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गोरखपुर महोत्सव का लोगो तैयार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:58 AM IST
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गोरखपुर महोत्सव का लोगो।
- फोटो : Amar Ujala
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यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में 11-13 जनवरी तक आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव का लोगो तैयार हो गया है। इसमें पूर्वांचल की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को स्थान दिया गया है। सबसे ऊपर बाबा गोरखनाथ, संत कबीर दास और महात्मा बुद्ध के चित्र हैं। बीच में गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, इमामबाड़ा, गीता प्रेस और नक्षत्रशाला की मौजूदगी हैं।
गोरखपुर महोत्सव की टैग लाइन के नीचे महोत्सव की थीम ‘आ रोह तमसो ज्योति:’ लिखा है। वहीं फुटबॉल खेलता खिलाड़ी, वॉटर स्पोर्ट्स, तबला, सितार और ढोलक वादन के चित्र पूर्वांचल की माटी के पैदा होने वाले खिलाड़ियों और कलाकारों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। इस लोगो का इस्तेमाल महोत्सव से जुड़े आमंत्रण पत्रो, बैनर, पोस्टर समेत पर्यटन पुस्तिका में भी इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि महोत्सव समिति की ओर से अभी लोगो की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। डीएम फिलहाल शहर से बाहर हैं माना जा रहा है कि उनके वापस लौटने के बाद कमेटी, लोगो पर अपनी मुहर लगाएगी।
पंडाल में बैठ सकेंगे सात हजार लोग
महोत्सव के लिए निर्मित किए जाने वाले पंडाल में सात हजार लोगों के बैठने के व्यवस्था होगी। वहीं 200 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे। खाने के स्टॉलों पर इस बार माशांहारी नहीं नजर आएंगे। महोत्सव समिति के सचिव और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकरी रवींद्र मिश्रा ने बताया कि अगले साल से भारत सरकार की ओर से शिल्प महोत्सव का आयोजन होगा। इससे विदेशों के शिल्पकार भी शामिल होंगे।
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महोत्सव में लगने वाले स्टॉल
शिल्प महोत्सव-75, कार्मशियल स्टाल 70, फूड प्लाजा 8, आटोमोबाइल 6, प्रायोजक 10, विशिष्ट सेवा 6, इनके अलावा कृषि मेला, विज्ञान मेला, गीता प्रेस, इको टूरिज्म के स्टाल लगाए जाएंगे।
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गोरखपुर महोत्सव की टैग लाइन के नीचे महोत्सव की थीम ‘आ रोह तमसो ज्योति:’ लिखा है। वहीं फुटबॉल खेलता खिलाड़ी, वॉटर स्पोर्ट्स, तबला, सितार और ढोलक वादन के चित्र पूर्वांचल की माटी के पैदा होने वाले खिलाड़ियों और कलाकारों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। इस लोगो का इस्तेमाल महोत्सव से जुड़े आमंत्रण पत्रो, बैनर, पोस्टर समेत पर्यटन पुस्तिका में भी इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि महोत्सव समिति की ओर से अभी लोगो की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। डीएम फिलहाल शहर से बाहर हैं माना जा रहा है कि उनके वापस लौटने के बाद कमेटी, लोगो पर अपनी मुहर लगाएगी।
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पंडाल में बैठ सकेंगे सात हजार लोग
महोत्सव के लिए निर्मित किए जाने वाले पंडाल में सात हजार लोगों के बैठने के व्यवस्था होगी। वहीं 200 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे। खाने के स्टॉलों पर इस बार माशांहारी नहीं नजर आएंगे। महोत्सव समिति के सचिव और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकरी रवींद्र मिश्रा ने बताया कि अगले साल से भारत सरकार की ओर से शिल्प महोत्सव का आयोजन होगा। इससे विदेशों के शिल्पकार भी शामिल होंगे।
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महोत्सव में लगने वाले स्टॉल
शिल्प महोत्सव-75, कार्मशियल स्टाल 70, फूड प्लाजा 8, आटोमोबाइल 6, प्रायोजक 10, विशिष्ट सेवा 6, इनके अलावा कृषि मेला, विज्ञान मेला, गीता प्रेस, इको टूरिज्म के स्टाल लगाए जाएंगे।