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कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह के फर्जी सिफारिशी पत्र से लिया पांच करोड़ का ठेका

Sat, 30 Nov 2019 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 30 Nov 2019 01:30 AM IST
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fake letter pad compiarganj vidhayak issue
विधायक फतेहबहादुर सिंह - फोटो : अमर उजाला

गोरखपुर कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह के लेटरपैड पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए बनाए गए सिफारिशी पत्र के सहारे गोरखनाथ क्षेत्र की दो फर्मों ने सड़क निर्माण का 4.89 करोड़ रुपये का ठेका हासिल कर लिया। विधायक ने कैंट थाने में तहरीर देकर बृहस्पतिवार को दोनों ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और जालसाजी का केस दर्ज करा दिया।

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इन मामलों में आरोप साबित हुआ तो नामजद ठेकेदारों को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। सड़क बनाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। पुलिस के मुताबिक गोरखनाथ थाना क्षेत्र के ललितपुरम राजेंद्र नगर निवासी ठेकेदार मेसर्स रीना सिंह और इसी थाना क्षेत्र के आदित्यनगर नथमलपुर निवासी मेसर्स अजय कांस्ट्रेक्शन के खिलाफ जालसाजी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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एसएसपी का कहना है कि मामला गंभीर है। कैंपियरगंज विधायक ने कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के मुताबिक आरोपित ठेकेदारों ने ठेका हासिल करने के लिए फर्जीवाड़ा किया है। पहले विधायक का लेटरपैड हासिल किया, फिर सिफारिशी पत्र तैयार कर विधायक के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इसी पत्र के आधार पर समाज कल्याण निर्माण निगम (यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड) से सड़क निर्माण का ठेका हासिल कर लिया।
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निगम के अफसरों ने भी पत्र की वास्तविकता की छानबीन नहीं की और और ठेका देने की औपचारिकता अक्तूबर में पूरी कर दी गई। इसकी जानकारी विधायक को मिली तो उन्होंने एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता को बताया। एसएसपी ने आदेश दिया, तब जाकर कैंट पुलिस ने बृहस्पतिवार को मामला दर्ज कर लिया। मामले में ठेकेदारों से संपर्क नहीं हो सका। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।

बिना सत्यापन ही दे दिया ठेका

समाज कल्याण निर्माण निगम ने सड़क निर्माण का ठेका देते वक्त सत्यापन सही ढंग से नहीं कराया। इसी वजह से ठेकेदारों की तरफ से दिए गए विधायक के फर्जी लेटरपैड व हस्ताक्षर को नहीं पकड़ा जा सका। इससे निर्माण निगम के अफसरों की भूमिका सवालों के घेरे में है।

आरोप लग रहे हैं कि ठेकेदार मेसर्स रीना सिंह और मेसर्स अजय कांस्ट्रेक्शन को ठेका देने में मनमानी की जाती है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। इस मामले में अफसरों से मोबाइल फोन पर पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।

सड़क बनवाने का प्रस्ताव नहीं, फिर भी मिली स्वीकृति
कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र के पंचगांवा, बरगदही, मडहा और फुलवरिया में इंटरलॉकिंग सड़क व नाली बनाने का प्रस्ताव किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं दिया था। साजिश के तहत सड़क व नाली बनवाने का प्रस्ताव दिया गया। इसकी जांच नहीं हुई और प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी।

जब जिला प्रशासन और समाज कल्याण निर्माण निगम की तरफ से सड़क स्वीकृति की जानकारी कैंपियरगंज विधायक फतेहबहादुर सिंह को मिली तो वे अवाक रह गए। विधायक ने कहा कि सड़क, नाली निर्माण का प्रस्ताव ही नहीं दिया था तो स्वीकृति कहां से मिल गई।

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