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नगर निगम को मिलेंगी जीडीए की नौ कॉलोनियां

Thu, 20 Apr 2017 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Thu, 20 Apr 2017 01:54 AM IST
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GDA will handover 9 colonies to nagar nigam
गोरखपुर विकास प्राधिकरण। - फोटो : Amar Ujala
जीडीए की तरफ से विकसित शहर की नौ आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियां नगर निगम को हस्तांतरित होंगी। इसका एजेंडा 21 अप्रैल को प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग में रखा जाएगा। हस्तांतरण पर मुहर लगी तो कॉलोनी में सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम को उठानी होगी। अभी तक यह काम जीडीए के पास है।
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जीडीए की विकसित आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों में करीब 10 हजार लोग रहते हैं। इन सबको हाउस टैक्स नहीं देना पड़ता है लेकिन हस्तांतरण के बाद टैक्स देना होगा। इसे वसूलने की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। मुख्य अभियंता संजय कुमार सिंह ने बताया कि पहले दो कॉलोनियां हस्तांतरित की गई थीं लेकिन नौ का मामला फंसा रहा। अब इनके हस्तांतरण का मामला बोर्ड में ले जाया जा रहा है। बोर्ड की मुहर लगते ही कॉलोनियों की देखरेख नगर निगम के जिम्मे हो जाएगी। ऐसा हुआ तो कालोनियों के सफाई का काम नगर निगम को कराना होगा। हाउस टैक्स वसूलने का काम भी नगर निगम ही करेगा।  
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ये कॉलोनियां होंगी हस्तांतरित
आम्रपाली आवासीय योजना, ललितापुरम विस्तार आवासीय योजना, राप्ती नगर द्वितीय चरण आवासीय योजना, बुद्ध विहार आवासीय योजना पार्ट ए, बी और सी, बुद्ध विहार व्यावसायिक योजना, ललितापुरम आवासीय योजना पार्ट ए, बी, लेक व्यू आवासीय योजना, शास्त्रीपुरम विस्तार आवासीय योजना और सिद्धार्थपुरम आवासीय योजना। 
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पहले भी दो कालोनियां हुईं हस्तांतरित
सिद्धार्थपुरम आवासीय योजना और सिद्धार्थ इनक्लेव विस्तार आवासीय योजना 14 मार्च 2016 को नगर निगम को हस्तांतरित किया जा चुका है। अब जीडीए की इन कॉलोनियों में रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। हाउस टैक्स भी वसूले जा रहे हैं।   

ओवरब्रिज निर्माण पर मुहर संभव
बोर्ड मीटिंग में ट्रांसपोर्टनगर से रुस्तमपुर तक ओवरब्रिज बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इनके निर्माण पर सात करोड़ 40 लाख रुपये खर्च होंगे। हालांकि निर्माण लागत बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई है।

आईबी का होगा अपना दफ्तर
गृह मंत्रालय ने जीडीए से इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के दफ्तर के लिए जमीन की मांग की है। यह मामला भी बोर्ड की मीटिंग में ले जाया जा रहा है। अभी आईबी का दफ्तर किराए की बिल्डिंग में चल रहा है। 


अधिकारी, कर्मचारियों को मिलेगा तोहफा
जीडीए बोर्ड की मीटिंग में अधिकारी, कर्मचारियों को तोहफा मिल सकता है। सहायक अभियंताओं का वाहन भत्ता 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जा सकता है। अधिकारी, कर्मचारियों के लिए आवास बनाने का प्रस्ताव भी मीटिंग में रखा जाएगा। रिटायरमेंट के बाद काम करने वाले तहसीलदार का मानदेय बढ़ाया जा सकता है। नियमित कर्मचारियों के चिकित्सा भत्ते में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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