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श्वेत श्रेणी उद्योग: तीन दिन में सूची उपलब्ध कराए विभाग
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देहात से-- कमिश्नर ने गीडा में समीक्षा बैठक की।
- फोटो : GORAKHPUR DEHAT
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तीन दिनों में दें श्वेत श्रेणी उद्योगों की सूची
सहजनवां। प्रमुख सचिव और कमिश्नर के आदेश के बावजूद गीडा के उद्यमियों को श्वेत श्रेणी उद्योग की सूची नहीं मिल सकी है। उद्यमियों ने जब इसकी जानकारी कमिश्नर जयंत नार्लीकर को दी तो उन्होंने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को तीन दिन के अंदर इस सूची को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बृहस्पतिवार को कमिश्नर ने गीडा कार्यालय में उद्यमियों के साथ बैठक की। इस दौरान चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा की 266 फैक्ट्रियां श्वेत श्रेणी की हैं। हरेक साल फैक्ट्रियों को इस जनवरी में इस संबंध में प्रमाणपत्र देना होता है। एक भी दिन की देर होने पर जुर्माना लगने लगता है। इसके बावजूद अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सूची नहीं उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद कमिश्नर ने तीन दिन के अंदर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अगर सूची नहीं मिलती है तो मुझे बताएं।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने आईजीएल के बगल में बनी सड़क को चौड़ा करने की मांग की है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा सात फैक्ट्रियों पर लगाए गए जुर्माने पर उद्यमियों ने कमिश्नर से इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। कमिश्नर ने प्रदूषण विभाग क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विजय कुमार से गीडा कार्यालय में उद्यमियों के साथ प्रदूषण के बारे में जागरूकता के लिए सेमिनार कर जानकारी देने का निर्देश दिया। 38 औद्योगिक भूखंडों के आवंटन प्रक्रिया पर उद्यमी आशुतोष मिश्र ने सवाल खड़ा किया। जिस पर कमिश्नर ने गीडा सीईओ से आवंटन पत्रावली जांच कराने के लिए उनके समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा। बैठक में चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, उद्यमी एहसान करीम, फैजान अहमद, हरिहर सिंह, आईजीएल से बीएम शर्मा, गैलेंट से भास्कर तिवारी, आईओसी से संजीव कुमार, जमालुद्दीन, आशुतोष मिश्र, एसीईओ एके सिंह, सहायक महाप्रबंधक संपत्ति अनिल सिंह सहित गीडा के अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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नमामि गंगे योजना से बनेगा सीईटीपी
गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि 79 करोड़ की लागत से लगने वाला कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का प्रस्ताव फिर से भेज दिया गया है। इसमें 20 करोड़ रुपये प्रदेश शासन व 17 करोड़ रुपये गीडा देगा। शेष धनराशि केंद्र सरकार के नमामि गंगे योजना से मिलेगी।
गीडा से शुरू होगी शटल बस सेवा
गीडा सीईओ ने गीडा से शटल बस सेवा शुरू करने की मांग की। उनकी मांग पर कमिश्नर ने रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक को फ ोन कर जल्द ही गीडा में शटल बस सेवा शुरू करने का निर्देश दिया। शटल बस सेवा गोरखपुर रेलवे स्टेशन से शुरू होकर नौसड़ से होकर गीडा के विभिन्न सेक्टरों से होते हुए सहजनवां तक जाएगी। सहजनवां से वापस रेलवे स्टेशन जाएगी।
आईओसी में मिलेगी स्थानीय लोगों को नौकरी
कमिश्नर जयंत नालिरकर ने बैठक के दौरान किसानों की समस्याएं सुनी। किसानों की समस्या को अवगत कराते हुए मल्हीपुर निवासी सुरजीत सिंह ने कहां की इंडियन आयल बॉटलिंग प्लांट के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को रोजगार देने का आश्वासन दिया था। प्लांट स्थापित होने के बाद लोगों को रोजगार नहीं मिला। कमिश्नर ने मौके पर मौजूद आईओसी के प्लांट मैनेजर संजीव कुमार से लोकल ग्रामीणों को लेवर श्रेणी में काम कराने के लिए वरीयता देने के लिए निर्देश दिया।
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सहजनवां। प्रमुख सचिव और कमिश्नर के आदेश के बावजूद गीडा के उद्यमियों को श्वेत श्रेणी उद्योग की सूची नहीं मिल सकी है। उद्यमियों ने जब इसकी जानकारी कमिश्नर जयंत नार्लीकर को दी तो उन्होंने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को तीन दिन के अंदर इस सूची को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बृहस्पतिवार को कमिश्नर ने गीडा कार्यालय में उद्यमियों के साथ बैठक की। इस दौरान चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा की 266 फैक्ट्रियां श्वेत श्रेणी की हैं। हरेक साल फैक्ट्रियों को इस जनवरी में इस संबंध में प्रमाणपत्र देना होता है। एक भी दिन की देर होने पर जुर्माना लगने लगता है। इसके बावजूद अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सूची नहीं उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद कमिश्नर ने तीन दिन के अंदर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अगर सूची नहीं मिलती है तो मुझे बताएं।
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चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने आईजीएल के बगल में बनी सड़क को चौड़ा करने की मांग की है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा सात फैक्ट्रियों पर लगाए गए जुर्माने पर उद्यमियों ने कमिश्नर से इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। कमिश्नर ने प्रदूषण विभाग क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विजय कुमार से गीडा कार्यालय में उद्यमियों के साथ प्रदूषण के बारे में जागरूकता के लिए सेमिनार कर जानकारी देने का निर्देश दिया। 38 औद्योगिक भूखंडों के आवंटन प्रक्रिया पर उद्यमी आशुतोष मिश्र ने सवाल खड़ा किया। जिस पर कमिश्नर ने गीडा सीईओ से आवंटन पत्रावली जांच कराने के लिए उनके समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा। बैठक में चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, उद्यमी एहसान करीम, फैजान अहमद, हरिहर सिंह, आईजीएल से बीएम शर्मा, गैलेंट से भास्कर तिवारी, आईओसी से संजीव कुमार, जमालुद्दीन, आशुतोष मिश्र, एसीईओ एके सिंह, सहायक महाप्रबंधक संपत्ति अनिल सिंह सहित गीडा के अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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नमामि गंगे योजना से बनेगा सीईटीपी
गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि 79 करोड़ की लागत से लगने वाला कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का प्रस्ताव फिर से भेज दिया गया है। इसमें 20 करोड़ रुपये प्रदेश शासन व 17 करोड़ रुपये गीडा देगा। शेष धनराशि केंद्र सरकार के नमामि गंगे योजना से मिलेगी।
गीडा से शुरू होगी शटल बस सेवा
गीडा सीईओ ने गीडा से शटल बस सेवा शुरू करने की मांग की। उनकी मांग पर कमिश्नर ने रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक को फ ोन कर जल्द ही गीडा में शटल बस सेवा शुरू करने का निर्देश दिया। शटल बस सेवा गोरखपुर रेलवे स्टेशन से शुरू होकर नौसड़ से होकर गीडा के विभिन्न सेक्टरों से होते हुए सहजनवां तक जाएगी। सहजनवां से वापस रेलवे स्टेशन जाएगी।
आईओसी में मिलेगी स्थानीय लोगों को नौकरी
कमिश्नर जयंत नालिरकर ने बैठक के दौरान किसानों की समस्याएं सुनी। किसानों की समस्या को अवगत कराते हुए मल्हीपुर निवासी सुरजीत सिंह ने कहां की इंडियन आयल बॉटलिंग प्लांट के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को रोजगार देने का आश्वासन दिया था। प्लांट स्थापित होने के बाद लोगों को रोजगार नहीं मिला। कमिश्नर ने मौके पर मौजूद आईओसी के प्लांट मैनेजर संजीव कुमार से लोकल ग्रामीणों को लेवर श्रेणी में काम कराने के लिए वरीयता देने के लिए निर्देश दिया।