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83 शिक्षकों के स्थायीकरण पर सहमति
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विश्वविद्यालय में 83 शिक्षकों के स्थायीकरण पर मुहर
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष नियुक्त हुए 83 शिक्षकों के स्थायीकरण को हरी झंडी मिल गई है। इसके साथ ही शोध करने वाले 100 विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष दो हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी।
कुलपति की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में 67 एजेंडों पर चर्चा हुई। नए शिक्षकों के स्थायीकरण का मामला उठा। शिक्षक संघ ने कुलपति से नियमानुसार स्थायीकरण कराने की मांग की थी। दो प्रोफेसर, छह एसोसिएट प्रोफेसर और 78 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायीकरण पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद शोधार्थियों को दो हजार छात्रवृत्ति देने पर भी सहमति बनी।
अवकाश प्राप्त शिक्षकों की भर्ती का भी लिफाफा खोला गया। पांच शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। पीपीपी मॉडल पर कैंपस को ग्रीन कैंपस-क्लीन कैंपस के तहत सुंदरीकरण कराने के लिए नियमावली को भी मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा पांच अक्तूबर को एकेडमिक कौंसिल की बैठक से आई सभी संस्तुतियों पर सदस्यों ने सहमति दी। दीक्षांत समारोह में मेडल देने और अन्य कार्यक्रमों पर भी सदस्यों ने चर्चा के बाद सहमति दे दी।
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष नियुक्त हुए 83 शिक्षकों के स्थायीकरण को हरी झंडी मिल गई है। इसके साथ ही शोध करने वाले 100 विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष दो हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी।
कुलपति की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में 67 एजेंडों पर चर्चा हुई। नए शिक्षकों के स्थायीकरण का मामला उठा। शिक्षक संघ ने कुलपति से नियमानुसार स्थायीकरण कराने की मांग की थी। दो प्रोफेसर, छह एसोसिएट प्रोफेसर और 78 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायीकरण पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद शोधार्थियों को दो हजार छात्रवृत्ति देने पर भी सहमति बनी।
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अवकाश प्राप्त शिक्षकों की भर्ती का भी लिफाफा खोला गया। पांच शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। पीपीपी मॉडल पर कैंपस को ग्रीन कैंपस-क्लीन कैंपस के तहत सुंदरीकरण कराने के लिए नियमावली को भी मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा पांच अक्तूबर को एकेडमिक कौंसिल की बैठक से आई सभी संस्तुतियों पर सदस्यों ने सहमति दी। दीक्षांत समारोह में मेडल देने और अन्य कार्यक्रमों पर भी सदस्यों ने चर्चा के बाद सहमति दे दी।
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