फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   the contest was robbed

चुनाव लड़ने के लिए करता था लूट

Fri, 15 Apr 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 15 Apr 2016 01:40 AM IST
विज्ञापन
the contest was robbed
पुलिस ने घटनाओं का पर्दाफाश किया
क्राइम ब्रांच ने लूट करने वाले दो छात्रों को गिरफ्तार कर तीन घटनाओं का पर्दाफाश किया है। यूनीवर्सिटी में एमए की पढ़ाई करने वाला युवक छात्रसंघ का चुनाव लड़ने के लिए साथियों के साथ वारदात को अंजाम दे रहा था। झंगहा और गगहा में इन लोगों ने योजना के तहत परिचितों को निशाना बनाया था। वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार की शाम प्रेस कांफ्रेंस कर एसएसपी अनंत देव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 16 मार्च की रात गगहा के ढ़रसी निवासी अनिल यादव से रकहट के पास बाइक सवार बदमाशों ने लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और 1100 रुपये लूट लिए थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने बेलघाट, साऊखोर बिरपियहवा के जितेंद्र यादव, झंगहा के करौता निवासी रवि यादव को करकोलघाट पुल से बुधवार की रात गिरफ्तार किया। छानबीन में पता चला कि जितेंद्र और रवि गोरखपुर यूनीवर्सिटी में एमए के छात्र हैं। कबीर हॉस्टल में रहने वाले राहुल और झंगहा के मुंडेरा बाजार निवासी प्रदुम्मन के साथ मिलकर लूट करते थे।
विज्ञापन


जितेंद्र यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ का चुनाव लड़ने की तैयारी में था। प्रचार सामग्री के लिए रुपये की जरूरत होने पर लूट की घटना को अंजाम दे रहा था। वारदात में शामिल उसके अन्य साथी मौज - मस्ती और गर्ल फ्रेंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए साथ देते थे। इन बदमाशों ने 17 मार्च को गगहा के कौवाराम में ईट भट्ठा मालिक से हुई लूट, 21 मार्च को झंगहा के शिकारगढ़ में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अभय चंद के साथ हुई लूट करने की बात स्वीकार की। इनके कब्जे से एक तमंचा, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, नौ हजार रुपये, चार बैंक पासबुक और परमेश्वर तिवारी नाम के व्यक्ति का वोटर कार्ड मिला। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश चल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 अच्छे परिवार के हैं लूट करने वाले छात्र
पकड़े गए छात्र अच्छे परिवार से है। जितेंद्र के पिता कमिश्नर कार्यालय में काम करते हैं। रवि के परिवार में अधिकांश लोग फोर्स में हैं। जिन लोगों के साथ इन्होंने लूट की थी उसमें अधिकांश लोग परिचित थे जिनकी दिनचर्या इन्हें मालूम थी। पीपीगंज के एक व्यापारी के साथ भी इन्होंने लूट करने की योजना बनाई थी लेकिन सर्राफ के मुनीम की हत्या कर लूट की वारदात के बाद प्लान बदल दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed