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जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार को पीटा, मरीज बेहोश
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 08 Nov 2016 01:21 AM IST
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जूनियर डॉक्टरों की पिटाई से घायल मरीज का बेटा आजाद।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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मेडिकल कॉलेज में सोमवार की दोपहर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों ने न सिर्फ एक तीमारदार को कमरे में बंद कर पीटा बल्कि उनके रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा। मारपीट के दरम्यान ही महिला मरीज गिरकर बेहोश हो गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी बाहर कर दिया। नाराज घर वाले कार्रवाई की मांग लेकर पुलिस के पास पहुंचे, पर वहां सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने महाराजगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को तो सड़क से डांटकर हटा दिया, लेकिन डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
कुशीनगर के विशुनपुरा दुबौली की रहने वाली खुश्बुन निशा को सिर में चोट लगी थी। रविवार की सुबह घर वालों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर के सर्जिकल वार्ड के बेड नंबर चार पर भर्ती कराया था। सोमवार की दोपहर 2.20 बजे ड्रिप खत्म होने पर उनका बेटा आजाद अली जूनियर डॉक्टर के पास नर्स की लापरवाही की शिकायत लेकर पहुंचा। डॉक्टर उसके बुलाने पर जब मरीज के पास पहुंचे तभी आजाद के मामा मंजूर अली लापरवाही का आरोप लगाने लगे।
यहीं से बात बिगड़ गई और जूनियर डॉक्टर से विवाद हो गया। इसी दौरान मंजूर के भाई अजगर पहुंच गए और बात बिगड़ती चली गई। इसी बीच बीच-बचाव की कोशिश करते हुए मरीज गिरकर बेहोश हो गई। इसके बाद जूनियर डॉक्टर ने अपने सहयोगियों को बुला लिया और अजगर को कमरे में बंद कर उनकी पिटाई शुरू कर दी। आजाद और मंजूर अली भागे-भागे पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर मेडिकल कॉलेज के सामने सड़क जाम कर दी।
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करीब आधे घंटे तक आवागमन ठप रहा। इसके बाद गुलरिहा थानेदार ने मौके पर पहुंचकर तीमारदारों को जबरन सड़क से हटाया। सूचना मिलने पर प्राचार्य भी पहुंचे मगर तब तक मरीज को बाहर कर दिया गया था। इतना विवाद होने के बाद भी पुलिस ने न तो तहरीर ली और न ही कोई कार्रवाई की, उलटे तीमारदारों को हड़का कर वहां से हटा दिया।
तीमारदार की पिटाई के बाद मामला बढ़ता देख सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने तीन बजे के करीब काम ठप कर दिया। इससे मरीजों की सांसत और बढ़ गई। काम छोड़कर जूनियर डॉक्टर प्राचार्य के कार्यालय पहुंच गए। वहां सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. योगेश पाल भी मौजूद थे। उन्होंने जूनियर डॉक्टरों पर नाराजगी जताई और काम पर लौटने को कहा। इसके बाद करीब पांच बजे जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे।
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कुशीनगर के विशुनपुरा दुबौली की रहने वाली खुश्बुन निशा को सिर में चोट लगी थी। रविवार की सुबह घर वालों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर के सर्जिकल वार्ड के बेड नंबर चार पर भर्ती कराया था। सोमवार की दोपहर 2.20 बजे ड्रिप खत्म होने पर उनका बेटा आजाद अली जूनियर डॉक्टर के पास नर्स की लापरवाही की शिकायत लेकर पहुंचा। डॉक्टर उसके बुलाने पर जब मरीज के पास पहुंचे तभी आजाद के मामा मंजूर अली लापरवाही का आरोप लगाने लगे।
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यहीं से बात बिगड़ गई और जूनियर डॉक्टर से विवाद हो गया। इसी दौरान मंजूर के भाई अजगर पहुंच गए और बात बिगड़ती चली गई। इसी बीच बीच-बचाव की कोशिश करते हुए मरीज गिरकर बेहोश हो गई। इसके बाद जूनियर डॉक्टर ने अपने सहयोगियों को बुला लिया और अजगर को कमरे में बंद कर उनकी पिटाई शुरू कर दी। आजाद और मंजूर अली भागे-भागे पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर मेडिकल कॉलेज के सामने सड़क जाम कर दी।
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करीब आधे घंटे तक आवागमन ठप रहा। इसके बाद गुलरिहा थानेदार ने मौके पर पहुंचकर तीमारदारों को जबरन सड़क से हटाया। सूचना मिलने पर प्राचार्य भी पहुंचे मगर तब तक मरीज को बाहर कर दिया गया था। इतना विवाद होने के बाद भी पुलिस ने न तो तहरीर ली और न ही कोई कार्रवाई की, उलटे तीमारदारों को हड़का कर वहां से हटा दिया।