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एडीजी वाराणसी करेंगे कुशीनगर शराब कांड की जांच
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एडीजी वाराणसी करेंगे कुशीनगर शराब कांड की जांच
गोरखपुर। कुशीनगर के तरयासुजान थाना इलाके में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत के मामले में दोबारा जांच होगी। शासन के निर्देश पर एडीजी वाराणसी प्रकरण की जांच करेंगे। पहले एडीजी गोरखपुर ने जांच की थी लेकिन जांच से असंतुष्ट शासन ने दोबारा जांच का आदेश दिया है।
तरयासुजान क्षेत्र में छह और सात फरवरी को जहरीली शराब से मौत हुई थी। पहले 11 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया था लेकिन फिर प्रशासन ने दो की मौत बीमारी से होने की बात कही थी। इस मामले में तरयासुजान थाना व पुलिस चौकी पर एक महीने के अंदर तैनात पुलिस वालों को छोड़कर बाकी सभी को निलंबित कर दिया गया था। शासन ने तमकुही राज के तत्कालीन सीओ को भी इसके लिए जिम्मेदार माना और उनपर निलंबन की कार्रवाई की थी।
एडीजी गोरखपुर जोन दावा शेरपा ने अपनी जांच में दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने तथा निर्दोष पाए गए पुलिस वालों को बरी करने की संस्तुति के साथ अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इसी बीच एसपी कुशीनगर ने निलंबित किए गए सभी पुलिस वालों को बहाल कर उन्हें थाने, चौकियों पर तैनाती दे दी। हालांकि सीओ अब भी निलंबित ही चल रहे हैं। इस पर कांग्रेस विधायक अजय कुमार लल्लू ने भी आपत्ति जताई थी। उनका आरोप था कि तरयासुजान पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध स्प्रिट पकड़ी थी। थाने में जब्त स्प्रिट, पुलिस वालों ने कच्ची शराब के कारोबारियों को बेच दी थी। उसी स्प्रिट से बनी शराब से लोगों की मौतें हुई हैं। इस आरोप के बाद भी प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए पुलिस वालों को बहाल किए जाने पर शासन ने मामले की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है।
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गोरखपुर। कुशीनगर के तरयासुजान थाना इलाके में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत के मामले में दोबारा जांच होगी। शासन के निर्देश पर एडीजी वाराणसी प्रकरण की जांच करेंगे। पहले एडीजी गोरखपुर ने जांच की थी लेकिन जांच से असंतुष्ट शासन ने दोबारा जांच का आदेश दिया है।
तरयासुजान क्षेत्र में छह और सात फरवरी को जहरीली शराब से मौत हुई थी। पहले 11 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया था लेकिन फिर प्रशासन ने दो की मौत बीमारी से होने की बात कही थी। इस मामले में तरयासुजान थाना व पुलिस चौकी पर एक महीने के अंदर तैनात पुलिस वालों को छोड़कर बाकी सभी को निलंबित कर दिया गया था। शासन ने तमकुही राज के तत्कालीन सीओ को भी इसके लिए जिम्मेदार माना और उनपर निलंबन की कार्रवाई की थी।
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एडीजी गोरखपुर जोन दावा शेरपा ने अपनी जांच में दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने तथा निर्दोष पाए गए पुलिस वालों को बरी करने की संस्तुति के साथ अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इसी बीच एसपी कुशीनगर ने निलंबित किए गए सभी पुलिस वालों को बहाल कर उन्हें थाने, चौकियों पर तैनाती दे दी। हालांकि सीओ अब भी निलंबित ही चल रहे हैं। इस पर कांग्रेस विधायक अजय कुमार लल्लू ने भी आपत्ति जताई थी। उनका आरोप था कि तरयासुजान पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध स्प्रिट पकड़ी थी। थाने में जब्त स्प्रिट, पुलिस वालों ने कच्ची शराब के कारोबारियों को बेच दी थी। उसी स्प्रिट से बनी शराब से लोगों की मौतें हुई हैं। इस आरोप के बाद भी प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए पुलिस वालों को बहाल किए जाने पर शासन ने मामले की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है।
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