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अब बांस गांव के बंदियों की भी होगी ऑनलाइन पेशी
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अब बांस गांव के बंदियों की भी होगी ऑनलाइन पेशी
गोरखपुर। बांसगांव कोर्ट के बंदियों की भी अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से रिमांड पेशी शुरू हो गई है। अभी तक सिर्फ दीवानी कचहरी के कोर्ट में ही बंदियों की रिमांड पेशी होती थी। इससे न सिर्फ जेल प्रशासन बल्कि पुलिस को भी बड़ी राहत मिल गई है। अभी तक बांसगांव के सभी तरह के बंदियों को पेशी के लिए न्यायालय लेकर जाना होता था।
दरअसल मुकदमें में गिरफ्तारी के बाद बंदियों को 14 दिन पर कोर्ट में पेशी रिमांड लेने का प्रावधान होता है। उस पर आगे की तारीख मिलती है या फिर जमानत दी जाती है। ऐसे बंदियों को कोर्ट में लाए बिना ही उनकी वीडियो कांफेंसिंग से ही रिमांड पेशी हो रही है और तारीख भी मिल रही है। हालांकि जिन बंदियों की चार्जशीट दाखिल हो गई है और मुकदमें का ट्रायल शुरू हो गया है उन्हें तारीख पर कोर्ट में लेकर पेश किया जा रहा है।
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गोरखपुर। बांसगांव कोर्ट के बंदियों की भी अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से रिमांड पेशी शुरू हो गई है। अभी तक सिर्फ दीवानी कचहरी के कोर्ट में ही बंदियों की रिमांड पेशी होती थी। इससे न सिर्फ जेल प्रशासन बल्कि पुलिस को भी बड़ी राहत मिल गई है। अभी तक बांसगांव के सभी तरह के बंदियों को पेशी के लिए न्यायालय लेकर जाना होता था।
दरअसल मुकदमें में गिरफ्तारी के बाद बंदियों को 14 दिन पर कोर्ट में पेशी रिमांड लेने का प्रावधान होता है। उस पर आगे की तारीख मिलती है या फिर जमानत दी जाती है। ऐसे बंदियों को कोर्ट में लाए बिना ही उनकी वीडियो कांफेंसिंग से ही रिमांड पेशी हो रही है और तारीख भी मिल रही है। हालांकि जिन बंदियों की चार्जशीट दाखिल हो गई है और मुकदमें का ट्रायल शुरू हो गया है उन्हें तारीख पर कोर्ट में लेकर पेश किया जा रहा है।
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