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एफसीआई परिसर में गार्ड ने खुद को मारी गोली
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गोरखपुर एफसीआई गोदाम में खुकुदशी करने वाले की अरविंद मल्ल सिंह की रोती मां।
एफसीआई परिसर में गार्ड ने खुद को मारी गोली
गोरखपुर। कैंट इलाके के एफसीआई (भारतीय खाद्य भंडारण गृह) नंदानगर के गार्ड रिटायर्ड सैनिक अरविंद मल्ल सिंह (55) ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना बृहस्पतिवार की रात है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अरविंद की दोनाली बंदूक को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। खुदकुशी की वजह की जांच की जा रही है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में आर्थिक तंगी की बात सामने आई है। अरविंद को एक नंबर से लगातार फोन आते थे जिससे वे परेशान रहते थे। पुलिस उस नंबर की भी जांच कर रही है। पुलिस सूदखोर से परेशान होकर आत्महत्या के बिंदु की भी जांच कर रही है। गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की छानबीन की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक अरविंद मल्ल सिंह मूल रूप से देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बढ़या तिवारी के मूल निवासी थे। वर्तमान में वह सपरिवार मानिक नगर दरगहिया शाहपुर में किराये पर रहते थे। वह आर्मी की बांबे इंजीनियर रेजिमेंट से रिटायर्ड थे। एक वर्ष से एफसीआई नंदानगर में गार्ड के रूप में तैनात थे। बृहस्पतिवार को दोपहर में घर से ड्यूटी के लिए निकले। उन्होंने बृहस्पतिवार को दोपहर बाद से शाम तक एक अन्य गार्ड के स्थान पर ड्यूटी की। रात आठ बजे के करीब समीप के एक मैरिज हाल में शादी समारोह में गए थे। वहां पत्नी व बच्चों के साथ भोजन किया और वहीं से सीधे एफसीआई में ड्यूटी करने आ गए। उनकी ड्यूटी रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक थी।
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घटना की सूचना अरविंद के परिवार वालों को न देकर उनके दामाद नीरज कुमार सिंह को शुक्रवार की दोपहर 12 बजे दिन में दी गई। सूचना पर अरविंद की पत्नी पुष्पा, उनकी बेटियां, पुत्र और भाई मौके पर पहुंच गए। पत्नी ने समय से सूचना न देने पर एतराज जताते हुए नाराजगी जाहिर की और हत्या किए जाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है। पुलिस के मुताबिक घटना रात करीब एक बजे की है।रात में ड्यूटी कर रहे अन्य गार्ड घटना का समय नहीं बता पाए।
उनका कहना है कि सुबह छह बजे वे राउंड पर निकले तो अरविंद का शव पड़ा मिला। पास में उनकी बंदूक भी थी। पुलिस को घटना स्थल से कारतूस का खोखा तथा बंदूक में लगीं पांच गोलियां मिलीं। बंदूक में एक गोली मिलने की बात बताई जा रही है। मृतक के सिर का ऊपरी भाग लगभग खत्म हो गया था। पुलिस के अनुसार एक ही गोली चली जो कनपटी के ऊपर लगी। अरविंद की पत्नी ने दो गोलियां चलने की बात कही है।
पत्नी पुष्पा ने उठाए थे यह सवाल
- घटना जब रात में ही घटित हो गई तो उन्हें सूचना क्यों नही दी गई
- उन्हें पति का शव क्यों नही देखने दिया गया
- दो गोली चलने की बात कही जा रही है तो यह कैसे संभव है कि एक गोली चलाकर आत्महत्या करने वाला दूसरी गोली भी चलाए
- कनपटी पर गोली लगना बताया जा रहा है जबकि सिर का ऊपरी हिस्सा लगभग पूरा गायब है
- पिस्टल या रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारना संभव हैं लेकिन दोनाली बंदूक उठा कर स्वयं को गोली मारना असंभव है
....
चार बच्चों के पिता थे अरविंद
अरविंद और पुष्पा के चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी पूजा (22) की शादी हो चुकी है। कन्नू (20) बीए की छात्रा है, तीसरी बेटी लक्की 17 वर्ष की है। सबसे छोटा लड़का सूर्यप्रकाश सिंह 13 साल का है। पूजा को छोड़कर सभी अरविंद पर ही आश्रित थे। अरविंद के माता-पिता का देहांत हो चुका है। अरविंद चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई सुरेंद्र मल घर पर रहते हैं। उनसे छोटे अमर प्रताप सिंह फौज से रिटायर होकर प्राईवेट जॉब करते हैं।
प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का ही आया है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। यदि अरविंद ने खुदकुशी की है तो उसकी वजह की भी जांच की जा रही है।
- डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी
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गोरखपुर। कैंट इलाके के एफसीआई (भारतीय खाद्य भंडारण गृह) नंदानगर के गार्ड रिटायर्ड सैनिक अरविंद मल्ल सिंह (55) ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना बृहस्पतिवार की रात है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अरविंद की दोनाली बंदूक को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। खुदकुशी की वजह की जांच की जा रही है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में आर्थिक तंगी की बात सामने आई है। अरविंद को एक नंबर से लगातार फोन आते थे जिससे वे परेशान रहते थे। पुलिस उस नंबर की भी जांच कर रही है। पुलिस सूदखोर से परेशान होकर आत्महत्या के बिंदु की भी जांच कर रही है। गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की छानबीन की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक अरविंद मल्ल सिंह मूल रूप से देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बढ़या तिवारी के मूल निवासी थे। वर्तमान में वह सपरिवार मानिक नगर दरगहिया शाहपुर में किराये पर रहते थे। वह आर्मी की बांबे इंजीनियर रेजिमेंट से रिटायर्ड थे। एक वर्ष से एफसीआई नंदानगर में गार्ड के रूप में तैनात थे। बृहस्पतिवार को दोपहर में घर से ड्यूटी के लिए निकले। उन्होंने बृहस्पतिवार को दोपहर बाद से शाम तक एक अन्य गार्ड के स्थान पर ड्यूटी की। रात आठ बजे के करीब समीप के एक मैरिज हाल में शादी समारोह में गए थे। वहां पत्नी व बच्चों के साथ भोजन किया और वहीं से सीधे एफसीआई में ड्यूटी करने आ गए। उनकी ड्यूटी रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक थी।
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घटना की सूचना अरविंद के परिवार वालों को न देकर उनके दामाद नीरज कुमार सिंह को शुक्रवार की दोपहर 12 बजे दिन में दी गई। सूचना पर अरविंद की पत्नी पुष्पा, उनकी बेटियां, पुत्र और भाई मौके पर पहुंच गए। पत्नी ने समय से सूचना न देने पर एतराज जताते हुए नाराजगी जाहिर की और हत्या किए जाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है। पुलिस के मुताबिक घटना रात करीब एक बजे की है।रात में ड्यूटी कर रहे अन्य गार्ड घटना का समय नहीं बता पाए।
उनका कहना है कि सुबह छह बजे वे राउंड पर निकले तो अरविंद का शव पड़ा मिला। पास में उनकी बंदूक भी थी। पुलिस को घटना स्थल से कारतूस का खोखा तथा बंदूक में लगीं पांच गोलियां मिलीं। बंदूक में एक गोली मिलने की बात बताई जा रही है। मृतक के सिर का ऊपरी भाग लगभग खत्म हो गया था। पुलिस के अनुसार एक ही गोली चली जो कनपटी के ऊपर लगी। अरविंद की पत्नी ने दो गोलियां चलने की बात कही है।
पत्नी पुष्पा ने उठाए थे यह सवाल
- घटना जब रात में ही घटित हो गई तो उन्हें सूचना क्यों नही दी गई
- उन्हें पति का शव क्यों नही देखने दिया गया
- दो गोली चलने की बात कही जा रही है तो यह कैसे संभव है कि एक गोली चलाकर आत्महत्या करने वाला दूसरी गोली भी चलाए
- कनपटी पर गोली लगना बताया जा रहा है जबकि सिर का ऊपरी हिस्सा लगभग पूरा गायब है
- पिस्टल या रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारना संभव हैं लेकिन दोनाली बंदूक उठा कर स्वयं को गोली मारना असंभव है
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चार बच्चों के पिता थे अरविंद
अरविंद और पुष्पा के चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी पूजा (22) की शादी हो चुकी है। कन्नू (20) बीए की छात्रा है, तीसरी बेटी लक्की 17 वर्ष की है। सबसे छोटा लड़का सूर्यप्रकाश सिंह 13 साल का है। पूजा को छोड़कर सभी अरविंद पर ही आश्रित थे। अरविंद के माता-पिता का देहांत हो चुका है। अरविंद चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई सुरेंद्र मल घर पर रहते हैं। उनसे छोटे अमर प्रताप सिंह फौज से रिटायर होकर प्राईवेट जॉब करते हैं।
प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का ही आया है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। यदि अरविंद ने खुदकुशी की है तो उसकी वजह की भी जांच की जा रही है।
- डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी