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डेंगू की वापसी : एक दिन में 16 मरीजों में डेंगू की हुई पुष्टि
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डेंगू की वापसी : एक दिन में 16 मरीजों में पुष्टि
गोरखपुर। ऑफ सीजन माने जा रहे डेंगू ने शहर में कमबैक किया है। एक ही दिन में 16 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ोें के अनुसार इस सीजन अभी तक 89 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एक दिन में इतने मरीज पाए जाने पर डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार सर्वे और जागरूकता अभियान चलाए जाने के स्वास्थ्य विभाग के दावे और नगर निगम के स्वच्छता अभियान पर सवालिया निशान लग गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के अंत तक डेंगू का प्रकोप बहुत कम हो जाता है। इस सीजन डेंगू ने अक्तूबर की शुरुआत के साथ वापसी की है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन 89 लोग डेंगू का शिकार हो चुके हैं। सोमवार को 16 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। यह मरीज शहर के छोटे काजीपुर, मुफ्तीपुर, तुर्कमानपुर, रेती रोड, राजघाट और अलीनगर क्षेत्र के हैं। खास बात यह है कि इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूकता और इकट्ठा हुए पानी को हटाने का अभियान चला रहा है। नगर निगम प्रशासन भी इन इलाकों में फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव करा चुका है। इतनी कवायद के बाद डेंगू के मरीजों का सामने आना अभियानों की सच्चाई बयां कर रहा है।
1070 किलोग्राम टेमीफॉस खर्च लेकिन मच्छर नहीं हुए खत्म
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मच्छरों की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से अक्तूबर 2018 से अब तक नगर निगम को 1070 किलोग्राम एंटी लार्वा रसायन दिया जा चुका है। इसमें से छह सौ लीटर एंटी लार्वा रसायन इस सीजन में दिया गया है। फॉगिंग के लिए एक किलोग्राम एंटी लार्वा रसायन 200 लीटर डीजल में मिला कर जलाया जाता है। 1070 किलोग्राम एंटी लार्वा रसायन से फॉगिंग कराने के लिए 2.14 लाख लीटर डीजल की आवश्यकता होगी। यदि इतनी फॉगिंग कराई गई होती तो शहर में मच्छरों का पनपना नामुमकिन था।
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- डेंगू के सिर्फ तीन मामले सोमवार के हैं बाकी 13 नमूने पिछले तीन दिन के हैं। सोमवार को सभी नमूनों की जांच हुई और इनमेें 16 पॉजिटिव पाए गए। डेंगू की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। लोगों को घरों में पानी इकट्ठा नहीं होने देने का सुझाव दिया जा रहा है। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं, पानी इकट्ठा न हो इसका ख्याल लोगों को भी रखना होगा।
डॉ. अरविंद कुमार पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी
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गोरखपुर। ऑफ सीजन माने जा रहे डेंगू ने शहर में कमबैक किया है। एक ही दिन में 16 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ोें के अनुसार इस सीजन अभी तक 89 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एक दिन में इतने मरीज पाए जाने पर डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार सर्वे और जागरूकता अभियान चलाए जाने के स्वास्थ्य विभाग के दावे और नगर निगम के स्वच्छता अभियान पर सवालिया निशान लग गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के अंत तक डेंगू का प्रकोप बहुत कम हो जाता है। इस सीजन डेंगू ने अक्तूबर की शुरुआत के साथ वापसी की है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन 89 लोग डेंगू का शिकार हो चुके हैं। सोमवार को 16 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। यह मरीज शहर के छोटे काजीपुर, मुफ्तीपुर, तुर्कमानपुर, रेती रोड, राजघाट और अलीनगर क्षेत्र के हैं। खास बात यह है कि इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूकता और इकट्ठा हुए पानी को हटाने का अभियान चला रहा है। नगर निगम प्रशासन भी इन इलाकों में फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव करा चुका है। इतनी कवायद के बाद डेंगू के मरीजों का सामने आना अभियानों की सच्चाई बयां कर रहा है।
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1070 किलोग्राम टेमीफॉस खर्च लेकिन मच्छर नहीं हुए खत्म
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मच्छरों की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से अक्तूबर 2018 से अब तक नगर निगम को 1070 किलोग्राम एंटी लार्वा रसायन दिया जा चुका है। इसमें से छह सौ लीटर एंटी लार्वा रसायन इस सीजन में दिया गया है। फॉगिंग के लिए एक किलोग्राम एंटी लार्वा रसायन 200 लीटर डीजल में मिला कर जलाया जाता है। 1070 किलोग्राम एंटी लार्वा रसायन से फॉगिंग कराने के लिए 2.14 लाख लीटर डीजल की आवश्यकता होगी। यदि इतनी फॉगिंग कराई गई होती तो शहर में मच्छरों का पनपना नामुमकिन था।
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- डेंगू के सिर्फ तीन मामले सोमवार के हैं बाकी 13 नमूने पिछले तीन दिन के हैं। सोमवार को सभी नमूनों की जांच हुई और इनमेें 16 पॉजिटिव पाए गए। डेंगू की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। लोगों को घरों में पानी इकट्ठा नहीं होने देने का सुझाव दिया जा रहा है। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं, पानी इकट्ठा न हो इसका ख्याल लोगों को भी रखना होगा।
डॉ. अरविंद कुमार पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी