फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   law students protest for result in gorakhpur university

विधि की विशेष परीक्षा की मांग को यूनिवर्सिटी ने ठुकराया

Sun, 17 Apr 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 17 Apr 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
law students protest for result in gorakhpur university
गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासनिक भवन पर धरना देते एलएलबी व एलएलएम के विद्यार्थी - फोटो : mahesh kumar
विधि चतुर्थ सेमेस्टर में अधिकांश विद्यार्थियों को फेल किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक भी मामले को सुलझा नहीं सकी। क्योंकि इस बैठक में विद्यार्थियों की विशेष परीक्षा की मांग को ठुकरा दिया गया और विद्यार्थियों की एक-एक दलील को सिरे से खारिज कर दी गई। यही नहीं विद्यार्थियों के सामने बोर्ड की ओर से जो प्रस्ताव रखा गया, उसे सुनकर वे उग्र हो उठे और सोमवार से लंबी लड़ाई का ऐलान कर दिया।
विज्ञापन


शनिवार को विधि विभाग में बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक शुरू हुई। महत्वपूर्ण मुद्दे पर हुई बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। विधि के पीड़ित विद्यार्थी प्रशासनिक भवन पर धरने पर बैठकर निर्णय का इंतजार कर रहे थे। उधर सेंट एंड्रयूज कॉलेज के विधि चतुर्थ सेमेस्टर के पीड़ित विद्यार्थी भी जुलूस की शक्ल कॉलेज से वहां पहुंच गए और यूनिवर्सिटी के विधि छात्रों के धरने में शामिल हो गए।
विज्ञापन


तीन बजे के करीब लॉ विभाग के डीन प्रो. जितेंद्र तिवारी, अध्यक्ष अरविंद मिश्रा समेत सभी शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचे और बोर्ड ऑफ स्टडीज के फैसले से विद्यार्थियों को अवगत कराना शुरू किया। बोर्ड ने विद्यार्थियों की स्पेशल परीक्षा की मांग को बेबुनियाद बताया और विद्यार्थियों के सामने आगामी सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होकर पास होने का विकल्प रखा। साथ ही तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा 25 मई और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा सितंबर में कराने की घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


जैसे-जैसे बोर्ड का निर्णय विद्यार्थियों के सामने आता गया, विद्यार्थियों का गुस्सा बढ़ता गया। पूरा फैसला सुने बगैर विद्यार्थी यह कहकर वहां से उठ चले कि बोर्ड का निर्णय न्याय के नाम पर उनके साथ मजाक है। कई विद्यार्थियों ने बोर्ड के निर्णय को हास्यास्पद करार दिया और कहा कि तीन महीने में ही दो सेमेस्टर का पाठ्यक्रम नहीं पूरा किया जा सकता। बाद में विद्यार्थियों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया कि बोर्ड का फैसला उन्हें स्वीकार्य नहीं। अब उनकी लड़ाई लंबी ही नहीं बल्कि उग्र भी होगी। 

बोर्ड ऑफ स्टडीज का निर्णय 
बोर्ड ने सर्व सम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि विधि द्वितीय वर्ष के तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा 25 मई से कराई जाए। जिसमें वे सभी विद्यार्थी सम्मिलित होने के अर्ह होें, जो बैक पेपर या अंक सुधार की परीक्षा देना चाहते हैं। या फिर जिन्होंने तृतीय सेमेस्टर में कम अंक हासिल किए हों। चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं जल्द से जल्द सम्पन्न कराकर इसकी परीक्षा भी सितंबर महीने में सम्पन्न करा ली जाए, इसमें भी विद्यार्थियों को वहीं छूट होगी, जो तृतीय सेमेस्टर में दी गई है।


बोर्ड के निर्णय के पालन में शिक्षकों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे ग्रीष्मावकाश में अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पाठ्यक्रम पूरा होने में अपना योगदान देंगे। बोर्ड ने विद्यार्थियों के उन आरोपों को बारी-बारी से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने द्वेषवश मूल्यांकन का आरोप लगाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed