों का सहारा
गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं के तनाव को कम करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र के जाप, हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्रों की मदद ली जा रही है। अस्पताल में गर्भवतियों के वार्ड से लेकर लेबर रूम सहित 12 जगहों पर इन मंत्रों का प्रसारण हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मंत्रों के बजने से महिलाओं पर इसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है।
जिला महिला अस्पताल में प्रधान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद श्रीवास्तव के अनुसार अस्पताल में वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम आदि 12 जगहों पर म्यूजिक सिस्टम लगाए गए हैं। इनपर वैदिक और पौराणिक मंत्र धीमी आवाज में बजाए जाते हैं। आध्यात्मिक मंत्रों के प्रसारण से मरीजों में शांति का अनुभव होता है। इन मंत्रों का प्रसारण सुबह से शाम तक होता है। मंत्रों की वजह से गर्भवती महिलाओं में तनाव कम होता है।
इससे न सिर्फ प्रसव में बल्कि इसके बाद भी उनके जल्द ठीक होने में सहायता मिलती है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20-22 प्रसव होते हैं। इसमें से छह से आठ प्रसव सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए होते हैं।
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गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं के तनाव को कम करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र के जाप, हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्रों की मदद ली जा रही है। अस्पताल में गर्भवतियों के वार्ड से लेकर लेबर रूम सहित 12 जगहों पर इन मंत्रों का प्रसारण हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मंत्रों के बजने से महिलाओं पर इसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है।
जिला महिला अस्पताल में प्रधान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद श्रीवास्तव के अनुसार अस्पताल में वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम आदि 12 जगहों पर म्यूजिक सिस्टम लगाए गए हैं। इनपर वैदिक और पौराणिक मंत्र धीमी आवाज में बजाए जाते हैं। आध्यात्मिक मंत्रों के प्रसारण से मरीजों में शांति का अनुभव होता है। इन मंत्रों का प्रसारण सुबह से शाम तक होता है। मंत्रों की वजह से गर्भवती महिलाओं में तनाव कम होता है।
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इससे न सिर्फ प्रसव में बल्कि इसके बाद भी उनके जल्द ठीक होने में सहायता मिलती है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20-22 प्रसव होते हैं। इसमें से छह से आठ प्रसव सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए होते हैं।
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