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मेडिकल कॉलेज में ‘एक्सपायर’ इंजेक्शन 

Mon, 02 May 2016 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 02 May 2016 01:45 AM IST
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'Expired' injection supplied in medical college
मेडिकल कालेज में सप्लाई हुई एक्सपायरी दवाएं। रेपर पर दर्ज है दो एक्सपायरी डेट - फोटो : mahesh kumar
सस्ते और बेहतर इलाज की कोशिशों सरकारी कारिंदे ही पलीता लगा रहे हैं। कुछ दिन पहले जिला अस्पताल को मिली दवा सप्लाई में जहां गोलियों की जगह खाली रैपर की बड़ी खेप भेज दी गई थी, वहीं गोरखपुर मेडिकल कॉलेज तक दर्द निवारक इंजेक्शन की ऐसी वॉयल सप्लाई हुई हैं, जिनपर मई 2016 में एक्सपायरी साफ अंकित है। सप्लाई मिलने वाले महीने में ही एक्सपायरी तिथि और पैकिंग बॉक्स पर दो तरह की एक्सपायरी डेट छपी होने से दवा सप्लाई में बड़े घपले की आशंका बढ़ गई है।
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लगभग छह महीने से दवाओं की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज से कई रिमाइंडर भेजे जाने के बाद रविवार को कुछ जरूरी दवाओं की एक खेप पहुंचाई गई। इनमें शामिल एक दर्द निवारक इंजेक्शन की वॉयल पर साफ तौर पर मई 2016 में एक्सपायर हो जाने की बात लिखी है। चौंकाने वाली बात यह है कि वॉयल की पैकिंग के लिए जो दफ्ती का बॉक्स इस्तेमाल किया है, उस पर दो जगह दो तरह की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तारीख छपी है।
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मूल जगह पर मैन्युफैक्चरिंग के आगे जून 2014 और एक्सपायरी के तौर पर मई 2016 छपा है, जबकि बॉक्स के निचले भाग पर अप्रैल 2014 की मैन्युफैक्चरिंग दर्शाकर मार्च 2017 एक्सपायरी की अवधि बताई गई है। इस तरह का प्रयोग मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को भी हैरत में डाल रहा है। जानकारों का मानना है कि इस इंजेक्शन के इस्तेमाल की आवृत्ति इतनी तेज नहीं है कि सारी वॉयल मई में ही खपाई जा सकें। ऐसे में वॉयल पर नजर आ रही मई 2016 की अवधि का पालन करने पर इसे जून में इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।
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इसके अलावा एक दवा पर दो जगह दो तरह की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तारीख छपी होने को भी नियमों के खिलाफ और दवाओं में बढ़ रही जालसाजी के रूप में देखा जा रहा है। स्टाफ के बीच तेज चर्चा के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन इस मुद्दे पर बोलने से बच रहा है। 

रविवार को कुछ दवाएं आई हैं। दवाओं की इस खेप का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। ऐसी गड़बड़ी पकड़े जाने पर सप्लाई देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चंद्रदेव, प्रभारी एसआईसी
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