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गुस्से में अधिवक्ता, मानव श्रृंखला बनाकर आंबेडकर चौक पर लगाया जाम
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गुस्से में अधिवक्ता, मानव श्रृंखला बनाकर आंबेडकर चौक पर लगाया जाम
गोरखपुर। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण सिविल कोर्ट परिसर से बाहर स्थापित किए जाने को लेकर बुधवार को भी अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में प्रवेश के सभी द्वार पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार की प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली। आंबेडकर चौक पर मानव शृंखला बना कर आवागमन बंद कर विरोध जताया। इस दौरान समझाने आए सिटी मजिस्ट्रेट से अधिवक्ताओं की जमकर नोकझोंक हुई और उन्हें वापस जाना पड़ा। बुधवार को भी न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप रहा।
बुधवार सुबह ताला बंदी के पहले ही न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी परिसर में प्रवेश कर चुके थे। जेल से कैदियों को लाने वाले वाहन भी नहीं आए। वादकारी बाहर ही रह गए। सुबह 11 बजे अधिवक्ताओं का हुजूम बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र शाही, मंत्री अजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में आंबेडकर चौराहे पर पहुंचा। अधिवक्ताओं ने मानव श्रृंखला बना आवागमन बंद कर आंबेडकर मूर्ति के पास क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ अधिवक्ता परिसर से निकलकर आंबेडकर चौक पहुंच गए और वहां प्रदेश सरकार का प्रतीकात्मक शव भी जलाया। बरसात के बावजूद अधिवक्ता डटे रहे। दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट आए लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। विरोध प्रदर्शन में बार काउंसिल सदस्य मधुसूदन त्रिपाठी, विष्णु विहारी श्रीवास्तव, इंद्रजीत लाल श्रीवास्तव, अनुज अस्थाना, हरिश्चंद्र मिश्र, डॉ. सुभाष शुक्ला, परमानन्द सिंह, उमापति उपाध्याय, अजयानंद सिंह मुन्ना, अजय तिवारी, जीतेंद्र घर दुबे, रमेश सिंह, राहुल तिवारी, ओम प्रकाश निगम, धीरेन्द्र नाथ शुक्ला, वीरेंद्र धर दुबे, संजय सिंह, शिवब्रत राय, प्रभात शुक्ला, ललिता पांडेय, जय प्रकाश सिंह, आशुतोष मिश्रा समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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आज भी करेंगे प्रदर्शन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के शहर में मौजूद होने के बावजूद प्रशासन का कोई उच्च अधिकारी मौके पर नहीं आया। यह डीएम की हठधर्मिता और संवेदनहीनता है। डीएम, मुख्यमंत्री तथा न्याय विभाग को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। अधिवक्ता जनहित के इस मामले में निर्णायक समाधान होने तक लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने बताया कि आंबेडकर चौक पर क्रमिक अनशन और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी चलेगा।
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फोटो के साथ (इस खबर के साथ मारपीट की जो फोटो लगेगी, उसमें कोई कैप्शन नहीं लिखा जाएगा)
... और अराजकता भी हुई
अंबेडकर चौराहा पर प्रदर्शन के बीच अराजकता भी खूब देखने को मिली है। आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं ने एक राहगीर को पीट दिया। कुछ लोगों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। इस अफरा-तफरी से बचने के लिए एआरटीओ डीडी मिश्रा को कुछ दूर पहले ही गाड़ी छोड़कर आंबेडकर चौक से एडीजी दफ्तर तक पैदल ही जाना पड़ा। हालांकि बार एसोसिएशन के मंत्री अजय कुमार शुक्ला ने मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्री का कहना है कि अधिवक्ता पढ़े-लिखे हैं। अपने अधिकारों को लेकर सड़क पर उतरे हैं। शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चल रहा है।
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गोरखपुर। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण सिविल कोर्ट परिसर से बाहर स्थापित किए जाने को लेकर बुधवार को भी अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में प्रवेश के सभी द्वार पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार की प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली। आंबेडकर चौक पर मानव शृंखला बना कर आवागमन बंद कर विरोध जताया। इस दौरान समझाने आए सिटी मजिस्ट्रेट से अधिवक्ताओं की जमकर नोकझोंक हुई और उन्हें वापस जाना पड़ा। बुधवार को भी न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप रहा।
बुधवार सुबह ताला बंदी के पहले ही न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी परिसर में प्रवेश कर चुके थे। जेल से कैदियों को लाने वाले वाहन भी नहीं आए। वादकारी बाहर ही रह गए। सुबह 11 बजे अधिवक्ताओं का हुजूम बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र शाही, मंत्री अजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में आंबेडकर चौराहे पर पहुंचा। अधिवक्ताओं ने मानव श्रृंखला बना आवागमन बंद कर आंबेडकर मूर्ति के पास क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
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दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ अधिवक्ता परिसर से निकलकर आंबेडकर चौक पहुंच गए और वहां प्रदेश सरकार का प्रतीकात्मक शव भी जलाया। बरसात के बावजूद अधिवक्ता डटे रहे। दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट आए लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। विरोध प्रदर्शन में बार काउंसिल सदस्य मधुसूदन त्रिपाठी, विष्णु विहारी श्रीवास्तव, इंद्रजीत लाल श्रीवास्तव, अनुज अस्थाना, हरिश्चंद्र मिश्र, डॉ. सुभाष शुक्ला, परमानन्द सिंह, उमापति उपाध्याय, अजयानंद सिंह मुन्ना, अजय तिवारी, जीतेंद्र घर दुबे, रमेश सिंह, राहुल तिवारी, ओम प्रकाश निगम, धीरेन्द्र नाथ शुक्ला, वीरेंद्र धर दुबे, संजय सिंह, शिवब्रत राय, प्रभात शुक्ला, ललिता पांडेय, जय प्रकाश सिंह, आशुतोष मिश्रा समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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आज भी करेंगे प्रदर्शन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के शहर में मौजूद होने के बावजूद प्रशासन का कोई उच्च अधिकारी मौके पर नहीं आया। यह डीएम की हठधर्मिता और संवेदनहीनता है। डीएम, मुख्यमंत्री तथा न्याय विभाग को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। अधिवक्ता जनहित के इस मामले में निर्णायक समाधान होने तक लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने बताया कि आंबेडकर चौक पर क्रमिक अनशन और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी चलेगा।
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फोटो के साथ (इस खबर के साथ मारपीट की जो फोटो लगेगी, उसमें कोई कैप्शन नहीं लिखा जाएगा)
... और अराजकता भी हुई
अंबेडकर चौराहा पर प्रदर्शन के बीच अराजकता भी खूब देखने को मिली है। आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं ने एक राहगीर को पीट दिया। कुछ लोगों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। इस अफरा-तफरी से बचने के लिए एआरटीओ डीडी मिश्रा को कुछ दूर पहले ही गाड़ी छोड़कर आंबेडकर चौक से एडीजी दफ्तर तक पैदल ही जाना पड़ा। हालांकि बार एसोसिएशन के मंत्री अजय कुमार शुक्ला ने मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्री का कहना है कि अधिवक्ता पढ़े-लिखे हैं। अपने अधिकारों को लेकर सड़क पर उतरे हैं। शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चल रहा है।