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साथ जलीं पति-पत्नी की चिता
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साथ जलीं पति-पत्नी की चिता
रात में पत्नी और अंत्येष्टि के वक्त सुबह पति चल बसे थे
अमर उजाला ब्यूरो
जटहां बाजार (कुशीनगर)। चिरगोड़ा गांव में सोमवार देर रात 60 वर्षीया महिला की मौत हो गई। मंगलवार को उनकी चिता सजाई जा रही थी, इसी बीच सदमे से पति की भी मौत हो गई। दोपहर बाद गंडक नदी के जटहां घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
चिरगोड़ा गांव के रेखई कुशवाहा (65) कुछ समय से बीमार थे। पत्नी दुखनी उनकी देखरेख में लगी थीं। सोमवार की रात अचानक दुखनी की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। सुबह उनके अंतिम संस्कार के लिए गांव के लोग जटहां घाट पर गए थे, जबकि बीमार रेखई घर पर ही थे। इसी बीच सुबह करीब 10 बजे तबीयत बिगड़ने पर उनकी भी मौत हो गई। घाट पर जब लोगों को जानकारी हुई तो वे सन्न रह गए। कुछ लोग घाट से लौटे और रेखई का भी शव लेकर पहुंचे। वहां दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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रात में पत्नी और अंत्येष्टि के वक्त सुबह पति चल बसे थे
अमर उजाला ब्यूरो
जटहां बाजार (कुशीनगर)। चिरगोड़ा गांव में सोमवार देर रात 60 वर्षीया महिला की मौत हो गई। मंगलवार को उनकी चिता सजाई जा रही थी, इसी बीच सदमे से पति की भी मौत हो गई। दोपहर बाद गंडक नदी के जटहां घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
चिरगोड़ा गांव के रेखई कुशवाहा (65) कुछ समय से बीमार थे। पत्नी दुखनी उनकी देखरेख में लगी थीं। सोमवार की रात अचानक दुखनी की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। सुबह उनके अंतिम संस्कार के लिए गांव के लोग जटहां घाट पर गए थे, जबकि बीमार रेखई घर पर ही थे। इसी बीच सुबह करीब 10 बजे तबीयत बिगड़ने पर उनकी भी मौत हो गई। घाट पर जब लोगों को जानकारी हुई तो वे सन्न रह गए। कुछ लोग घाट से लौटे और रेखई का भी शव लेकर पहुंचे। वहां दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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