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अवैध शराब के साथ पकड़े गए शख्स की इलाज के दौरान मौत
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अवैध शराब के साथ पकड़े गए शख्स की इलाज के दौरान मौत
- रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला था मृतक दीपक शर्मा
- हालत बिगड़ने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कराया गया था भर्ती
- देवरिया जिला जेल में था बंद, परिजनों का एसओजी टीम पर पिटाई का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर/देवरिया। शराब तस्करी के मामले में जिला जेल में बंद एक बंदी की उपचार के दौरान शुक्रवार की रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। जिम्मेदारों ने उसके परिवारवालों को सूचना देने के साथ जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि देवरिया एसओजी टीम ने गिरफ्तारी के बाद युवक की जमकर पिटाई की थी और बिना इलाज के ही चालान कर जेल भेजवा दिया, जिससे जेल में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और मौत हो गई। हालांकि देवरिया एसओजी टीम ने और वहां के अधिकारियों ने पिटाई से इंकार किया है।
मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधि के अनुसार देवरिया सदर कोतवाली पुलिस, स्वॉट, सीआईयू और सर्विलांस टीम ने 27 नवंबर को लक्जरी वाहनों से तस्करी कर बिहार ले जाई जा रही शराब को पुरवां चौराहे के पास घेराबंदी कर पकड़ा था। हरियाणा के रोहतक के रहने वाले दीपक शर्मा (40) समेत पांच तस्कर भी पुलिस के हाथ लगे थे। कार्रवाई पूरी करने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने 28 नवंबर को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजवा दिया। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि जेल में आने के दौरान ही उसकी तबीयत कुछ खराब थी। शुक्रवार की सुबह तबीयत बिगड़ने पर जिला जेल के चिकित्सकों से जांच कराई गई। इसमें उसे उच्च रक्तचाप और शुगर की शिकायत मिली। दवा देने के बाद कुछ राहत मिली, लेकिन जब फिर तबीयत बिगड़ने लगी तो जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उसे आक्सीजन लगाया गया था। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर चिकित्सक ने जांच के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। उपचार के दौरान शुक्रवार की रात आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि उसके हॉर्ट की बाईपास सर्जरी भी कराई गई थी। जेल अधीक्षक ने बताया कि परिवारवालों को सूचना दे दी गई है। उधर मेडिकल कॉलेज पहुंचे बंदी के परिजनों ने देवरिया एसओजी टीम की पिटाई से मौत का आरोप लगाया है।
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- रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला था मृतक दीपक शर्मा
- हालत बिगड़ने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कराया गया था भर्ती
- देवरिया जिला जेल में था बंद, परिजनों का एसओजी टीम पर पिटाई का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर/देवरिया। शराब तस्करी के मामले में जिला जेल में बंद एक बंदी की उपचार के दौरान शुक्रवार की रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। जिम्मेदारों ने उसके परिवारवालों को सूचना देने के साथ जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि देवरिया एसओजी टीम ने गिरफ्तारी के बाद युवक की जमकर पिटाई की थी और बिना इलाज के ही चालान कर जेल भेजवा दिया, जिससे जेल में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और मौत हो गई। हालांकि देवरिया एसओजी टीम ने और वहां के अधिकारियों ने पिटाई से इंकार किया है।
मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधि के अनुसार देवरिया सदर कोतवाली पुलिस, स्वॉट, सीआईयू और सर्विलांस टीम ने 27 नवंबर को लक्जरी वाहनों से तस्करी कर बिहार ले जाई जा रही शराब को पुरवां चौराहे के पास घेराबंदी कर पकड़ा था। हरियाणा के रोहतक के रहने वाले दीपक शर्मा (40) समेत पांच तस्कर भी पुलिस के हाथ लगे थे। कार्रवाई पूरी करने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने 28 नवंबर को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजवा दिया। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि जेल में आने के दौरान ही उसकी तबीयत कुछ खराब थी। शुक्रवार की सुबह तबीयत बिगड़ने पर जिला जेल के चिकित्सकों से जांच कराई गई। इसमें उसे उच्च रक्तचाप और शुगर की शिकायत मिली। दवा देने के बाद कुछ राहत मिली, लेकिन जब फिर तबीयत बिगड़ने लगी तो जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उसे आक्सीजन लगाया गया था। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर चिकित्सक ने जांच के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। उपचार के दौरान शुक्रवार की रात आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि उसके हॉर्ट की बाईपास सर्जरी भी कराई गई थी। जेल अधीक्षक ने बताया कि परिवारवालों को सूचना दे दी गई है। उधर मेडिकल कॉलेज पहुंचे बंदी के परिजनों ने देवरिया एसओजी टीम की पिटाई से मौत का आरोप लगाया है।
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