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गोरखपुर में तैनात रहे बीएसए पर कसेगा शिकंजा

Sat, 27 Jul 2019 12:45 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2019 12:45 AM IST
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entrap a ev bsa in fake teacher matter
गोरखपुर में तैनात रहे बीएसए पर भी कसेगा शिकंजा
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गोरखपुर। फर्जी शैक्षिक दस्तावेज और प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने वालेे शिक्षकों की जांच एसटीएफ ने तेज कर दी गई है। तहकीकात के दौरान एसटीएफ को पता चला है कि गोरखपुर में तैनाती के दौरान एक बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने जमकर धांधली की थी। तत्कालीन बीएसए ने ही मुक्तिनाथ को उच्च प्राथमिक विद्यालय तौहरियाराव, बड़हलगंज में नियुक्त किया था। मुक्तिनाथ फर्जीवाड़ा करके नौकरी कर रहा था। मुक्तिनाथ की नियुक्ति के संबंध में तत्कालीन बीएसए से पूछताछ की जा चुकी है। संबंधित बीएसए पर करीब 120 फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का आरोप है। बीएसए की तैनाती वर्तमान में गोरखपुर मंडल में ही है।
राज्य सरकार ने कुछ साल पहले ही छह विद्यालयों में मनमाने ढंग से लिपिकों की नियुक्ति के गंभीर आरोप में तत्कालीन बीएसए को निलंबित किया था। शिक्षकों की नियुक्ति में भी धांधली पकड़ी गई थी। तत्कालीन एडी बेसिक सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने मामले में राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि आवेदन फार्म न भरने वालों को भी शिक्षक बना दिया गया। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी संबंधित बीएसए को तैनाती दी गई है। इससे व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। एसटीएफ की मानें तो तत्कालीन बीएसए ने शिशु सेवा सदन कन्या जूनियर हाईस्कूल दाउदपुर, गुलाब सिंह पूर्व माध्यमिक विद्यालय समयथान भीटी बड़हलगंज, लाल बहादुर शास्त्री जूनियर हाईस्कूल दुर्गाबाड़ी गोरखपुर, राजेश मेमोरियल कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरहरी, स्वास्तिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय धर्मशाला बाजार और राम प्रसाद बिस्मिल इंटर कॉलेज पांडेयपार में लिपिकों की नियुक्ति में नियम, मानक को दरकिनार कर दिया था। संबंधित बीएसए पर सगी बहन को गलत तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप भी है। बाबा सूर्य नारायण दास लघु माध्यमिक विद्यालय सिरसिया भटहट की मान्यता मामले में भी गड़बड़ी उजागर हुई थी। ग्राम पंचायत बंसहिया स्थित एक विद्यालय से संबंधित सूचना समय से न देने पर तत्कालीन बीएसए पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था।
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जांच के केंद्र में गोरखपुर बीएसए दफ्तर भी
एसटीएफ की जांच के केंद्र में गोरखपुर का बीएसए दफ्तर भी है। पिछले सप्ताह ही एसटीएफ ने छापा मारकर पूर्व बीएसए से संबंधित जानकारी ली थी। मुक्तिनाथ की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किया गया था।
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आठ फर्जी शिक्षकों ने डकारे दो करोड़ 65 रुपये
पिछले एक साल में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने वाले 25 फर्जी शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खांस्त किया है। इनमें से आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद से वेतन रिकवरी की प्रक्रिया विभाग की ओर से शुरू की गई है। अब तक आठ शिक्षकों से वेतन के मद में दो करोड़ 65 लाख रुपये की रिकवरी का ब्यौरा विभाग ने तैयार किया है। बाकी बचे 17 फर्र्जी शिक्षकों पर भी जल्द मुकदमा दर्ज कराकर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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