फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   gorakhpur university teacher book

अब एक जगह उपलब्ध होंगी विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पुस्तक

Thu, 12 Dec 2019 11:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 12 Dec 2019 11:30 AM IST
विज्ञापन
gorakhpur university teacher book
books - फोटो : books
गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पुस्तकों को अब धरोहर के तौर पर रखा जाएगा। प्रत्येक शिक्षक की लिखित दो-दो पुस्तकें केंद्रीय ग्रंथालय में रखने की तैयारी है। इसके लिए केंद्रीय ग्रंथालय में एक स्पेशल बुक कॉर्नर बनाया जा रहा है। सभी पुस्तकों के विवरण को बाद में ऑनलाइन कर दिया जाएगा ताकि कोई भी आसानी से पुस्तकों के बार में जानकारी हासिल कर सके।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के बहुत सारे ऐसे आचार्य हैं जिनकी पुस्तकों की मांग देश में ही नहीं विदेशों में भी है। बहुत सारी पुस्तकों का उपयोग शोधार्थी करते हैं। लेकिन विश्वविद्यालय में कुछ पुराने आचार्यों की पुस्तकें विभागों में तो मिल जाएंगी लेकिन एक स्थान पर उनका संग्रह नहीं है। इससे उन पुस्तकों को खोजने में काफी परेशानी होती है। अब स्पेशल कार्नर बनने से पुस्तकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। कुलपति की अनुमति के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के मानद ग्रंथालयी प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि विभागाध्यक्षों से उनके यहां के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों की सूची मांगी गई है। इसके अलावा बहुत सारे ऐसे विद्वान आचार्य थे जिनका निधन हो चुका है और कुछ सेवानिृवत्त शिक्षक हैं, उनकी पुस्तकों को भी एकत्र किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब एक क्लिक पर मौजूद हैं ग्रंथालय में पुस्तकें
गोरखपुर विश्वविद्यालय की केंद्रीय ग्रंथालय में अब विद्यार्थियों को पुस्तकें लेने या वापस करने के लिए काउंटर पर देर तक खड़ा नहीं होना पड़ रहा है। विद्यार्थी के डिजिटल लाइब्रेरी कार्ड पर एक क्लिक करते ही उसके अकाउंट की सूचना कंप्यूटर के स्क्रीन पर मिल रही है। किताब पर पड़े बारकोड पर दूसरे क्लिक के बाद उस किताब की सभी सूचनाएं उपलब्ध हो रही हैं।


विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में ऑटोमेशन का पहला चरण पूरा हो गया है। पहले चरण में 67,000 पुस्तकों का लक्ष्य रखा गया था, जो पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में लगभग दो लाख और पुस्तकों की डिजिटल आइडेंटिटी, चिह्नित करने और वर्गीकरण का काम चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed