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11 जिलों में होगी गीडा के आईओसी के बॉटलिंग प्लांट से एलपीजी की आपूर्ति
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गीडा में इंडियन आयल कार्पोरेशन के बाटलिंग प्लांट के उद्घाटन के अवसर पर प्लांट का निरीक्षण करते स?
सौगात : गीडा के बॉटलिंग प्लांट से 11
जिलों को होगी एलपीजी की आपूर्ति
- सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया आईओसी के बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन
- 204 करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण, प्रत्येक दिन 34 हजार सिलिंडर की होगी आपूर्ति
- 68 हजार सिलिंडर तक बढ़ाई जा सकेगी क्षमता, नवंबर से शुरू हो जाएगा व्यावसायिक उत्पादन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गीडा में करीब 204 करोड़ रुपये की लागत से बने इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया। गीडा सेक्टर 15 में 38 एकड़ में बने इस बॉटलिंग प्लांट से फिलहाल प्रतिदिन 34 हजार गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी। हालांकि प्लांट की क्षमता 68 हजार सिलिंडर प्रतिदिन की है। नवंबर से इस प्लांट से सिलिंडरों की व्यावसायिक आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
बुधवार को प्लांट के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आईओसी का यह बॉटलिंग प्लांट पूर्वी उत्तरप्रदेश में एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत को दूर करने मे सहायक होगा। इस प्लांट से प्रदेश के 11 जिलों में गैस सिलिंडरों की आपूर्ति होगी। उन्होंने बताया कि जनवरी 2015 में प्लांट का शिलान्यास हुआ था। उन्होंने कहा कि यह संयत्र लोगों के घरों तक स्वच्छ, सुरक्षित, विश्वसनीय खाना पकाने वाला ईंधन तो पहुुुंचाएगा ही, लोगों को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में भी इस संयंत्र की भूमिका अहम होगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस बाटलिंग प्लांट की सुरक्षा व परिचालन के मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। प्लांट में पूरी तरह से स्वचालित मशीनें और सुरक्षा की सभी गतिविधियों की निगरानी, संचालन और नियंत्रण के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर बॉटलिंग प्लांट प्रस्तावित कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन का टर्मिनल प्वॉइंट है। यहां गुजरात के कांडला से आने वाली गैस पाइपलाइन और हल्दिया से बरौनी जाने वाली पाइपलाइन जुड़ेगी। इसके अतिरिक्त गेल की वाराणसी-गोरखपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का भी विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान सदर सांसद रविकिशन, विधायक, आईओसी के मार्केटिंग डायरेक्टर गुरमीत सिंह, कार्यकारी निदेशक सुनील माथुर, चेयरमैन संजीव सिंह, मुख्य महाप्रबंधक एलपीजी यादवेंद्र श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देश की सबसे उन्नत तकनीक से लैस है यह बॉटलिंग प्लांट
सामान्य तौर पर देश के सभी बॉटलिंग प्लांट में 48 सिलिंडर फिलिंग क्षमता का एक क्राउजल लगा हुआ है लेकिन गोरखपुर के इस प्लांट में ऐसे दो क्राउजल लगे हैं। इनसे प्रति घंटे करीब 6,000 गैस सिलिंडर की फिलिंग होगी। वहीं किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए लीकेज के दौरान मशीने स्वत: बंद हो जाएंगी। निरीक्षण के दौरान आईओसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्लांट के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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योगी और प्रधान ने ही किया था बॉटलिंग प्लांट का शिलान्यास
जनवरी 2015 में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तत्कालीन गोरखपुर सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने ही इस बॉटलिंग प्लांट का शिलान्यास किया गया था। बुधवार को इन दोनों ने ही इस प्लांट का उद्घाटन किया, लेकिन योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री के रूप में इस उद्घाटन समारोह में शामिल रहे।
इस ठंड में नहीं होगी गैस की किल्लत
गीडा के सेक्टर 15 में 38.5 एकड़ क्षेत्रफल में बने आईओसी के बॉटलिंग प्लांट से रोजाना 34 हजार सिलिंडर की आपूर्ति हो सकेगी। जरूरत पड़ने पर क्षमता बढ़ाकर दोगुनी हो सकती है। यानी हर रोज 68 से 70 हजार सिलिंडर की आपूर्ति की जा सकेगी। सिर्फ गोरखपुर-बस्ती मंडल में रोजाना करीब 25 से 30 हजार सिलिंडर की खपत है। अभी वाराणसी, लखनऊ और प्रयागराज के प्लांटों से गोरखपुर को आपूर्ति होती है। ठंड के मौसम में कोहरा आदि की वजह से प्राय: गाड़ियां समय से नहीं पहुंच पातीं जिससे सिलिंडर की किल्लत शुरू हो जाती है। अब गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल के उपभोक्ताओं की यह परेशानी भी दूर हो जाएगी।
अभी बुलेट टैंकर से होगी गैस की आपूर्ति
आने वाले समय में यहां पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति होगी जिसे सिलिंडरों में भरा जाएगा। तब तक यहां बुलेट टैंकर से गैस लाई जाएगी। फिर स्टोरेज कर गैस को सिलिंडरों को भरा जाएगा। एक बुलेट टैंकर से 1,260 सिलिंडरों को भरा जा सकता है।
नवंबर से शुरू हो जाएगा व्यावसायिक उत्पादन
मुख्य महाप्रबंधक एलपीजी उत्तरप्रदेश यादवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्लांट को अभी पेट्रोलियम एवं विस्फोटक मानक संगठन (पेसो) से एनओसी मिलना है। जल्द ही टीम इसके लिए यहां पहुचेंगी और सारे मानकों की जांच करेगी। उम्मीद है अगले महीने तक निरीक्षण और प्रमाणीकरण के सारे काम पूरे हो जाएंगे और नवंबर से इस प्लांट से एलपीजी की व्यावसायिक आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल को होगी आपूर्ति
गीडा के बॉटलिंग प्लांट से गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल के 11 जिलों गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बलिया, बलरामपुर, श्रावस्ती और गोंडा जिलों को गैस सिलिंडरों की आपूर्ति होगी।
2500 लोगों को मिलेगा रोजगार
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के इस बॉटलिंग प्लांट से करीब 2500 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्य महाप्रबंधक एलपीजी उत्तरप्रदेश यादवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्लांट पूरी तरह से ऑटोमेटिक है, लेकिन रोजाना 1100 गाड़ियों में सिलिंडरों को चढ़ाने-उतारने, ट्रक ड्राइवर समेत अन्य कई तरह के कामों के लिए लोगों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 2500 लोगों को नौकरी मिलेगी।
‘उज्ज्वला’ की जरूरत पूरी करेगा यह बॉटलिंग प्लांट
देश में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आठ करोड़ परिवारों को कनेक्शन दिया गया है। यूपी मेें यह संख्या करीब 1.48 करोड़ है। जो उज्ज्वला योजना के कनेक्शन का करीब 18 प्रतिशत है। गोरखपुर का यह प्लांट उज्ज्वला कनेक्शन वाले परिवारों को गैस सिलिंडर की आपूर्ति में सहायक साबित होगा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में गैस सिलिंडर के उपभोक्ता
आईओसी-16,30,004
बीपीसीएल- 6,64,571
एचपीसीएल- 13,28,149
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दो चरणों में बनेगा बायोफ्यूल प्लांट
उरुवा। धुरियापार की हरपुर चीनी मिल की 55 एकड़ जमीन में बायोफ्यूल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। यह प्लांट 2जी तकनीक पर आधारित है। आईओसी के चेयरमैन संजीव सिंह ने बताया कि बायोफ्यूल प्लांट का काम दो चरणों में पूरा होगा। बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार का कोई साधन नहीं है। ज्यादातर लोग खेती-किसानी पर ही निर्भर हैं। बायोफ्यूल प्लांट लगने से युवाओं और किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, सांसद प्रवीण निषाद, उपेंद्र दत्त शुक्ला, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विधायक विपिन सिंह, विधायक संत प्रसाद, विधायक डॉ. विमलेश पासवान, र्पू्व मंत्री राजेश त्रिपाठी, अस्मिता चंद, मायाशंकर शुक्ल, नीरज दुबे, अखंड प्रताप शाही, महेश उमर, वेद प्रकाश सिंह, गणेश शुक्ला और गौरीशंकर मिश्रा मौजूद रहे।
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जनसभा में भीगते पहुंचे लोग
चिल्लूपार। बारिश के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में भीड़ पहुंची। बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और जनता ने मुख्यमंत्री को सुना और तालियां बजाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा से धुरियापार चीनी मिल तक औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। जो भी एक बेसहारा पशु को संरक्षण देगा, सरकार उसे प्रति माह 900 रुपये देगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गोरखपुर हमारी संस्कृति, सभ्यता व धर्म का एक पवित्र स्थान है। हजारों साल पहले स्थापित गोरक्षपीठ आज देश व प्रदेश को दिशा दिखा रहा है। आज उस पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पेट्रोलियम व ऊर्जा विभाग की तरफ से गोरखपुर में 19 हजार करोड़ की योजनाएं लगाई जा रही हैं। 550 करोड़ की लागत से गैस पाइपलाइन बिछाई गई है।
