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स्वास्थ्य कर्मचारी की नियुक्ति पर उठा सवाल
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Tue, 19 Jul 2016 08:07 PM IST
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संतकबीरनगर में स्वास्थ्य सहायक पद पर तैनात एक कर्मचारी पर फर्जी स्थानांतरण के आधार पर नियुक्ति पाने का आरोप लगा है। बस्ती के डीएम ने इस मामले में गोरखपुर के सीएमओ से आख्या मांगी हैं। चूंकि बाराबंकी से उसका स्थानांतरण गोरखपुर के लिए हुआ था और गोरखपुर से संतकबीरनगर। अब गोरखपुर से संतकबीरनगर तबादले का आदेश तो मिल गया है, मगर बाराबंकी से गोरखपुर का आदेश महकमा तलाश रहा है।
बस्ती बेलहरा पोस्ट के बिलिया निवासी एक शख्स संतकबीरनगर जिले के सिमरियावां सीएचसी पर तैनात हैं। पहले गोरखपुर के बांसगांव में उनकी तैनाती थी। 21 नवंबर 2012 को उनका स्थानांतरण संतकबीरनगर कर दिया गया। इसका आदेश भी स्वास्थ्य महकमे के पास मौजूद है। मगर गोरखपुर में वह बाराबंकी से स्थानांतरित होकर आए थे, जिसका आदेश खोजे नहीं मिल रहा है। इस बीच पर उन पर आरोप लगाया गया है कि वह फर्जी स्थानांतरण के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।
आरोप लगाने वाले ने बस्ती के डीएम से इसकी शिकायत भी की। मगर मामला बस्ती का न होने पर डीएम ने गोरखपुर के सीएमओ को पत्र लिखकर जांच करने को कहा है। पत्र आने के बाद से ही महकमे में खलबली मची हुई है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दे दिया है। अब जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि उनकी नियुक्ति फर्जी है या नहीं।
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बस्ती बेलहरा पोस्ट के बिलिया निवासी एक शख्स संतकबीरनगर जिले के सिमरियावां सीएचसी पर तैनात हैं। पहले गोरखपुर के बांसगांव में उनकी तैनाती थी। 21 नवंबर 2012 को उनका स्थानांतरण संतकबीरनगर कर दिया गया। इसका आदेश भी स्वास्थ्य महकमे के पास मौजूद है। मगर गोरखपुर में वह बाराबंकी से स्थानांतरित होकर आए थे, जिसका आदेश खोजे नहीं मिल रहा है। इस बीच पर उन पर आरोप लगाया गया है कि वह फर्जी स्थानांतरण के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।
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आरोप लगाने वाले ने बस्ती के डीएम से इसकी शिकायत भी की। मगर मामला बस्ती का न होने पर डीएम ने गोरखपुर के सीएमओ को पत्र लिखकर जांच करने को कहा है। पत्र आने के बाद से ही महकमे में खलबली मची हुई है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दे दिया है। अब जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि उनकी नियुक्ति फर्जी है या नहीं।
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