फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Goraksh pith do work for saint

साधू संतों को देश समाज का कार्य करना इस पीठ ने सिखाया

Wed, 18 Sep 2019 01:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
Goraksh pith do work for saint
ब्रम्हलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज एंव ब्रम्हलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित ?
गोरक्षपीठ ने साधू-संतों को राष्ट्र, समाज के
विज्ञापन

लिए कार्य करना सिखाया : उमाभारती
बोलीं, महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की तपस्या का प्रतिफल हैं योगी आदित्यनाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती ने कहा कि गोरक्षपीठ ने साधू-संतों को मठ, मंदिरों से बाहर निकल कर राष्ट्र व समाज का कार्य करना सिखाया। महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की तपस्या का फल आदित्यनाथ के रूप में देख रही हूूं। आज उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी के साथ प्रगति के रास्ते पर चल रहा है।
साध्वी उमा भारती गोरखनाथ मंदिर में चल रहे श्रद्धांजलि समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि अवेद्यनाथ मेरे गुरू जी के भाई थे। इस नाते उनकी पुत्री के समान थी, पर दिग्विजयनाथ जी महराज के बारे पढ़ी हूं। वह राणा प्रताप के वंशज थे। वे भगवान की आराधना के अलावा देश की रक्षा की भूमिका में रहे। उनका स्वरूप भगवान शिव सरीखा था। गुरु गोरखनाथ की अखंड धुनी और पीठाधीश्वरों ने जो तपस्या की योगी उसके प्रतीक हैं। कहा कि यह कहा जाता था कि नोएडा जो जाता था उस मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाती थी। पीएम का नोएडा में कार्यक्रम लगा था। योगी से पूछा गया कि क्या वह आएंगे। योगी ने जवाब दिया बिल्कुल आएंगे। वह संत हैं अंधविश्वास में विश्वास नहीं रखते हैं।
विज्ञापन

योगीराज में जातिवाद, परिवार, अपराध पर पूर्ण अंकुश
उमा भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की आज पूरी दुनिया में जय जयकार हो रही है। उनको संतों का आशीर्वाद है। जबसे वह प्रधानमंत्री बने हैं, तब से देश शिखर पर पहुंच गया है। उसी प्रकार जबसे योगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने जातिवाद, परिवार, अपराध पर पूरी तरह से अंकुश लग गया है। ऊंचाइयां हासिल करना बड़ी बात नहीं है। देखना यह होता है कि उसकी नजर किसी पर है। उदाहरण देते हुए कहा कि गिद्ध जब ऊंचाई पर जाता है तो उसकी नजर सड़े मांस पर होती है। वहीं, हंस ऊंचाई पर जाकर नीचे मोती पर नजर गड़ाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लड़कियों से कहा, या तो जीजाबाई बनना या झांसी की रानी
उमा भारती लड़की-लड़के बीच असमानता का जिक्र करते हुए कहा कि पहले महिलाओं के बारे में कविता सुनती थी कि ‘औरत तेरी यही कहानी, आंचल में है दूध और आंख में पानी ’ तब क्रोध आता था। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद लड़कियों को संबोधित करते हुए कहा कि तुम लोग ‘या तो जीजाबाई बनना या झांसी की रानी ’। फिर लड़कों की तरफ मुखातिब होते हुए बोलीं ‘या तो छत्रसाल बनो या राणा प्रताप ’ जिस मुहल्ले में रहते हो, जहां पढ़ते हो यह देखना तुम लोगों के सामने किसी महिला किसी लड़की का अपमान न होने पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed