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नकली करेंसी: महिला समेत तीन और गिरफ्तार, सरगना पकड़ से दूर
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नकली करेंसी: महिला समेत तीन और गिरफ्तार, सरगना पकड़ से दूर
कौड़ीराम (गोरखपुर)। बांसगांव इलाके में नकली करेंसी चलाने के मामले में पुलिस ने शनिवार को सिकरीगंज के रानीपुर निवासी उषा देवी, वंदना और आजमगढ़ के भीमल उर्फ ट्रेलर निषाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ साजिश रचने का केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। अब तक पुलिस इस मामले में तीन बच्चों समेत सात को पकड़ चुकी है। लेकिन, सरगना आजमगढ़ निवासी पिस्तौल वाले अंकल उर्फ विकास अभी भी पकड़ से दूर है। पुलिस के अनुसार भीमल उर्फ ट्रेलर सरगना का दाहिना हाथ है। उसके कहने पर ही ट्रेलर छोटे-छोटे बच्चों को बरगला कर नकली नोट चलवाता था। ट्रेलर के जरिए ही गोरखपुर की कई महिलाएं भी इस खेल से जुड़ी थीं। महिला और बच्चों के होने से कोई नोट नकली होने का शक नहीं करता था।
कौड़ीराम कस्बे में पिछले रविवार को पारस गुप्ता की दुकान पर दो बच्चे सौ और दो सौ के नकली नोट चलाते हुए पकड़े गए थे। दुकानदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सुधार गृह भेजा था। बच्चों से पूछताछ में पता चला था कि आजमगढ़ निवासी एक पिस्तौल वाले अंकल उर्फ विकास उन्हें खाने के सामान खरीदने के लिए नकली रुपये देता था। रुपये चलने के बाद वापस मिले रुपये को अपने पास रख लेता था। इस काम में उसने कई महिलाओं को भी गैंग में शामिल किया था। बच्चे इन्हीं महिलाओं के साथ जाते थे। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को धस्की के पास से एक बच्चे और खजनी के कटघर निवासी मनोज को भी पकड़ा था। उनके पास से पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की थी। पुलिस ने बच्चे को सुधार गृह और युवक को जेल भेजवा दिया था। मनोज ने पुलिस को ट्रेलर और इन महिलाओं के बारे में बताया था।
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नेपाल से भी जुड़े हैं तार
पुलिस के अनुसार नकली करेंसी के तार नेपाल से भी जुड़े हैं। इन लोगों का एक गिरोह है जो गोरखपुर के अलावा सिद्घार्थनगर, कुशीनगर और महराजगंज आदि जिलों में भी महिलाओं और बच्चों से नकली करेंसी चलवाता है। यूपी में इनका सरगना आजमगढ़ से इस धंधे को चला रहा है। गोरखपुर जिस तरह ट्रेलर उसका दाहिना हाथ है। उसी तरह अन्य जिलों में भी एक -एक मुखिया हैं।
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अन्य जिलों की पुलिस से भी होगा संपर्क
जिले की पुलिस अन्य जिलों की पुलिस को भी पत्र लिखकर इस गिरोह को पकड़ने में मदद मांगेगी। ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पत्र के अलावा भी यहां की पुलिस खुद अन्य जिलों में भी जाकर जांच करेगी।
वर्जन
दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक युवक मुख्य सरगना का दाहिना हाथ है। पूरे नेटवर्क का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।- डॉ सुनील गुप्ता, एसएसपी
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कौड़ीराम (गोरखपुर)। बांसगांव इलाके में नकली करेंसी चलाने के मामले में पुलिस ने शनिवार को सिकरीगंज के रानीपुर निवासी उषा देवी, वंदना और आजमगढ़ के भीमल उर्फ ट्रेलर निषाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ साजिश रचने का केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। अब तक पुलिस इस मामले में तीन बच्चों समेत सात को पकड़ चुकी है। लेकिन, सरगना आजमगढ़ निवासी पिस्तौल वाले अंकल उर्फ विकास अभी भी पकड़ से दूर है। पुलिस के अनुसार भीमल उर्फ ट्रेलर सरगना का दाहिना हाथ है। उसके कहने पर ही ट्रेलर छोटे-छोटे बच्चों को बरगला कर नकली नोट चलवाता था। ट्रेलर के जरिए ही गोरखपुर की कई महिलाएं भी इस खेल से जुड़ी थीं। महिला और बच्चों के होने से कोई नोट नकली होने का शक नहीं करता था।
कौड़ीराम कस्बे में पिछले रविवार को पारस गुप्ता की दुकान पर दो बच्चे सौ और दो सौ के नकली नोट चलाते हुए पकड़े गए थे। दुकानदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सुधार गृह भेजा था। बच्चों से पूछताछ में पता चला था कि आजमगढ़ निवासी एक पिस्तौल वाले अंकल उर्फ विकास उन्हें खाने के सामान खरीदने के लिए नकली रुपये देता था। रुपये चलने के बाद वापस मिले रुपये को अपने पास रख लेता था। इस काम में उसने कई महिलाओं को भी गैंग में शामिल किया था। बच्चे इन्हीं महिलाओं के साथ जाते थे। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को धस्की के पास से एक बच्चे और खजनी के कटघर निवासी मनोज को भी पकड़ा था। उनके पास से पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की थी। पुलिस ने बच्चे को सुधार गृह और युवक को जेल भेजवा दिया था। मनोज ने पुलिस को ट्रेलर और इन महिलाओं के बारे में बताया था।
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नेपाल से भी जुड़े हैं तार
पुलिस के अनुसार नकली करेंसी के तार नेपाल से भी जुड़े हैं। इन लोगों का एक गिरोह है जो गोरखपुर के अलावा सिद्घार्थनगर, कुशीनगर और महराजगंज आदि जिलों में भी महिलाओं और बच्चों से नकली करेंसी चलवाता है। यूपी में इनका सरगना आजमगढ़ से इस धंधे को चला रहा है। गोरखपुर जिस तरह ट्रेलर उसका दाहिना हाथ है। उसी तरह अन्य जिलों में भी एक -एक मुखिया हैं।
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अन्य जिलों की पुलिस से भी होगा संपर्क
जिले की पुलिस अन्य जिलों की पुलिस को भी पत्र लिखकर इस गिरोह को पकड़ने में मदद मांगेगी। ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पत्र के अलावा भी यहां की पुलिस खुद अन्य जिलों में भी जाकर जांच करेगी।
वर्जन
दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक युवक मुख्य सरगना का दाहिना हाथ है। पूरे नेटवर्क का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।- डॉ सुनील गुप्ता, एसएसपी