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महंत अवेद्यनाथ से प्रेरणा लेने की जरूरत : केशव
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Thu, 14 Jul 2016 09:26 PM IST
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राज घाट गायत्री शक्ति पीठ से निकाली गई कलश यात्रा।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ महराज की मूर्ति स्थापना के लिए शुरू हुए रुद्र महायज्ञ की शुरूआत से पूर्व गायत्री शक्ति पीठ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जो राजघाट से शुरू होकर विभिन्न रास्ते से होकर गोरखनाथ मंदिर पहुंची। धार्मिक अनुष्ठान की शुरूआत विधि विधान की गई। इस दौरान मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ का संपूर्ण जीवन हिंदू एकता और छुआछूत के खिलाफ समर्पित था। उनसे हम सभी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
रुद्र महायज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर शुरू हुई कलश यात्रा के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि रामजन्म भूमि आंदोलन में संतों को एक मंच पर लाने में अवेद्यनाथ महराज की भूमिका अविस्मरणीय है। नाथ पंथ के सर्वोच्च मार्गदर्शक होते हुए भी उन्होंने हिंदुत्व और राष्ट्रीयता के लिए अपनी विशिष्ट और अलग राह बनाई। युगद्रष्टा की भूमिका का निर्वहन किया। ऐसे राष्ट संत की प्रतिमा की स्थापना में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। प्रधान मंत्री द्वारा उनकी प्रतिमा का अनावरण उनकी गरिमा एवं प्रतिष्ठा के अनुरूप है।
महंत आदित्यनाथ ने कहा कि गुरुदेव नाथ पंथ के सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक थे। उन्होंने मानव सेवा एवं गो सेवा को अपनी साधना का प्रमुख हिस्सा बनाया। लोक-कल्याण एवं लोकमंगल के लिए राजनीति के दल-दल को भी अंगीकार किया और धर्मनिष्ठ राजनीतिज्ञ का प्रतिमान स्थापित किया। उनकी स्मृतियां सदैव हमारा मार्ग दर्शन करती रहेंगी।
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कलश यात्रा में महंत शिवनाथ, रविंद्र दास, प्रेमदास, विधायक राधामोहन दास अग्रवाल, सत्या पांडेय, अंजू चौधरी, केपीबी सिंह, उपेंद्र दत्त शुक्ल, कामेश्वर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राहुल श्रीवास्तव, सीएम सिन्हा, भिखरी प्रजापति, राकेश सिंह पहलवान, पीके मल्ल, सुनील सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, बृजेश यादव, रामलक्ष्मण, गजेंद्र प्रताप सिंह, गोरख सिंह, खुशबू गुप्ता, ओमप्रकाश कर्मचंदानी, सरदार जसपाल सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, हरिप्रकाश मिश्रा, विष्णुकांत, रामभुआल कुशवाहा सहित बहुत से लोग थे।
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रुद्र महायज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर शुरू हुई कलश यात्रा के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि रामजन्म भूमि आंदोलन में संतों को एक मंच पर लाने में अवेद्यनाथ महराज की भूमिका अविस्मरणीय है। नाथ पंथ के सर्वोच्च मार्गदर्शक होते हुए भी उन्होंने हिंदुत्व और राष्ट्रीयता के लिए अपनी विशिष्ट और अलग राह बनाई। युगद्रष्टा की भूमिका का निर्वहन किया। ऐसे राष्ट संत की प्रतिमा की स्थापना में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। प्रधान मंत्री द्वारा उनकी प्रतिमा का अनावरण उनकी गरिमा एवं प्रतिष्ठा के अनुरूप है।
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महंत आदित्यनाथ ने कहा कि गुरुदेव नाथ पंथ के सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक थे। उन्होंने मानव सेवा एवं गो सेवा को अपनी साधना का प्रमुख हिस्सा बनाया। लोक-कल्याण एवं लोकमंगल के लिए राजनीति के दल-दल को भी अंगीकार किया और धर्मनिष्ठ राजनीतिज्ञ का प्रतिमान स्थापित किया। उनकी स्मृतियां सदैव हमारा मार्ग दर्शन करती रहेंगी।
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कलश यात्रा में महंत शिवनाथ, रविंद्र दास, प्रेमदास, विधायक राधामोहन दास अग्रवाल, सत्या पांडेय, अंजू चौधरी, केपीबी सिंह, उपेंद्र दत्त शुक्ल, कामेश्वर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राहुल श्रीवास्तव, सीएम सिन्हा, भिखरी प्रजापति, राकेश सिंह पहलवान, पीके मल्ल, सुनील सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, बृजेश यादव, रामलक्ष्मण, गजेंद्र प्रताप सिंह, गोरख सिंह, खुशबू गुप्ता, ओमप्रकाश कर्मचंदानी, सरदार जसपाल सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, हरिप्रकाश मिश्रा, विष्णुकांत, रामभुआल कुशवाहा सहित बहुत से लोग थे।