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यूनिवर्सिटी ने मांगा रिश्ता न होने का सबूत

Mon, 01 Aug 2016 07:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर। Updated Mon, 01 Aug 2016 07:49 PM IST
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Gorakhpur university demonds the proof of relation to colleges
गोरखपुर यूनिवर्सिटी
खून के रिश्तेदारों को प्रबंध समिति में शामिल करने के दोषी 22 कॉलेज प्रबंधन को गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने अपनी स्थिति साफ करने का एक और अवसर दिया है। शासन के निर्देश के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन को पत्र जारी कर समिति में रिश्तेदारों के शामिल न होने का सबूत पेश करने को कहा है। इसके लिए आठ अगस्त तक की मियाद तय की गई है।
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2016-17 में संबद्धता देने के लिए तीन महीने पहले तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने पड़ताल के दौरान 22 कॉलेजों की प्रबंध समिति में खून के रिश्तेदारों का शामिल होना पाया था। रजिस्ट्रार ने इसे नियम विरुद्ध मानते हुए न केवल इन कॉलेजों की संबद्धता पर रोक लगा दी थी बल्कि प्रकरण को फर्जी बताते हुए शासन और राज्यपाल को भी इसका ब्यौरा भेज दिया था।
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अचानक आई इस समस्या से निजात पाने के लिए कॉलेजों ने शासन में राहत की अपील की और बताया कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी। कई कॉलेजों ने प्रबंध समिति में रिश्तेदार के शामिल न होने की बात भी कही। पक्ष सुनने के बाद शासन ने कॉलेजों को राहत देने का फैसला किया और यूनिवर्सिटी को निर्देशित किया कि वह तीन महीने में मामले को कॉलेजों के पक्ष में निस्तारित करे। इसी क्रम में यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों से अपनी सफाई पेश करने को कहा है। 
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कार्यकारिणी में कर सकेंगे बदलाव
प्रबंध समिति में रिश्तेदारों को शामिल करने के इस प्रकरण में कॉलेजों को कार्यकारिणी में बदलाव करने का अवसर देने की भी तैयारी है। इस बदलाव को वैधानिक बनाने के लिए पहले प्रकरण को कार्य परिषद में रखकर सदस्यों की सहमति ली जाएगी, फिर इस बाबत कॉलेजों को निर्देशित किया जाएगा। जो कॉलेज खून के रिश्ते का न होना साबित नहीं कर सकेंगे, उन्हें कार्यकारिणी के चुनाव के माध्यम से प्रबंध समिति में बदलाव करना होगा। यह कार्य भी शासन के दिशा-निर्देश पर ही किया जाएगा।
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