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सांप के लिए दूध ‘जहर’ के समान, हजारों लीटर दूध यूं ही रखकर छोड़

Sun, 04 Aug 2019 01:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2019 01:42 AM IST
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सांप के लिए दूध ‘जहर’ के समान
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विवेक सिंह
गोरखपुर। सोमवार को नागपंचमी है और एक बार फिर इस दिन मान्यता के नाम पर सांपों को पिलाने के लिए गड्ढों और पात्रों में हजारों लीटर दूध यूं ही रखकर छोड़ दिया जाएगा। या तो यह नालियों में जाएगा या इसे सपेरे ले जाएंगे।
मान्यता है कि नागपंचमी पर दूध पिलाने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं। घर में अन्न-धन का भंडार बढ़ता है। मगर, लोग यह नहीं जानते कि सांप दूध पीता ही नहीं। अगर जबरन उसे दूध पिला दिया जाए तो उसकी आंत में संक्रमण हो जाता है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर सीपीएम त्रिपाठी ने बताया कि कि सांप मांसाहारी होता है। दूध सांप का प्राकृतिक भोजन नहीं है। उसकी जीभ की बनावट कुत्ते, बिल्ली या मनुष्य से अलग होती है, वह दूध या कोई भी द्रव्य चाह कर भी अंदर नहीं खींच सकता है। यदि जबरन दूध पिलाया जाए तो उसकी आंत में संक्रमण हो जाता है। दूध सांप के लिए जहर समान है क्योंकि वह इसे पचा नहीं सकता।
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अगर पिटारे में मिला सांप तो होगी जेल
सांप को पालना या कैद करना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। वन विभाग की तरफ से रेंजर, वन दरोगा समेत अन्य कर्मचारियों की टीम बनाई गई है। अगर नाग पंचमी पर या आम दिनों में भी किसी सपेरे के पास सांप पाया गया तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। वन्य जीव अधिनियम के तहत सांप एक और दो शेड्यूल में आते हैं। सांप के दांत तोड़ना भी अपराध की श्रेणी में आता है। दो साल तक की सजा हो सकती है।
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- अश्वनी कुमार, डीएफओ
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