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समय सीमा समाप्त, नहीं हुआ स्थानांतरण
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 01 May 2016 07:57 PM IST
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ट्रांसपोर्ट नगर की सड़क किनारे खड़े माल वाहक ट्रक व अन्य गाड़ियां
- फोटो : mahesh kumar
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टीपीनगर को गीडा शिफ्ट करने के लिए शुरू हुई जोर-आजमाइस हर बार की तरह इस बार भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई। डीएम ओएन सिंह ने एक मई तक ट्रांसपोर्ट नगर को गीडा शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लेकिन समय सीमा समाप्त हो गई और एक भी ट्रांसपोर्टर गीडा नहीं गया। एसपी सिटी के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए दल का गठन भी नहीं हो सका।
18 अप्रैल को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में परिवहन विभाग, ट्रक यूनियन, ट्रक ऑपरेटरों और ट्रैफिक पुलिस के साथ बैठक की थी। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर को गीडा शिफ्ट करने की तिथि एक मई मुकर्रर हुई थी। इसे ट्रक यूनियन और ट्रक ऑपरेटरों ने अपनी सहमति भी दे दी थी।
ट्रांसपोर्टरों को गीडा शिफ्ट करने के लिए विगत कई सालों से प्रशासन लगा हुआ है। अधिकारियों की उदासीनता की वजह से ट्रांसपोर्ट नगर की गीडा शिफ्ट होने की समय-सीमा समाप्त हो गई। जबकि बैठक में डीएम ने सभी को स्पष्ट शब्दों ने निर्देश दिया गया था कि एक मई तक स्थानांतरण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नहीं बन सकी टीम
टीपीनगर में खाली खड़े ट्रकों और अन्य वाहनों पर कार्रवाई के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया जाना था। इसमें पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एक एआरटीओ प्रवर्तन रखा जाना था। कार्रवाई का आलम यह है कि अब तक उस टीम का गठन तक नहीं हो सका।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थानांतरण को लेकर सभी की जिम्मेदारी तय की गई थी। जिसने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी से शनिवार को ही कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
- ओएन सिंह, जिलाधिकारी
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18 अप्रैल को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में परिवहन विभाग, ट्रक यूनियन, ट्रक ऑपरेटरों और ट्रैफिक पुलिस के साथ बैठक की थी। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर को गीडा शिफ्ट करने की तिथि एक मई मुकर्रर हुई थी। इसे ट्रक यूनियन और ट्रक ऑपरेटरों ने अपनी सहमति भी दे दी थी।
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ट्रांसपोर्टरों को गीडा शिफ्ट करने के लिए विगत कई सालों से प्रशासन लगा हुआ है। अधिकारियों की उदासीनता की वजह से ट्रांसपोर्ट नगर की गीडा शिफ्ट होने की समय-सीमा समाप्त हो गई। जबकि बैठक में डीएम ने सभी को स्पष्ट शब्दों ने निर्देश दिया गया था कि एक मई तक स्थानांतरण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नहीं बन सकी टीम
टीपीनगर में खाली खड़े ट्रकों और अन्य वाहनों पर कार्रवाई के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया जाना था। इसमें पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एक एआरटीओ प्रवर्तन रखा जाना था। कार्रवाई का आलम यह है कि अब तक उस टीम का गठन तक नहीं हो सका।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थानांतरण को लेकर सभी की जिम्मेदारी तय की गई थी। जिसने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी से शनिवार को ही कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
- ओएन सिंह, जिलाधिकारी