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हॉस्टल के 11 कमरों में अराजक तत्वों का कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:22 AM IST
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हॉस्टल
- फोटो : mapio.net
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के संतकबीर छात्रावास के 11 कमरों में अराजक तत्वों के काबिज होने को लेकर हॉस्टल अधीक्षक ने कैंट थाने में अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया है। छात्रों के दो गुटों में बवाल के बाद हॉस्टल अधीक्षक दो दिन पूर्व पुलिस को तहरीर दी थी।
रविवार को यूनिवर्सिटी के संतकबीर हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के दो गुट में मारपीट हो गई थी। मामला बढ़ने पर एक पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने मामले में दोनो पक्ष की ओर से केस दर्ज किया। हॉस्टल के 11 कमरों में अवैध कब्जा करने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बवाल होने पर संतकबीर हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. एके दीक्षित ने दो दिन पहले मामले में कैंट पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में डॉ. दीक्षित ने लिखा है कि 18 जून को प्रशासन की मदद से हॉस्टल के कमरों का आवंटन छात्रों में कर दिया गया।
कमरा नंबर 23, 27, 58, 61, 68, 87, 93, 94, 95, 103, 146 के लिए कोई आवेदन न आने के कारण इसका आवंटन नहीं किया गया। इन कमरो में ताला बंद था। कमरे का ताला तोड़कर अराजक तत्व हॉस्टल में रहते हैं। दिन में सभी कमरे में ताला बंद कर गायब रहते हैं। रात के समय आ जाते हैं। कैँट पुलिस अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने का केस दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।
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रविवार को यूनिवर्सिटी के संतकबीर हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के दो गुट में मारपीट हो गई थी। मामला बढ़ने पर एक पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने मामले में दोनो पक्ष की ओर से केस दर्ज किया। हॉस्टल के 11 कमरों में अवैध कब्जा करने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बवाल होने पर संतकबीर हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. एके दीक्षित ने दो दिन पहले मामले में कैंट पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में डॉ. दीक्षित ने लिखा है कि 18 जून को प्रशासन की मदद से हॉस्टल के कमरों का आवंटन छात्रों में कर दिया गया।
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कमरा नंबर 23, 27, 58, 61, 68, 87, 93, 94, 95, 103, 146 के लिए कोई आवेदन न आने के कारण इसका आवंटन नहीं किया गया। इन कमरो में ताला बंद था। कमरे का ताला तोड़कर अराजक तत्व हॉस्टल में रहते हैं। दिन में सभी कमरे में ताला बंद कर गायब रहते हैं। रात के समय आ जाते हैं। कैँट पुलिस अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने का केस दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।
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