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अधिशासी अभियंता ने तलब की मेठ बेलदार की सूचीं
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अधिशासी अभियंता ने तलब की मेठ, बेलदार की सूची
गोरखपुर। सड़क की ड्यूटी छोड़कर अफसरों के घर चौका-बर्तन करने वाले बेलदार और मेठ की सूची अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-तीन एसपी भारती ने तलब की है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि जिसकी ड्यूटी जहां है, वहीं करनी होगी। सड़क की ड्यूटी छुड़वाकर घरों में काम कराने का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई तो अवर अभियंता जिम्मेदार होंगे।
प्रतिमाह 25 से 50 हजार वेतन पाने वाले मेठ और बेलदार के घरों में तैनाती का मामला सामने आया तो हड़कंप मच गया। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एपी चौरसिया ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट तलब की। इसी का नतीजा रहा कि अधिशासी अभियंता ने सभी अवर अभियंता को पत्र लिखकर बेलदार, मेठ की तैनाती का स्थल पूछा है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि मेठ, बेलदार की तैनाती सड़क के रखरखाव की होती है। इससे अलग काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जिसको जिस काम का वेतन मिलता है, वही काम करना पड़ेगा। गोरखपुर में 60 अवर अभियंता हैं। अवर अभियंता की देखरेख में ही बेलदार, मेठ काम करते हैं। सेवानिवृत्त अधिकारी या फिर कर्मचारी के वहां सरकारी कर्मचारी काम नहीं कर सकता है। इसकी अनदेखी हुई तो यह गंभीर मामला है। संबंधित कर्मचारी और मानीटरिंग अफसर की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाएगी। सेवानिवृत्त अफसर यदि सरकारी आवास में रहते हैं तो ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। निर्धारित समय से आवास खाली कराया जाता है।
कोट:::
हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि मेठ, बेलदार और वर्कचार्ज कर्मचारी किसी जेई, एई के घर काम करते हैं। मेरे यहां तो कोई कर्मचारी नहीं है। जो तथ्य सामने आए हैं, उसी हिसाब से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी भारती, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड- तीन
रिटायर अधिकारी के वहां से नहीं हटे कर्मचारी
लोक निर्माण विभाग के रिटायर अधीक्षण अभियंता उमाशंकर प्रसाद व हरिप्रसाद और गोरखपुर से स्थानांतरित अधिशासी अभियंता रामजीत प्रसाद के वहां तैनात तीनों कर्मचारी बुधवार को भी उनके आवासों पर ही देखे गए। अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता कार्रवाई की बात करते रहे लेकिन सब कागजों तक सिमटा रहा।
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गोरखपुर। सड़क की ड्यूटी छोड़कर अफसरों के घर चौका-बर्तन करने वाले बेलदार और मेठ की सूची अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-तीन एसपी भारती ने तलब की है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि जिसकी ड्यूटी जहां है, वहीं करनी होगी। सड़क की ड्यूटी छुड़वाकर घरों में काम कराने का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई तो अवर अभियंता जिम्मेदार होंगे।
प्रतिमाह 25 से 50 हजार वेतन पाने वाले मेठ और बेलदार के घरों में तैनाती का मामला सामने आया तो हड़कंप मच गया। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एपी चौरसिया ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट तलब की। इसी का नतीजा रहा कि अधिशासी अभियंता ने सभी अवर अभियंता को पत्र लिखकर बेलदार, मेठ की तैनाती का स्थल पूछा है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि मेठ, बेलदार की तैनाती सड़क के रखरखाव की होती है। इससे अलग काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जिसको जिस काम का वेतन मिलता है, वही काम करना पड़ेगा। गोरखपुर में 60 अवर अभियंता हैं। अवर अभियंता की देखरेख में ही बेलदार, मेठ काम करते हैं। सेवानिवृत्त अधिकारी या फिर कर्मचारी के वहां सरकारी कर्मचारी काम नहीं कर सकता है। इसकी अनदेखी हुई तो यह गंभीर मामला है। संबंधित कर्मचारी और मानीटरिंग अफसर की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाएगी। सेवानिवृत्त अफसर यदि सरकारी आवास में रहते हैं तो ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। निर्धारित समय से आवास खाली कराया जाता है।
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कोट:::
हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि मेठ, बेलदार और वर्कचार्ज कर्मचारी किसी जेई, एई के घर काम करते हैं। मेरे यहां तो कोई कर्मचारी नहीं है। जो तथ्य सामने आए हैं, उसी हिसाब से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी भारती, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड- तीन
रिटायर अधिकारी के वहां से नहीं हटे कर्मचारी
लोक निर्माण विभाग के रिटायर अधीक्षण अभियंता उमाशंकर प्रसाद व हरिप्रसाद और गोरखपुर से स्थानांतरित अधिशासी अभियंता रामजीत प्रसाद के वहां तैनात तीनों कर्मचारी बुधवार को भी उनके आवासों पर ही देखे गए। अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता कार्रवाई की बात करते रहे लेकिन सब कागजों तक सिमटा रहा।