फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Danger of encephalytis is more in malnutritional children

कुपोषित बच्चों में इंसेफेलाइटिस का ज्यादा खतरा

Thu, 07 Dec 2017 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Thu, 07 Dec 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
Danger of encephalytis is more in malnutritional children
कार्यक्रम के दौरान मुट्ठी में गोश्त नाटक का मंचन किया गया। - फोटो : Amar Ujala
कुपोषित बच्चों में इंसेफेलाइटिस का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सा क्षेत्र के विद्वानों ने गोरखपुर क्लब में हुए सेमिनार में यह जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा कमिश्नर अनिल कुमार ने इस खतरे को कम करने के लिए कुपोषण के खिलाफ चल रही योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। ‘इंसेफेलाइटिस के समूल नाश का संकल्प’ विषय पर हुए इस सेमिनार में इस रोग के सफाए के लिए जन जागरूकता पर भी जोर दिया गया।
विज्ञापन


सेमिनार की शुरुआत कमिश्नर ने दीप जलाकर की। इसके बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. वीके श्रीवास्तव ने पीजीआई लखनऊ के डॉ. यूके मिश्र का नोट पढ़ा। वह व्यस्तताओं के चलते सेमिनार में नहीं पहुंच सके थे। इसके बाद वीके श्रीवास्तव ने बीमारी से बचाव के लिए अगस्त से नवंबर के बीच फीवर ट्रैकिंग पर जोर दिया, जिससे इंसेफेलाइटिस रोगी को समय से बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छ पेयजल के उपयोग और सफाई पर जोर दिया।
विज्ञापन


डॉ. आरएन सिंह ने होलिया मॉडल (धूप के जरिये पेयजल का शोधन) अपनाने का सुझाव दिया। कहा कि शोध में यह बात साबित हो चुकी है कि प्लास्टिक की बोतल में भरा पेयजल धूप में काले फर्श या टीन की चादर पर छह घंटे रखकर जलजनित बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। आयुर्वेद, होम्योपैथ और नेचुरोपैथ के डॉक्टरों ने अपनी विधा की उन दवाइयों की जानकारी दी जो इंसेफेलाइटिस की रोकथाम में उपयोगी हैं। इन चिकित्सकों का जोर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर रहा, जिससे इंसेफेलाइटिस होने का खतरा न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


चर्चा के बाद कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा कि इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए ग्राम प्रधानों को जवाबदेह बनाया जाएगा। डॉ. जेपी द्विवेदी, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. वजाहत करीम, डॉ. अनिल श्रीवास्तव, आयोजक सर्व सेवा ट्रस्ट के संस्थापक गिरीश पांडेय आदि मौजूद रहे।

नाटक और कवि सम्मेलन भी हुआ
कार्यक्रम के दूसरे चरण में दोपहर में ‘मुट्ठी में गोश्त’ का मंचन हुआ। पूर्व प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त गिरीश पांडेय द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन कादंबरी कला परिषद के विनोद मिश्र ने किया। इसके जरिये सौहार्द की सीख दी गई। वहीं अंतिम चरण में कवि सम्मेलन हुआ। इसमें नरेश सक्सेना, सर्वेश अस्थाना, मीरा तिवारी, गिरीश पांडेय, निर्भीक, कलीम कैसर और डॉ. चेतना पांडेय ने काव्य पाठ किया।


जीएसटी पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में कवि सम्मेलन से पहले जीएसटी पर सेमिनार हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व इनकम टैक्स चीफ कमिश्नर आरपीएम त्रिपाठी रहे। सहायक आयुक्त ट्रेड टैक्स आलोक कुमार गौतम ने जीएसटी के फायदे गिनाए। वहीं सीए प्रवीन अग्रवाल और हिमांशु टिबड़ेवाल ने इससे जुड़ी परेशानियों का समाधान बताया। अध्यक्षता गिरीश पांडेय ने की। व्यापारियों ने सेमिनार में सवाल किए और जीएसटी से जुड़ी दुविधाओं का हल पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed