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फर्जी शस्त्र लाइसेंस : अभिलेख मिला, नकल लेने आखिरी आरोपित भी पहुंचा कलेक्ट्रेट
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस : अभिलेख मिला, नकल लेने आखिरी आरोपित भी पहुंचा कलेक्ट्रेट
गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के सनसनीखेज मामले में खोराबार थाने से जिन 10 बेगुनाहों को पुलिस ने जेल भेजा था, उनमें एक-एक कर अब सभी के मूल रिकॉर्ड कलेक्ट्रेट से मिल गए हैं। नौ आरोपियों को रिकॉर्ड की सत्यापित नकल भी जारी कर दी गई है। अब सिर्फ अंतिम आरोपी जगदीश शुक्ला को नकल मिलनी बाकी है। उनके भी मूल रिकार्ड मिल गए हैं। सोमवार को उन्होंने एडीएम (सिटी) राकेश श्रीवास्तव से मिलकर रिकार्ड की सत्यापित नकल के लिए आवेदन किया। एडीएम ने शस्त्र बाबू को बुलाकर जल्द सत्यापित नकल जारी करने का निर्देश दिया। मंगलवार को जगदीश शुक्ला को नकल की कॉपी मिल जाने की उम्मीद है।
जगदीश, बेतियाहाता स्थित यूनियन बैंक की शाखा पर सिक्योरिटी गार्ड हैं। इसके पहले वह पूर्व मेयर आशा देवी उर्फ अमरनाथ यादव, अंजू चौधरी और डॉ सत्या पांडेय के अलावा नगर निगम और जीडीए में भी सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात रह चुके हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में खोराबार थाने से एक साथ 10 बेगुनाहों को छह अक्तूबर को जेल भेज दिया गया था।
जमानत खारिज करने की अपील पर सुनवाई दो जनवरी को
गोरखपुर। खोराबार से एक साथ 10 बेगुनाहों को जेल भेजने के मामले में कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी थी। पुलिस ने इस मामले में जमानत याचिका खारिज करने के लिए जिला जज के वहां दरख्वास्त दी थी जिसपर सोमवार को सुनवाई की तिथि पड़ी थी। आरोपी जगदीश शुक्ला के अधिवक्ता सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि कंडोलेंस हो जाने की वजह से अब इस मामले में दो जनवरी को सुनवाई की अगली तिथि दी गई है।
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बेगुनाह फंसेगा नहीं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: डीएम
गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि किसी भी बेगुनाह पर कार्रवाई नहीं होगी मगर दोषी बख्शे भी नहीं जाएंगे। उन्होंने बताया कि रासुका की भी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि पुलिस की रिपोर्ट पर प्रशासन ने रवि आर्म्स कार्पोरेशन के प्रोपराइटर प्रकाश नारायण पांडेय के बेटे रवि पांडेय पर प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई कर दी है। डीएम ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के मुताबिक अपराध की गंभीरता को देखते हुए और भी लोगों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मजिस्ट्रेटी जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर गत दिनों एसएसपी के साथ हुई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में भी डीएम ने रवि पांडेय के साथ ही पूर्व असलहा बाबू राम सिंह, अशोक गुप्ता और विजय श्रीवास्तव पर भी रासुका लगाने की बात कहीं थी।
दस्तावेज के मुताबिक खोराबार कुई बाजार निवासी विनोद कुमार, जर्दा गांव के भैंसहा टोला निवासी जगदीश शुक्ला, जंगल सिकरी निवासी मोहम्मद बिन कासिम, छपरा गांव निवासी रामहित यादव, मिर्जापुर निवासी रामअशीष, जंगल रामलखना निवासी विजय प्रताप सिंह, जंगल चौरी टोला शेख निवासी महताब आलम, रायगंज बाजार निवासी रामचन्द्र, नवां अव्वल निवासी राम नयन और राम निवास यादव निवासी जंगलचौरी को फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने के आरोप में जेल भेजा गया था।
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गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के सनसनीखेज मामले में खोराबार थाने से जिन 10 बेगुनाहों को पुलिस ने जेल भेजा था, उनमें एक-एक कर अब सभी के मूल रिकॉर्ड कलेक्ट्रेट से मिल गए हैं। नौ आरोपियों को रिकॉर्ड की सत्यापित नकल भी जारी कर दी गई है। अब सिर्फ अंतिम आरोपी जगदीश शुक्ला को नकल मिलनी बाकी है। उनके भी मूल रिकार्ड मिल गए हैं। सोमवार को उन्होंने एडीएम (सिटी) राकेश श्रीवास्तव से मिलकर रिकार्ड की सत्यापित नकल के लिए आवेदन किया। एडीएम ने शस्त्र बाबू को बुलाकर जल्द सत्यापित नकल जारी करने का निर्देश दिया। मंगलवार को जगदीश शुक्ला को नकल की कॉपी मिल जाने की उम्मीद है।
जगदीश, बेतियाहाता स्थित यूनियन बैंक की शाखा पर सिक्योरिटी गार्ड हैं। इसके पहले वह पूर्व मेयर आशा देवी उर्फ अमरनाथ यादव, अंजू चौधरी और डॉ सत्या पांडेय के अलावा नगर निगम और जीडीए में भी सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात रह चुके हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में खोराबार थाने से एक साथ 10 बेगुनाहों को छह अक्तूबर को जेल भेज दिया गया था।
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जमानत खारिज करने की अपील पर सुनवाई दो जनवरी को
गोरखपुर। खोराबार से एक साथ 10 बेगुनाहों को जेल भेजने के मामले में कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी थी। पुलिस ने इस मामले में जमानत याचिका खारिज करने के लिए जिला जज के वहां दरख्वास्त दी थी जिसपर सोमवार को सुनवाई की तिथि पड़ी थी। आरोपी जगदीश शुक्ला के अधिवक्ता सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि कंडोलेंस हो जाने की वजह से अब इस मामले में दो जनवरी को सुनवाई की अगली तिथि दी गई है।
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बेगुनाह फंसेगा नहीं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: डीएम
गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि किसी भी बेगुनाह पर कार्रवाई नहीं होगी मगर दोषी बख्शे भी नहीं जाएंगे। उन्होंने बताया कि रासुका की भी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि पुलिस की रिपोर्ट पर प्रशासन ने रवि आर्म्स कार्पोरेशन के प्रोपराइटर प्रकाश नारायण पांडेय के बेटे रवि पांडेय पर प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई कर दी है। डीएम ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के मुताबिक अपराध की गंभीरता को देखते हुए और भी लोगों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मजिस्ट्रेटी जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर गत दिनों एसएसपी के साथ हुई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में भी डीएम ने रवि पांडेय के साथ ही पूर्व असलहा बाबू राम सिंह, अशोक गुप्ता और विजय श्रीवास्तव पर भी रासुका लगाने की बात कहीं थी।
दस्तावेज के मुताबिक खोराबार कुई बाजार निवासी विनोद कुमार, जर्दा गांव के भैंसहा टोला निवासी जगदीश शुक्ला, जंगल सिकरी निवासी मोहम्मद बिन कासिम, छपरा गांव निवासी रामहित यादव, मिर्जापुर निवासी रामअशीष, जंगल रामलखना निवासी विजय प्रताप सिंह, जंगल चौरी टोला शेख निवासी महताब आलम, रायगंज बाजार निवासी रामचन्द्र, नवां अव्वल निवासी राम नयन और राम निवास यादव निवासी जंगलचौरी को फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने के आरोप में जेल भेजा गया था।