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लोक सभा चुनाव 2019: साइकिल छोड़ पंजे के साथ गए पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह
Wed, 10 Apr 2019 12:14 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, बस्ती/हर्रैया
ब्यूरो, अमर उजाला, बस्ती/हर्रैया
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 10 Apr 2019 12:14 AM IST
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कांग्रेस (फाइल फोटो)
- फोटो : गूगल
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सपा-बसपा गठबंधन में मंडल की तीनों सीटें बसपा के कोटे में जाने से नाराज चल रहे सपा सरकार में मंत्री रहे राज किशोर सिंह ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। चर्चा है कि वह बस्ती संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी होंगे।
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छात्रसंघ चुनाव से अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत करने वाले राजकिशोर सिंह पहली बार 2002 में बसपा के टिकट पर हर्रैया विधान सभा से चुनाव जीते थे। तब मायावती सरकार में 32 वर्ष की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उन्हें बसपा सुप्रीमो का करीबी माना जाने लगा। 2003 में मायावती की विधानसभा भंग करने की सिफारिश और बसपा में हुई बगावत के बाद सपा की मुलायम सरकार बनाने में अपनी भूमिका के चलते वहां भी राजकिशोर मंत्री बने।
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2007 के चुनाव में बसपा लहर के बाद भी जिले में सपा का सूपड़ा साफ होने से बचाने में कामयाब रहे राजकिशोर सिंह को मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव का करीबी माना जाता था। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी बनकर दूसरे स्थान पर रहने वाले राजकिशोर सिंह वर्ष 2012 के विधानसभा में लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर अखिलेश सरकार में तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बने। कैबिनेट विस्तार में पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग का जिम्मा देकर अखिलेश यादव ने उनका कद बढ़ाया।
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राजकिशोर ने बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह शानू को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाकर भी अपना लोहा मनवाया। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद सपा के टिकट पर उनके भाई बृजकिशोर सिंह डिंपल ने कड़ी चुनौती पेश की। मामूली अंतर से उन्हें हार मिली। इसके बाद से सपा में उनका ग्राफ गिरता चला गया।
पहले एमएलसी चुनाव में भाई डिंपल का टिकट कटा और बाद में उन्हें मंत्री पद से भी हटा दिया गया। इसके बाद भी राजकिशोर व उनका कुनबा सपा में बना रहा। विधानसभा में हुई हार के बाद से वह लोकसभा चुनाव की तैयारी में लगे थे। बसपा से गठबंधन होने के बाद सीट बसपा के खाते में जाने से लगे झटके के बाद उनके कभी भाजपा खेमे में जाने की अफवाह फैली तो कभी अन्य दल से उम्मीदवारी को लेकर बातें होती रहीं।
आखिरकार उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। चर्चा है कि पार्टी राजकिशोर सिंह को ही प्रत्याशी बनाएगी। हालांकि पहले ही इस सीट पर कांग्रेस से हुए गठबंधन में बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।