{"_id":"57a246e04f1c1b56152bae95","slug":"decision-for-traffic-plan","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैफिक प्लान को लेकर हुए महत्वपूर्ण निर्णय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैफिक प्लान को लेकर हुए महत्वपूर्ण निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Thu, 04 Aug 2016 01:02 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम गेस्ट हाउस में बैठक करतीं महांपौर डा. सत्या पाण्डेय, नगर आयुक्त ,एसपी ट्रैफिक, एसपीसीटी।
- फोटो : Mahesh Kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम में बुधवार को मेयर डॉ. सत्या पांडेय की अध्यक्षता में महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था और जलभराव निस्तारण को लेकर बैठक हुई। इसमें शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार एवं जनमानस को जाम से निजात दिलाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। रेग्युलेटरों की स्थिति और उनसे हो रहे रिसाव पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मेयर ने बंधों पर लगे रेग्युलेटरों की स्थिति की जानकारी ली। उनसे हो रहे रिसाव पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सिंचाई विभाग को पत्र भेजकर जिन रिसाव वाले रेग्युलेटरों पर लोहे के फाटक लगाने के कहने का निर्णय लिया गया। इस दौरान नगर आयुक्त बीएन सिंह, एसपी सिटी हेमराज मीणा, एसपी ट्रैफिक श्रीप्रकाश द्विवेदी, मुख्य अभियंता नगर निगम सुरेश चंद, रबीश चंद, अमर नाथ श्रीवास्तव, एसके केसरी, वीरेंद्र चंद पटेल, रतन सेन सिंह, अरविंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में मेयर ने बंधों पर लगे रेग्युलेटरों की स्थिति की जानकारी ली। उनसे हो रहे रिसाव पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सिंचाई विभाग को पत्र भेजकर जिन रिसाव वाले रेग्युलेटरों पर लोहे के फाटक लगाने के कहने का निर्णय लिया गया। इस दौरान नगर आयुक्त बीएन सिंह, एसपी सिटी हेमराज मीणा, एसपी ट्रैफिक श्रीप्रकाश द्विवेदी, मुख्य अभियंता नगर निगम सुरेश चंद, रबीश चंद, अमर नाथ श्रीवास्तव, एसके केसरी, वीरेंद्र चंद पटेल, रतन सेन सिंह, अरविंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जाम से निपटने के महत्वपूर्ण निर्णय
- तरंग क्रॉसिंग एवं गंगेज चौराहे के आसपास 7.8 फ ीट खाली भूमि पर इंटरलाकिंग कराकर रास्ते को को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
- बेतियाहाता चौराहे के पास बाजार इंडिया के सामने सड़क में विद्युत पोल के कारण अवरोध उत्पन्न हो रहा है, इसे शीघ्र हटाया जाएगा।
- बेतियाहाता चौराहे से हनुमान मंदिर की तरफ जाने वाले मार्ग पर शीघ्र डिवाडर बनाया जाएगा।
- बीएसएनएल से विभिन्न चौराहे एवं मार्गों पर लगे पोल को तत्काल हटाने के जीएम को पत्र लिखा जाए, यदि शीघ्र विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है तो एफआईआर दर्ज कराया जाए।
- शास्त्री चैक पर गोलंबर छोटा तो हुआ है लेकिन कई पोल अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं उन्हें भी शीघ्र हटाया जाएगा।
- पुलिस चौकी मोहद्दीपुर चौराहे के पास तिकोने में कुछ दूर सड़क नीची होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि शीघ्र इस मार्ग को सड़क के बराबर करते हुए ठीक कराया जाए।
- असुरन चौराहे के पास वाहन पार्किंग बने एवं डिवाइडर आदि को पेंट कराया जाए जिससे वाहनों के आवागमन में असुविधा न हो तथा वाहन खड़ा करने का स्थान निश्चित हो सके।
- धर्मशाला से यातायात चौराहे तक जेब्रा पट्टी बनाई जाए।
- हनुमान मंदिर से प्रेमचंद पार्क जाने वाले रोड पर बडे़-बडे़ गड्ढे हो गए हैं। मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी।
- जमुना लाल बजाज पार्क के पास बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं, यहां पैच का काम कराया जाएगा।
- बैंक रोड एडी स्कूल के आसपास तथा बक्शीपुर जाने वाले रोड पर अतिक्रमण को अतिशीघ्र हटवाया जाए।
विज्ञापन
जलभराव पर महत्वपूर्ण निर्णय
- सिंचाई विभाग द्वारा रेग्युलेटर का रखरखाव ठीक से न होने के कारण नदी का पानी शहर की तरफ आने की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि रेग्युलेटर खोलने एवं बंद करने के लिए लोहे के फाटक लगाए जाएं।
- विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महानगर में स्थित पुरानी धरोहरों जैसे पुस्तकालय एवं बसंतपुर सराय को नवजीवन प्रदान करते हुए रोजगार परक बनाने के लिए इंटेक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा कार्य कराया जाना है उसे शीघ्र कार्यवाही में लाते हुए प्रारंभ कराया जाए।
- जलनिगम द्वारा महानगर के विभिन्न स्थानों पर नगर निगम से बिना अनुमति लिए शीघ्र बनी सड़कों को खोद कर पाइप लाइन डाली गई है। वहां ढेर सारी मिट्टी सड़क पर बिखरी हुई छोड़ दिया गया है, उसे तत्काल हटाया जाए। अगर मिट्टी नहीं हटाई जाती तो जल निगम के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
- जलनिगम द्वारा अमृत योजना एवं अन्य योजना का डीपीआर बिना नगर आयुक्त के हस्ताक्षरित पत्र के शासन को न भेज कर सीधे मुख्य अभियंता जल निगम द्वारा अपने हस्ताक्षर से भेजे गए हैं। शासन में योजनाओं पर आपत्ति की गई है तथा बैठकों में यह निर्देशित किया गया है कि बिना नगर आयुक्त के हस्ताक्षर के कोई प्रोजेक्ट न भेजा जाए।