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विभाग में नहीं मिल रही ट्रांसफर वाली फाइल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Sun, 12 Jun 2016 09:12 PM IST
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नैनो कार के दो दावेदार के मामले में कई लोग नप सकते हैं। दो बार कार का ट्रांसफर करने की जांच अंतिम रूप में पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक दो बार ट्रांसफर वाली फाइल विभाग में नहीं मिल रही है। इससे वर्ष 2013 में एवाई नंबर की सीरीज देखने वाले लिपिक भी संदेह के घेरे में आ गए है। फिलहाल पूरे मामले से सोमवार को पर्दा उठेगा।
शाहपुर क्षेत्र के बशारतपुर निवासी दीनानाथ सिंह के पुत्र मनोज कुमार सिंह का आरोप था कि 19 जनवरी 2012 को गाड़ी का रजिस्ट्रेशन आरटीओ में हुआ था। गाड़ी का नंबर यूपी 53 एवाई 7028 है। मनोज ने अपनी नैनो कार किसी को बेच दी, जिसका ट्रांसफर कराने आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पता चला कि गाड़ी पहले ही बेचकर ट्रांसफर हो गई है। प्रथम जांच में सामने आया कि 11 अक्टूबर 2013 को गाड़ी कैंट क्षेत्र के नहर रोड मोहद्दीपुर निवासी रामाशंकर सिंह के पुत्र अशोक सिंह के नाम पर ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद 11 जुलाई 2014 को गाड़ी आरटीओ कैंपस के राम प्रवेश मणि को ट्रांसफर हुई।
शिकायत के बाद मामले की जांच एआरटीओ प्रशासन सूरज रामपाल कर रहे हैं। उन्होंने वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि मजे की बात यह है कि दो बार ट्रांसफर हुई कार के कागजात परिवहन विभाग में नहीं मिल रहे हैं। सोमवार को पूरे प्रकरण से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है। एआरटीओ प्रशासन सूरज राम पाल ने बताया कि इस प्रकरण में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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शाहपुर क्षेत्र के बशारतपुर निवासी दीनानाथ सिंह के पुत्र मनोज कुमार सिंह का आरोप था कि 19 जनवरी 2012 को गाड़ी का रजिस्ट्रेशन आरटीओ में हुआ था। गाड़ी का नंबर यूपी 53 एवाई 7028 है। मनोज ने अपनी नैनो कार किसी को बेच दी, जिसका ट्रांसफर कराने आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पता चला कि गाड़ी पहले ही बेचकर ट्रांसफर हो गई है। प्रथम जांच में सामने आया कि 11 अक्टूबर 2013 को गाड़ी कैंट क्षेत्र के नहर रोड मोहद्दीपुर निवासी रामाशंकर सिंह के पुत्र अशोक सिंह के नाम पर ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद 11 जुलाई 2014 को गाड़ी आरटीओ कैंपस के राम प्रवेश मणि को ट्रांसफर हुई।
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शिकायत के बाद मामले की जांच एआरटीओ प्रशासन सूरज रामपाल कर रहे हैं। उन्होंने वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि मजे की बात यह है कि दो बार ट्रांसफर हुई कार के कागजात परिवहन विभाग में नहीं मिल रहे हैं। सोमवार को पूरे प्रकरण से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है। एआरटीओ प्रशासन सूरज राम पाल ने बताया कि इस प्रकरण में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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