ऊर्जा का केंद्र बनेगा गोरखपुर, विकास की कहानी लिखेगा HURL: धर्मेंद्र प्रधान
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गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ के श्रद्धांजलि समारोह में शामिल पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहा कि आने वाले दिनो में गोरखपुर ऊर्जा का केंद्र बनने वाला है। गुजरात से एलपीजी की गैस पाइप लाइन लाई जा रही है। मोतीहारी से जोड़कर दूसरी पाइप लाइन भी आ रही है। यही से नेपाल, भूटान को गैस की आपूर्ति होगी। वहीं हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन कारखाने के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि फरवरी 2021 से खाद कारखाना नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन करेगा।
The foundation stone of #HURL was laid by Hon. PM Shri @narendramodi ji in July’2016. Happy to witness the project progess ahead of its schedule. Nearly 66% of the work has been done, the project is expected to be completed by Nov’ 2020, commercial operations expected in Feb’ 21. pic.twitter.com/X41SIDKpCP
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) September 18, 2019
उन्होंने कहा कि इस फैक्ट्री की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। इसके 66 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं और उम्मीद है कि नवंबर 2020 तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग से जल्द ही यह फैक्ट्री गोरखपुर के विकास की कहानी लिखेगी।
This plant was mothballed 26 years ago. With PM shri @narendramodi’s vision & CM Shri @myogiadityanath's assistance, this plant will once again become a part of the growth story of Gorakhpur.Advised officials to make #HURL more sustainable with modern infrastructure & amenities . pic.twitter.com/VxIfhMXHgr
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) September 18, 2019
प्रधान ने कहा कि गोरखपुर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यहां का अन्नदाता किसान अब ऊर्जा दाता भी बनेगा। इंडियन आयल कंपनी यहां जो प्लांट लग रही है, उससे कचरे से ईधन बनाया जाएगा। ऊर्जा के क्षेत्र में देश को निर्भर बनाने कि दिशा में गोरखपुर अहम भूमिका निभाएगा।
‘सामाजिक समरसता गोरक्ष पीठ का संस्कार और पहचान’
केंद्रीय मंत्री ने महंत दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दोनों संत त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। योगी आदित्यनाथ से अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि एक आंदोलन में शामिल होने के लिए योगी को लेकर उड़ीसा गए थे। उनसे पुरी में दर्शन करने की बात कही तो उन्होंने कहा कि यहां पर जो रहा है वह ठीक नहीं है।
उस दौरान किसी मंदिर में अनुसूचित जाति के लोगों के प्रवेश को लेकर बवाल मचा था। योगी ने कहा कि पहले इसके खिलाफ आंदोलन चलना चाहिए। किसी हिंदू को मंदिर में प्रवेश से कैसे रोका जा रहा है। यह बात मुझे समझ में आई उनके जीवन में उनके गुरुदेव के संस्कारों का असर है जिन्होंने छुआछूत के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाया था। सच यह है कि सामाजिक समरसता गोरक्ष पीठ का संस्कार और उसकी पहचान है।