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जिलों को होगी एलपीजी की आपूर्ति
- सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया आईओसी के बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन
- 204 करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण, प्रत्येक दिन 34 हजार सिलिंडर की होगी आपूर्ति
- 68 हजार सिलिंडर तक बढ़ाई जा सकेगी क्षमता, नवंबर से शुरू हो जाएगा व्यावसायिक उत्पादन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गीडा में करीब 204 करोड़ रुपये की लागत से बने इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया। गीडा सेक्टर 15 में 38 एकड़ में बने इस बॉटलिंग प्लांट से फिलहाल प्रतिदिन 34 हजार गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी। हालांकि प्लांट की क्षमता 68 हजार सिलिंडर प्रतिदिन की है। नवंबर से इस प्लांट से सिलिंडरों की व्यावसायिक आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
बुधवार को प्लांट के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आईओसी का यह बॉटलिंग प्लांट पूर्वी उत्तरप्रदेश में एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत को दूर करने मे सहायक होगा। इस प्लांट से प्रदेश के 11 जिलों में गैस सिलिंडरों की आपूर्ति होगी। उन्होंने बताया कि जनवरी 2015 में प्लांट का शिलान्यास हुआ था। उन्होंने कहा कि यह संयत्र लोगों के घरों तक स्वच्छ, सुरक्षित, विश्वसनीय खाना पकाने वाला ईंधन तो पहुुुंचाएगा ही, लोगों को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में भी इस संयंत्र की भूमिका अहम होगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस बाटलिंग प्लांट की सुरक्षा व परिचालन के मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। प्लांट में पूरी तरह से स्वचालित मशीनें और सुरक्षा की सभी गतिविधियों की निगरानी, संचालन और नियंत्रण के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर बॉटलिंग प्लांट प्रस्तावित कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन का टर्मिनल प्वॉइंट है। यहां गुजरात के कांडला से आने वाली गैस पाइपलाइन और हल्दिया से बरौनी जाने वाली पाइपलाइन जुड़ेगी। इसके अतिरिक्त गेल की वाराणसी-गोरखपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का भी विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान सदर सांसद रविकिशन, विधायक, आईओसी के मार्केटिंग डायरेक्टर गुरमीत सिंह, कार्यकारी निदेशक सुनील माथुर, चेयरमैन संजीव सिंह, मुख्य महाप्रबंधक एलपीजी यादवेंद्र श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सामान्य तौर पर देश के सभी बॉटलिंग प्लांट में 48 सिलिंडर फिलिंग क्षमता का एक क्राउजल लगा हुआ है लेकिन गोरखपुर के इस प्लांट में ऐसे दो क्राउजल लगे हैं। इनसे प्रति घंटे करीब 6,000 गैस सिलिंडर की फिलिंग होगी। वहीं किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए लीकेज के दौरान मशीने स्वत: बंद हो जाएंगी। निरीक्षण के दौरान आईओसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्लांट के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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योगी और प्रधान ने ही किया था बॉटलिंग प्लांट का शिलान्यास
जनवरी 2015 में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तत्कालीन गोरखपुर सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने ही इस बॉटलिंग प्लांट का शिलान्यास किया गया था। बुधवार को इन दोनों ने ही इस प्लांट का उद्घाटन किया, लेकिन योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री के रूप में इस उद्घाटन समारोह में शामिल रहे।
इस ठंड में नहीं होगी गैस की किल्लत
गीडा के सेक्टर 15 में 38.5 एकड़ क्षेत्रफल में बने आईओसी के बॉटलिंग प्लांट से रोजाना 34 हजार सिलिंडर की आपूर्ति हो सकेगी। जरूरत पड़ने पर क्षमता बढ़ाकर दोगुनी हो सकती है। यानी हर रोज 68 से 70 हजार सिलिंडर की आपूर्ति की जा सकेगी। सिर्फ गोरखपुर-बस्ती मंडल में रोजाना करीब 25 से 30 हजार सिलिंडर की खपत है। अभी वाराणसी, लखनऊ और प्रयागराज के प्लांटों से गोरखपुर को आपूर्ति होती है। ठंड के मौसम में कोहरा आदि की वजह से प्राय: गाड़ियां समय से नहीं पहुंच पातीं जिससे सिलिंडर की किल्लत शुरू हो जाती है। अब गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल के उपभोक्ताओं की यह परेशानी भी दूर हो जाएगी।
