फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   gorakhpur news

नवजातों के लावारिस मिलने के हर मामले में होगी एफआईआर

Wed, 02 Oct 2019 02:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2019 02:03 AM IST
विज्ञापन
gorakhpur news
नवजातों के लावारिस मिलने के हर मामले में होगी एफआईआर
विज्ञापन

गोरखपुर। नवजात और 12 साल तक के बच्चों को लावारिस छोड़ने के हर मामले में अब अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज होगी। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने मंगलवार को इस आशय का आदेश पूरे प्रदेश के लिए जारी किया है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बच्चों के मामलों में पुलिस का रवैया बेहद संवेदनशील होना चाहिए।
अभी तक इन मामलों में पुलिस रोजनामचे में तस्करा (विवरण) डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती थी, जबकि ऐसे प्रकरण में भारतीय दंड विधान की धारा 317 के तहत एफआईआर दर्ज करके अनुसंधान का प्रावधान है। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अभिभावकों को इस कानून के तहत सात साल के कारावास की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि लावारिस पाए जाने वाले नवजात में अधिसंख्यक बालिकाएं होतीं हैं, जिन्हें लिंग भेद के चलते यूं ही मरने के लिए फें क दिया जाता है।
विज्ञापन

अगस्त के अंतिम सप्ताह में पहले गोरखपुर रेलवे स्टेशन और फिर कुशीनगर के एक गांव में फेंके गए नवजात मिले थे। पुलिस से लेकर जीआरपी ने भी हमेशा की तरह ही रोजनामचे में सूचना दर्ज कर अपनी इतिश्री पूरा कर ली। लेकिन, अमर उजाला ने नवजात को न्याय दिलाने की पहल की। इसी क्रम में सबसे पहले कुशीनगर और फिर जीआरपी में पूरे प्रदेश में संभवत: पहला मुकदमा दर्ज किया गया। प्रदेश में भी ऐसे मामलों में संबंधित जिम्मेदार पहल करें, इसके लिए मुहिम चलाई गई। सबसे पहले गोरखपुर में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने एक पत्र लिखकर नवजात शिशुओं के लावारिस नहीं फेंकने की अपील की। डीजीपी तक पूरा मामला पहुंचा। उन्होंने मंगलवार को देर शाम ही पूरे प्रदेश में एक साथ सर्कुलर जारी कर ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने की निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर पूरे प्रदेश में धारा 317 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इसमें जरूरी कानूनी कार्रवाई को पूरा करना पुलिस, जीआरपी की जिम्मेदारी होगी। इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। राज्य सरकार भी बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ मुहिम पर बल दे रही है। ऐसे में ऐसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी।
ओपी सिंह, डीजीपी, यूपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed