{"_id":"b9369ae66ebf6994d05cb3b84eb3316b","slug":"fire-in-tax-department-of-nagar-nigam-900-files-burn-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम के टैक्स विभाग में आग, फाइलें जलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम के टैक्स विभाग में आग, फाइलें जलीं
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम के टैक्स विभाग में बृहस्पतिवार को आग लग गई। इसमें कई इलाकों के नामांतरण और विवाद संबंधी फाइलों समेत करीब 900 फाइलें जलकर राख हो गईं। तकरीबन एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि इनमें से काफी फाइलों का कंप्यूटराइज डाटा तैयार है। शार्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन नौ बजे नगर निगम के टैक्स विभाग के कक्ष से धुआं उठना शुरू हुआ। आधे-पौन घंटे बाद जब कर्मचारी अपने नियमित समय पर दफ्तर पहुंचने लगे तो उन्हें इसकी जानकारी मिली। इस दौरान नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र भी वहां पहुंच गए। जब दरवाजा खोला गया तो पूरा कमरा धुएं से भरे होने के कारण कोई भी कर्मचारी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कर्मचारी इंदु, नसरुद्दीन और पन्नेलाल ने अग्निशमन यंत्र के जरिए आग बुझाने का प्रयास किया। इतने में वहां पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग बुझाई। बाद में मेयर डॉ. सत्या पांडेय और कुछ पुलिस अधिकारी ने स्थिति का जायजा लिया।
इन इलाकों की फाइलें जली
टैक्स विभाग में लगी आग के दौरान कर्मचारी देवेंद्र तिवारी के अलमारी की सारी फाइलें जल गईं। उनके पास जोन दो का चार्ज है। जोन दो में चक जलाल, खूनीपुर, पुर्दिलपुर, जटेपुर उत्तरी, इस्माइलपुर, नसीराबाद, मियांबाजार आदि के कुछ इलाके आते हैं। इसके अलावा बेतियाहाता क्षेत्र की कुछ फाइलें भी जली हैं। देवेंद्र तिवारी ने बताया कि इनमें से अधिकांश फाइलें नामांतरण और वाद संबंधी हैं।
विज्ञापन
सरकारी दस्तावेज और भवनों की जली फाइलें बनेंगी मुसीबत
आग से कई सरकारी दस्तावेजों और सरकारी भवनों की फाइलों के जलने की आशंका जताई जा रही है। इन फाइलों को फिर से तैयार करना काफी मुश्किल साबित होगा।
विभाग में लटकती रहती हैं बेतरतीब तारें
गनीमत रही कि निगम के टैक्स विभाग में सुबह के वक्त आग लगी। जिस तरह से टैक्स विभाग में बिजली की तारें बेतरतीब और खतरनाक ढंग से खुले में लटकी हुई हैं, उससे हमेशा किसी हादसे का अंदेशा बना रहता है। अगर यह हादसा रात के वक्त हुआ होता तो और ज्यादा फाइलें जल सकती थीं।
जली फाइलों का ब्योरा तैयार करने के लिए 10 सदस्यों की टीम बनाई गई है। इसमें मेरे अलावा सहायक नगर आयुक्त स्वर्ण सिंह, मुख्य नगर लेखा परीक्षक, सहायक लेखा अधिकारी आदि शामिल हैं। प्राथमिक स्तर पर हुई जांच में तकरीबन 900 फाइलों के जलने की आशंका है। पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि हमारे कंप्यूटर विभाग में इनका पूरा ब्योरा होगा। इसके साथ ही विभाग में बिजली की नए सिरे से वायरिंग की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है।
- रबीश चंद्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
आग लगने की घटना की विधिवत जांच हो
वार्ड संख्या 61 मियां बाजार के पार्षद मनीष सिंह ने घटना को संदेहास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि आग लगने की इस घटना में मात्र दो अलमारी की फाइलों का जलना संदेह पैदा करता है। मेरे निरीक्षण में शार्ट सर्किट जैसी कोई बात नहीं लगी। निगम प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से मेरी मांग है कि मामले की विधिवत जांच की जाए। पार्षद संजीव सिंह सोनू ने भी मामले की जांच की मांग की है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन नौ बजे नगर निगम के टैक्स विभाग के कक्ष से धुआं उठना शुरू हुआ। आधे-पौन घंटे बाद जब कर्मचारी अपने नियमित समय पर दफ्तर पहुंचने लगे तो उन्हें इसकी जानकारी मिली। इस दौरान नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र भी वहां पहुंच गए। जब दरवाजा खोला गया तो पूरा कमरा धुएं से भरे होने के कारण कोई भी कर्मचारी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कर्मचारी इंदु, नसरुद्दीन और पन्नेलाल ने अग्निशमन यंत्र के जरिए आग बुझाने का प्रयास किया। इतने में वहां पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग बुझाई। बाद में मेयर डॉ. सत्या पांडेय और कुछ पुलिस अधिकारी ने स्थिति का जायजा लिया।
विज्ञापन
इन इलाकों की फाइलें जली
टैक्स विभाग में लगी आग के दौरान कर्मचारी देवेंद्र तिवारी के अलमारी की सारी फाइलें जल गईं। उनके पास जोन दो का चार्ज है। जोन दो में चक जलाल, खूनीपुर, पुर्दिलपुर, जटेपुर उत्तरी, इस्माइलपुर, नसीराबाद, मियांबाजार आदि के कुछ इलाके आते हैं। इसके अलावा बेतियाहाता क्षेत्र की कुछ फाइलें भी जली हैं। देवेंद्र तिवारी ने बताया कि इनमें से अधिकांश फाइलें नामांतरण और वाद संबंधी हैं।
विज्ञापन
सरकारी दस्तावेज और भवनों की जली फाइलें बनेंगी मुसीबत
आग से कई सरकारी दस्तावेजों और सरकारी भवनों की फाइलों के जलने की आशंका जताई जा रही है। इन फाइलों को फिर से तैयार करना काफी मुश्किल साबित होगा।
विभाग में लटकती रहती हैं बेतरतीब तारें
गनीमत रही कि निगम के टैक्स विभाग में सुबह के वक्त आग लगी। जिस तरह से टैक्स विभाग में बिजली की तारें बेतरतीब और खतरनाक ढंग से खुले में लटकी हुई हैं, उससे हमेशा किसी हादसे का अंदेशा बना रहता है। अगर यह हादसा रात के वक्त हुआ होता तो और ज्यादा फाइलें जल सकती थीं।
जली फाइलों का ब्योरा तैयार करने के लिए 10 सदस्यों की टीम बनाई गई है। इसमें मेरे अलावा सहायक नगर आयुक्त स्वर्ण सिंह, मुख्य नगर लेखा परीक्षक, सहायक लेखा अधिकारी आदि शामिल हैं। प्राथमिक स्तर पर हुई जांच में तकरीबन 900 फाइलों के जलने की आशंका है। पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि हमारे कंप्यूटर विभाग में इनका पूरा ब्योरा होगा। इसके साथ ही विभाग में बिजली की नए सिरे से वायरिंग की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है।
- रबीश चंद्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
आग लगने की घटना की विधिवत जांच हो
वार्ड संख्या 61 मियां बाजार के पार्षद मनीष सिंह ने घटना को संदेहास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि आग लगने की इस घटना में मात्र दो अलमारी की फाइलों का जलना संदेह पैदा करता है। मेरे निरीक्षण में शार्ट सर्किट जैसी कोई बात नहीं लगी। निगम प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से मेरी मांग है कि मामले की विधिवत जांच की जाए। पार्षद संजीव सिंह सोनू ने भी मामले की जांच की मांग की है।