अभी बुलेट टैंकर से होगी गैस की आपूर्ति
आने वाले समय में यहां पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति होगी जिसे सिलिंडरों में भरा जाएगा। तब तक यहां बुलेट टैंकर से गैस लाई जाएगी। फिर स्टोरेज कर गैस को सिलिंडरों को भरा जाएगा। एक बुलेट टैंकर से 1,260 सिलिंडरों को भरा जा सकता है।
नवंबर से शुरू हो जाएगा व्यावसायिक उत्पादन
मुख्य महाप्रबंधक एलपीजी उत्तरप्रदेश यादवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्लांट को अभी पेट्रोलियम एवं विस्फोटक मानक संगठन (पेसो) से एनओसी मिलना है। जल्द ही टीम इसके लिए यहां पहुचेंगी और सारे मानकों की जांच करेगी। उम्मीद है अगले महीने तक निरीक्षण और प्रमाणीकरण के सारे काम पूरे हो जाएंगे और नवंबर से इस प्लांट से एलपीजी की व्यावसायिक आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल को होगी आपूर्ति
गीडा के बॉटलिंग प्लांट से गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल के 11 जिलों गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बलिया, बलरामपुर, श्रावस्ती और गोंडा जिलों को गैस सिलिंडरों की आपूर्ति होगी।
2500 लोगों को मिलेगा रोजगार
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के इस बॉटलिंग प्लांट से करीब 2500 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्य महाप्रबंधक एलपीजी उत्तरप्रदेश यादवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्लांट पूरी तरह से ऑटोमेटिक है, लेकिन रोजाना 1100 गाड़ियों में सिलिंडरों को चढ़ाने-उतारने, ट्रक ड्राइवर समेत अन्य कई तरह के कामों के लिए लोगों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 2500 लोगों को नौकरी मिलेगी।
‘उज्ज्वला’ की जरूरत पूरी करेगा यह बॉटलिंग प्लांट
देश में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आठ करोड़ परिवारों को कनेक्शन दिया गया है। यूपी मेें यह संख्या करीब 1.48 करोड़ है। जो उज्ज्वला योजना के कनेक्शन का करीब 18 प्रतिशत है। गोरखपुर का यह प्लांट उज्ज्वला कनेक्शन वाले परिवारों को गैस सिलिंडर की आपूर्ति में सहायक साबित होगा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में गैस सिलिंडर के उपभोक्ता
आईओसी-16,30,004
बीपीसीएल- 6,64,571
एचपीसीएल- 13,28,149
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दो चरणों में बनेगा बायोफ्यूल प्लांट
उरुवा। धुरियापार की हरपुर चीनी मिल की 55 एकड़ जमीन में बायोफ्यूल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। यह प्लांट 2जी तकनीक पर आधारित है। आईओसी के चेयरमैन संजीव सिंह ने बताया कि बायोफ्यूल प्लांट का काम दो चरणों में पूरा होगा। बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार का कोई साधन नहीं है। ज्यादातर लोग खेती-किसानी पर ही निर्भर हैं। बायोफ्यूल प्लांट लगने से युवाओं और किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, सांसद प्रवीण निषाद, उपेंद्र दत्त शुक्ला, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विधायक विपिन सिंह, विधायक संत प्रसाद, विधायक डॉ. विमलेश पासवान, र्पू्व मंत्री राजेश त्रिपाठी, अस्मिता चंद, मायाशंकर शुक्ल, नीरज दुबे, अखंड प्रताप शाही, महेश उमर, वेद प्रकाश सिंह, गणेश शुक्ला और गौरीशंकर मिश्रा मौजूद रहे।
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जनसभा में भीगते पहुंचे लोग
चिल्लूपार। बारिश के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में भीड़ पहुंची। बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और जनता ने मुख्यमंत्री को सुना और तालियां बजाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा से धुरियापार चीनी मिल तक औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। जो भी एक बेसहारा पशु को संरक्षण देगा, सरकार उसे प्रति माह 900 रुपये देगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गोरखपुर हमारी संस्कृति, सभ्यता व धर्म का एक पवित्र स्थान है। हजारों साल पहले स्थापित गोरक्षपीठ आज देश व प्रदेश को दिशा दिखा रहा है। आज उस पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पेट्रोलियम व ऊर्जा विभाग की तरफ से गोरखपुर में 19 हजार करोड़ की योजनाएं लगाई जा रही हैं। 550 करोड़ की लागत से गैस पाइपलाइन बिछाई गई है।