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इस साल 177 स्लीपर कोच में लगेंगे डस्टबिन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:53 AM IST
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ट्रेन
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ट्रेनों में बेहतर सफाई की कोशिश में जुटे पूर्वोत्तर रेलवे ने एसी कोच की तर्ज पर स्लीपर कोच में डस्टबिन लगाना शुरू कर दिया है। इस साल स्लीपर कोच में 177 डस्टबिन लगाए जाएंगे। अब तक 163 डस्टबिन लगाए जा चुके हैं। गोरखपुर से बनकर चलने वाली सभी ट्रेनों के स्लीपर कोच में डस्टबिन लगाने की तैयारी है।
स्लीपर कोच में डस्टबिन न रहने से यात्री कूड़ा, कचरा बर्थ के पास ही फेंक देते हैं। कई यात्री रेलवे ट्रैक पर गंदगी फेंकते रहते हैं। स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर भी गंदगी फेंकी जाती है। कोच में डस्टबिन रखे जाने से कोच के साथ ही स्टेशनों पर भी सफाई बनी रहेगी। पहले गोरखधाम एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में डस्टबिन लगाए जा रहे हैं।
इसके बाद दूसरी ट्रेनों में लगाए जाएंगे। कोच के दोनों ओर टॉयलेट के पास बने वास बेसिन के नीचे खास आकार के डस्टबिन रखे जाएंगे। एनईआर लखनऊ मंडल के वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी डीके तिवारी ने बताया कि सभी स्लीपर कोच के दोनों तरफ वास बेसिन के पास डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। कोशिश है कि यहां से चलने वाले सभी ट्रेनों के स्लीपर कोच में इसे लगा दिया जाए।
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स्लीपर कोच में डस्टबिन न रहने से यात्री कूड़ा, कचरा बर्थ के पास ही फेंक देते हैं। कई यात्री रेलवे ट्रैक पर गंदगी फेंकते रहते हैं। स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर भी गंदगी फेंकी जाती है। कोच में डस्टबिन रखे जाने से कोच के साथ ही स्टेशनों पर भी सफाई बनी रहेगी। पहले गोरखधाम एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में डस्टबिन लगाए जा रहे हैं।
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इसके बाद दूसरी ट्रेनों में लगाए जाएंगे। कोच के दोनों ओर टॉयलेट के पास बने वास बेसिन के नीचे खास आकार के डस्टबिन रखे जाएंगे। एनईआर लखनऊ मंडल के वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी डीके तिवारी ने बताया कि सभी स्लीपर कोच के दोनों तरफ वास बेसिन के पास डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। कोशिश है कि यहां से चलने वाले सभी ट्रेनों के स्लीपर कोच में इसे लगा दिया जाए।
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