{"_id":"58063bd34f1c1bf36e702956","slug":"gps-purchased-by-14-laks-are-being-unused","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम की भेंट चढ़ गया 14 लाख का जीपीएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम की भेंट चढ़ गया 14 लाख का जीपीएस
राजीव रंजन, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:39 AM IST
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GPS
चालकों की मनमानी और डीजल चोरी रोकने के लिए नगर निगम की ओर से खरीदा गया 14 लाख रुपये का जीपीएस, नगर निगम की कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ गया है। खरीदारी के कुछ दिन बाद ही जीपीएस ने काम करना बंद कर दिया। कंपनी भी भाग गई। ऐसे में निगरानी की व्यवस्था फेल हो गई और निगम के चालक मनमर्जी से कूड़ा उठाने और डंप करने लगे।
शहर में हरेक दिन तकरीबन 580 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इनके निस्तारण के लिए नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग तकरीबन 130 गाड़ियों का इस्तेमाल करता है। अक्सर यह शिकायत मिलती रहती है कि कूड़ा उठाकर निर्धारित स्थानों पर ले जाने के बजाय कर्मचारी आसपास के इलाकों में ही डंप कर देते हैं, जबकि तेल की खपत उतनी ही दिखाते हैं जितना गंतव्य तक पहुंचाने के लिए खर्च होता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही नगर निगम की ओर से तकरीबन डेढ़ साल पहले इन गाड़ियों की निगरानी के लिए जीपीएस सिस्टम लगाया गया, लेकिन कुछ ही दिन बाद यह व्यवस्था ठप हो गई।
जीपीएस में कुछ खराबी थी। चालक भी तकनीकी रूप से इसे गलत ठहराते हुए विरोध कर रहे थे। ऐसे में फिलहाल नगर निगम की किसी गाड़ी में जीपीएस का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसे तकरीबन 14 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया था।
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- सतीश कुमार सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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शहर में हरेक दिन तकरीबन 580 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इनके निस्तारण के लिए नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग तकरीबन 130 गाड़ियों का इस्तेमाल करता है। अक्सर यह शिकायत मिलती रहती है कि कूड़ा उठाकर निर्धारित स्थानों पर ले जाने के बजाय कर्मचारी आसपास के इलाकों में ही डंप कर देते हैं, जबकि तेल की खपत उतनी ही दिखाते हैं जितना गंतव्य तक पहुंचाने के लिए खर्च होता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही नगर निगम की ओर से तकरीबन डेढ़ साल पहले इन गाड़ियों की निगरानी के लिए जीपीएस सिस्टम लगाया गया, लेकिन कुछ ही दिन बाद यह व्यवस्था ठप हो गई।
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जीपीएस में कुछ खराबी थी। चालक भी तकनीकी रूप से इसे गलत ठहराते हुए विरोध कर रहे थे। ऐसे में फिलहाल नगर निगम की किसी गाड़ी में जीपीएस का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसे तकरीबन 14 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया था।
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- सतीश कुमार सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम